झारखंड में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 10 लाख के इनामी समेत 3 नक्सलियों ने किया सरेंडर

लाइव हिन्दुस्तान, चाईबासा
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झारखंड में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। यहां 10 लाख के इनामी नक्सली समेत 3 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। 

 झारखंड में इनामी नक्सली समेत 3 ने किया सरेंडर
झारखंड में इनामी नक्सली समेत 3 ने किया सरेंडर

झारखंड में एंटी नक्सल अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली। चाईबासा पुलिस के सामने शुक्रवार को दस लाख के इनामी माओवादी व जोनल कमांडर सालूका कायम, उसकी पत्नी पिंकी और कोदोमुनी कोड़ा ने सरेंडर कर दिया। इस तरह सारंडा के जंगलों और चाईबासा से माओवादियों का पूरी तरह सफाया हो गया।

इन तीनों के हथियार डालने के बाद देशभर के भाकपा माओवादियों के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो के मुख्यालय सारंडा और चाईबासा में अब एक भी माओवादी नहीं बचा। साल भर पहले तक मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी, असीम मंडल तीनों माओवादी पोलित ब्यूरो व केंद्रीय कमेटी सदस्य चाईबासा में कैंप कर रहे थे। तकरीबन 100 सशस्त्र माओवादियों का दस्ता यहां सक्रिय था। राज्य में वर्तमान में पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में सिर्फ 11 नक्सली ही बचे हैं। केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल अपने दस्ते के सात लोगों के साथ बंगाल की तरफ निकल चुका है। इसके अलावा पलामू- चतरा इलाके में नितेश यादव, मनोहर और एक अन्य माओवादी पुलिस के रडार पर हैं, जबकि एक अन्य माओवादी राजू भूईंया भी राज्य छोड़कर भाग चुका है।

पिंकी और कोदोमुनी कोड़ा के खिलाफ दर्ज केस

सालुका के अलावा पिंकी (निवासी: ईचागोड़ा, गोईलकेरा) के खिलाफ कुल आठ मामले दर्ज हैं। पिंकी 2019 में गोईलकेरा के कुईड़ा स्थित वन विभाग के विश्रामागार को बम से उड़ाने की घटना में शामिल रही है। वहीं, 1 लाख रुपये की इनामी कोदोमुनी कोड़ा उर्फ पद्मिनी (निवासी: रेंगड़ा, टोंटो) पर पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।

दारोगा समेत कई सुरक्षाकर्मियों की हत्या का आरोपी है सालूका

सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर उर्फ मयूर उर्फ डांगिल और उसके सहयोगी दस्ता सदस्यों पिंकी व कोदोमुनी कोड़ा उर्फ पद्मिनी की तलाश बड़े माओवादी वारदातों में रही है। पश्चिमी सिंहभूम के सोनुवा थाना क्षेत्र के कुदाबुरु निवासी सालुका संगठन में जोनल कमांडर के तौर पर सक्रिय था। सालुका के खिलाफ कुल 96 मामले दर्ज हैं। गोईलकेरा, टोंटो, सोनुवा, बंदगांव और आसपास के जंगलों में चलाए गए अभियानों के दौरान दर्जनों बार सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर आईईडी धमाके किए गए, जिनमें कई जवान घायल हुए। 14 अगस्त 2023 को टोंटो के तुम्बाहाका में हुई मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के एसआई अमित तिवारी और आरक्षी गौतम कुमार शहीद हुए थे। इसके अलावा 04 मार्च 2021 को लांजी में हुए आईईडी विस्फोट में 3 जवान शहीद हुए थे। सालुका पर पुलिस मुखबिरी के आरोप में स्थानीय ग्रामीणों की हत्या करने का भी आरोप है।

Mohammad Azam

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