RIMS में बढ़ेंगी MBBS और पीजी की 250 सीटें, सरकार से मिली मंजूरी

लाइव हिन्दुस्तान, रांची
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रांची के रिम्स अस्पताल में एमबीबीएस के साथ-साथ पीजी की सीटें भी बढ़ाई जाएंगी। इसके लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब प्रति सीट पर सरकार को डेढ़ करोड़ रुपए खर्च करने होंगे।

RIMS में बढ़ेंगी MBBS और पीजी की 250 सीटें, सरकार से मिली मंजूरी

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में केंद्र प्रायोजित योजना के तहत एमबीबीएस (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी) और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की 258 सीटें बढ़ाने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रिम्स निदेशक को प्रस्ताव तैयार कर शासी परिषद की बैठक में रखने के निर्देश दिए हैं।

अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि रिम्स में यूजी सीटें 180 से बढ़ाकर 250, पीजी की सीटें 176 से बढ़ाकर 275 करने और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें 11 से 100 सीट करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए। इस पर शासी परिषद का अनुमोदन प्राप्त कर प्रस्ताव को राज्य सरकार-विभाग को भेजा जाए, ताकि इसकी समीक्षा कर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा किया जा सके।

प्रति अतिरिक्त सीट 1.5 करोड़ तक की सहायता

अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि केंद्र प्रायोजित योजना के तहत प्रत्येक सीट की बढ़ोतरी करने के लिए 1.5 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की जानी है। इसमें 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार की हिस्सेदारी है। हाल में इस योजना के तहत एमजीएमसीएच, जमशेदपुर में एमबीबीएस कोर्स में 150 सीट से बढ़ाकर 250 सीट, पीजी में 49 से बढ़ाकर 200 सीटें करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया था। एसएनएमसीएच, धनबाद में एमबीबीएस में 100 से बढ़ाकर 250 एवं पीजी में 19 से बढ़ाकर 200 सीटें करने का प्रस्ताव भेजा गया था। दोनों ही योजनाओं पर भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।

पुराने भवनों के कायाकल्प का भी प्रस्ताव

अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि इस परियोजना में पुराने भवनों का जीर्णोद्धार, जिन भवनों का जीर्णोद्धार संभव नहीं है, उसे ध्वस्त कर नया निर्माण और जरूरत के अनुसार नए भवनों के निर्माण का प्रस्ताव शामिल किया जा सकता है।

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में एमबीबीएस और पीजी की सीटों का बढ़ना राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को नई ऊंचाई प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल है। मजबूत चिकित्सा शिक्षा ही मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था की नींव है, और जब किसी निर्णय से गरीब, मरीज और छात्र का जीवन बेहतर होता है, तो वही एक जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जीत होती है।

छात्रावास निर्माण व योजना

अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि रिम्स में पूर्व से निर्मित छात्रावास का सुधार एवं रखरखाव आदि कार्य तथा नए छात्रावास की जरूरत का आकलन करते हुए उनका निर्माण पीपीपी मोड पर करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासी परिषद के एजेंडा में शामिल कर इस पर विचार किया जाए। रिम्स-2 परियोजना में निर्णय हुआ है कि छात्रावास का निर्माण सरकार द्वारा न कर इसे पीपीपी मोड पर हो।

Mohammad Azam

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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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