विश्व रिकॉर्ड! 220 जॉइंट रिप्लेसमेंट के मरीजों ने एक साथ किया ताड़ासन, 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में दर्ज

Mohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान
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राजधानी में आयोजित डॉ. दूबे गोल्डन वॉरियर वॉक के दौरान एक ऐसा अविश्वसनीय दृश्य देखने को मिला, जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस कार्यक्रम में घुटने और कूल्हे का प्रत्यारोपण (Joint Replacement) करवा चुके 220 से अधिक मरीजों ने एक साथ 'ताड़ासन' योग मुद्रा कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया।

विश्व रिकॉर्ड! 220 जॉइंट रिप्लेसमेंट के मरीजों ने एक साथ किया ताड़ासन, 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में दर्ज

गुलाबी नगरी ने एक बार फिर स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया है। राजधानी में आयोजित 'डॉ. दूबे गोल्डन वॉरियर वॉक' के दौरान एक ऐसा अविश्वसनीय दृश्य देखने को मिला, जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस कार्यक्रम में घुटने और कूल्हे का प्रत्यारोपण करवा चुके 220 से अधिक मरीजों ने एक साथ 'ताड़ासन' योग मुद्रा कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया। इस उपलब्धि को 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में दर्ज किया गया है।

क्या बोले डॉक्टर्स

कार्यक्रम के दौरान डॉ. धीरज दूबे ने कहा कि समाज में आज भी यह गलतफहमी है कि जॉइंट रिप्लेसमेंट के बाद व्यक्ति सामान्य जीवन नहीं जी सकता या योग जैसी गतिविधियां नहीं कर सकता। आज इन 220 'वॉरियर्स' ने यह साबित कर दिया है कि सर्जरी के बाद न केवल आप चल सकते हैं, बल्कि पूरी तरह फिट रहकर कठिन योग मुद्राएं भी कर सकते हैं।

उत्साह और जज्बे का संगम

वॉरियर वॉक में हिस्सा लेने वाले मरीजों की उम्र 50 से लेकर 85 वर्ष तक थी। जब इन सभी मरीजों ने एक साथ अपने हाथों को ऊपर उठाकर पंजों के बल खड़े होकर 'ताड़ासन' किया, तो वहां मौजूद दर्शक और रिकॉर्ड बुक के प्रतिनिधि दंग रह गए। मरीजों के चेहरे पर दर्द की जगह मुस्कान और आत्मविश्वास था। रिकॉर्ड दर्ज होने के बाद गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने डॉ. धीरज दूबे और उनकी टीम को प्रमाण पत्र सौंपकर इस उपलब्धि की पुष्टि की।

भ्रांतियों को दूर करने की एक अनूठी पहल

यह कार्यक्रम शैल्बी हॉस्पिटल जयपुर के वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. धीरज दूबे द्वारा आयोजित किया गया था। इस वॉक और योग सत्र का मुख्य उद्देश्य उन लोगों के मन से डर निकालना था जो जोड़ों के दर्द से परेशान तो हैं, लेकिन सर्जरी को लेकर फैली भ्रांतियों के कारण ऑपरेशन करवाने से कतराते हैं।

'दर्द में न जिएं, आधुनिक चिकित्सा अपनाएं'

डॉ. धीरज दूबे ने बताया कि कई लोग इस डर से दर्द सहते रहते हैं कि सर्जरी के बाद वे बिस्तर पर पड़ जाएंगे। 'गोल्डन वॉरियर वॉक' के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आधुनिक तकनीक और सही रिहैबिलिटेशन से मरीज सर्जरी के कुछ ही दिनों बाद अपनी दिनचर्या में वापस लौट सकता है। इस कार्यक्रम ने न केवल एक रिकॉर्ड बनाया, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण भी जगाई है जो घुटनों और जोड़ों के पुराने दर्द के कारण अपनी सक्रिय जीवनशैली खो चुके हैं। अब जयपुर का यह 'गोल्डन रिकॉर्ड' चिकित्सा जगत में साहस और रिकवरी का नया मानक बन गया है। गौरतलब है कि डॉ. धीरज दूबे अपने 20 साल के करियर में 40 हजार से अधिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी कर चुके हैं। उनकी जीरो तकनीक से मरीज की सिर्फ 20 मिनट में सर्जरी हो जाती है और कुछ ही घंटों में उनका चलना फिरना भी शुरू हो जाता है।

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मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


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परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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