
झारखंड: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 200 लड़कों के साथ ठगी, ऐसे दिया था झांसा
आरोपी ने विभिन्न जिलों से आए करीब 150 से 200 युवाओं को नौकरी का झांसा देकर लगभग एक करोड़ रुपए की ठगी की है। जिसका खुलासा जांच के दौरान सामने आया है।
रेलवे के कैंटीन में नौकरी दिलाने के नाम पर लंबे समय से चल रहे ठगी के रैकेट के मुख्य आरोपी राकेश रोशन को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी ने विभिन्न जिलों से आए करीब 150 से 200 युवाओं को नौकरी का झांसा देकर लगभग एक करोड़ रुपए की ठगी की है। जिसका खुलासा जांच के दौरान सामने आया है।
जानकारी के अनुसार आरोपी राकेश रोशन युवाओं को रेलवे के कैंटीन में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाता था। इसके लिए वह प्रत्येक उम्मीदवार से 10 हजार से 50 हजार रुपए तक की रकम रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग शुल्क के नाम पर लेता था। नौकरी की उम्मीद में कई युवाओं ने अपनी जमा पूंजी तो कई ने उधार लेकर राशि आरोपी को दी। आरोपी ने युवाओं को तीन महीने के प्रशिक्षण के लिए लगाया, जिससे उन्हें पूरा भरोसा हो गया कि उनकी नौकरी पक्की है। हालांकि तीन महीने बीतने के बाद जब उन्हें सैलरी और नियुक्ति पत्र नहीं मिला तब युवाओं को ठगी का अहसास हुआ।
लगातार टालमटोल और बहानेबाजी से नाराज होकर पीड़ित युवाओं ने अंततः नगर थाना पहुंचकर मामला दर्ज कराया। जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस उपाधीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की गई। कई स्थानों पर दबिश देने के बाद टीम ने आरोपी राकेश रोशन को गिरफ्तार कर लिया। राकेश बसंतराय थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव का रहने वाला है । पूछताछ में उसने ठगी की बात स्वीकार की है। हालांकि उसने यह भी संकेत दिया कि इस काम में उसके साथ कुछ अन्य लोग भी जुड़े हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि आरोपी ने लगभग 200 युवाओं से भारी भरकम रकम वसूली है। उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में करीब एक करोड़ रुपए की ठगी सामने आई है। मामले में अन्य संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी जारी है । पुलिस का कहना है कि रैकेट कितने समय से सक्रिय था और ठगी की गई राशि कहां-कहां खर्च की गई इन सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि आरोपी ने रिमांड के दौरान बताया कि उस पर कर्ज ज्यादा हो गया है और उसने पिछले दिनों अपने घर को भी बेच दिया था। उसी राशि को चूकता करने के इरादे से ये फर्जीवाड़ा किया था जो अब बिहार में भी शुरू करने वाला था । वहीं दूसरी ओर घटना के बाद पीड़ित युवाओं और अभिभावकों में गंभीर आक्रोश है। उनका कहना है कि बेरोजगारी का फायदा उठाकर इस तरह की ठगी करने वाले अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आम लोगों का मानना है कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी के लालच में फंसने से बचने के लिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
इमेज- एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर





