रांची में दर्दनाक हादसा! खुले नाले में बह गया ढाई साल का मासूम; मौत

Jan 21, 2026 06:48 am ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, रांची
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रांची के कांटाटोली गौस नगर गली नंबर सात में दो सगे भाई एक बड़े नाले में खेलते हुए गिर गए। डूबने से छोटे भाई ढाई वर्षीय फरहान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़े भाई साढ़े तीन वर्षीय अरहम को उसकी मां ने बचा लिया है।

रांची में दर्दनाक हादसा! खुले नाले में बह गया ढाई साल का मासूम; मौत

रांची के कांटाटोली गौस नगर गली नंबर सात में दो सगे भाई एक बड़े नाले में खेलते हुए गिर गए। डूबने से छोटे भाई ढाई वर्षीय फरहान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़े भाई साढ़े तीन वर्षीय अरहम को उसकी मां ने बचा लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सगे भाई फरहान और अरहम अपने घर से मात्र 10 मीटर दूर नाले के पास एक खाली मैदान में खेल रहे थे। खेलते हुए दोनों फिसल कर नाले में गिर गए। जानकारी मिलते ही बच्चों की मां उसे बचाने के लिए पहुंची। मां ने अरहम को तो बचा कर नाले से निकाल लिया, पर फरहान गहराई में डूब चुका था। स्थानीय लोगों की मदद से कुछ देर बार फरहान को भी नाले से निकाल आनन-फानन में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल अरहम को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।

जानकारी पाकर पहुंचे सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया। थानेदार ने बताया कि नाले में डूबने के दौरान फरहान के पेट में बड़ी मात्रा में गंदा पानी चला गया था, जो मौत की वजह हो सकती है। इधर, मासूम फरहान की मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

आग की तरह फैल गई। खबर सुनते ही महिलाएं, नौजवान, बूढ़े और बच्चे सभी फरहान के घर के पास जमा हो गए। पड़ोसी कह रहे थे कि कई बार बच्चों को नाले के करीब जाने से मना भी कर रहे थे, मगर वे नहीं माने। बच्चों के पिता अरशद से भी पड़ोसी ने शिकायत की थी कि वह बच्चों पर ध्यान दें। वे अक्सर नाले के करीब पहुंच जाते हैं। कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि मां निकहत बच्चों को हमेशा नाले के करीब जाने से रोकती थी। मगर मंगलवार को आंखों से कुछ देर के लिए ओझल हुआ और जिगर का टुकड़ा सदा के लिए माता-पिता और परिजनों से हमेशा के लिए जुदा हो गया। बेटे की मौत के बाद मां निकहत, पिता अरशद और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। बार-बार मां यही कह रहे थी कि वह कुछ देर के लिए घर नहीं जाती तो शायद उनका फरहान जिंदा होता। यह सुनकर मुहल्लेवासियों की भी आंखें भर आयीं।

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संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


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परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


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