
जमशेदपुर पर मंडरा रहा आतंकी साया? 18 स्लीपर सेल एक्टिव, पाकिस्तान से ट्रेनिंग का इनपुट
इस सूचना के बाद जांच एजेंसियों की सिफारिश पर इंटरपोल ने शहर के आजादनगर निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश तेज हो गई है। उसका भाई मोहम्मद जीशान भी इस नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता है।
जमशेदपुर में अंतरराष्ट्रीय आतंकियों के होने की सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, यहां रह रहे स्लीपर सेल से जुड़े कुछ तत्वों को पाकिस्तान में ट्रेनिंग मिली है। इस सूचना के बाद जांच एजेंसियों की सिफारिश पर इंटरपोल ने शहर के आजादनगर निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश तेज हो गई है। उसका भाई मोहम्मद जीशान भी इस नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता है। वह वर्तमान में दिल्ली की एक जेल में बंद है।
जमशेदपुर में 18 स्लीपर सेल एक्टिव
सूत्रों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों से पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि कई प्रमुख इलाकों में स्लीपर सेल सक्रिय हैं। इनमें से कम से कम 18 स्लीपर सेल जमशेदपुर में सक्रिय बताए जा रहे हैं। इनका संपर्क पाकिस्तान स्थित हैंडलर से होने की बात सामने आई है।
दिल्ली धमाके में सामने आया नाम
जांच एजेंसियों को शक है कि कुछ संदिग्ध एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी आकाओं के संपर्क में हैं और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी में हैं। मालूम हो कि दिल्ली में पााकिस्तानी नेटवर्क से जुड़े तीन लोगों की गिरफ्तारी के दौरान ही जमशेदपुर के आर्शियान का नाम सामने आया था। एसएसपी पीयूष कुमार पांडेय ने बताया कि एजेंसियों की ओर से ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है। इस तरह की बात होगी तो कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध की खोज में शहर आई थी जांच एजेंसी
सुरक्षा एजेंसियों ने आजादनगर निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान को जमशेदपुर में सक्रिय स्लीपर सेल नेटवर्क का सरगना बताया है। अर्शियान पिछले सात-आठ वर्ष से फरार है और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी सूची में शामिल है। उसकी तलाश में राष्ट्रीय जांच एजेंसी और एंटी टेररिज्म स्क्वॉयड की टीमें कई बार जमशेदपुर आ चुकी हैं, लेकिन अबतक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
दिसंबर में तीन अफगानी नागरिक पकड़े गए थे
दिसंबर में जमशेदपुर से इंटेलिजेंस ब्यूरो, दिल्ली पुलिस और झारखंड एटीएस की टीम ने अफगानी नागरिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से तीन को गोलमुरी, जबकि एक को कपाली के इस्लामनगर से पकड़ा गया था। तीनों अफगानिस्तान के काबुल के रहने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया था कि सभी के तार मोनाजिर नामक व्यक्ति से जुड़े हैं, जिसे मुंबई पुलिस ने 25 अक्तूबर को मानगो चौक स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया था।

लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
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रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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