Hindi Newsझारखंड न्यूज़100 panchayats that excel in preventing child marriage will receive a grant of Rs 2.5 lakh each
झारखंड की 100 पंचायतों को मिलेंगा 2.5-2.5 लाख का अनुदान, करना होगा ये काम?

झारखंड की 100 पंचायतों को मिलेंगा 2.5-2.5 लाख का अनुदान, करना होगा ये काम?

संक्षेप:

यह राशि पूंजीगत व्यय के रूप में दिया जाएगा। विकास आयुक्त की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास अंतर्गत चल रही कल्याणकारी योजनाओं की शुक्रवार को समीक्षा बैठक हुई थी।

Dec 07, 2025 06:18 am ISTRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड राज्य में बाल विवाह रोकथाम को लेकर हेमंत सोरेन सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंचायतों पर फोकस करेगी। वैसी 100 पंचायतें जो बाल विवाह रोकने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं, उन्हें 2.50-2.50 लाख रुपए का अनुदान सरकार देगी। यह राशि पूंजीगत व्यय के रूप में दिया जाएगा। विकास आयुक्त की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास अंतर्गत चल रही कल्याणकारी योजनाओं की शुक्रवार को समीक्षा बैठक हुई थी।

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बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित नई योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसमें बाल विवाह रोकथाम के लिए कार्यक्रम सहित मानसिक दिव्यांग व्यक्तियों, हाथ से मैला साफ करने वाले सफाई कर्मी (मैनुअल स्कैवेंजर्स) और मानव व्यापार एवं शोषण के शिकार बच्चों, किशोरियों तथा महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। उपरोक्त पहल एवं कल्याणार्थ योजनाओं के लिए कुल 40 करोड़ रुपए वार्षिक का प्रारम्भिक व्यय की संभावना व्यक्त की गई है।

हाथ से मैला साफ करने वाले सफाई कर्मी (मैनुअल स्कैवेंजर्स) के कल्याणार्थ राज्य सरकार कल्याणकारी योजना की शुरुआत करेगी। इसके लिए नोडल विभाग द्वारा उपरोक्त कर्मियों के लिए व्यापक सर्वे तथा चिन्हितीकरण का काम शुरू होगा। कल्याणकारी योजना में मैनुअल स्कैवेंजर्स के आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास, रोजगारपरक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास, स्वरोजगार तथा संतान शिक्षा के लिए अनुदान सहित उनके साथ किसी तरह की अनहोनी पर अनुदान की व्यवस्था होगी। प्रस्तावित योजना के लिए 05 करोड़ रुपए वार्षिक खर्च की संभावना है।

भारत में बाल विवाह आज भी एक गंभीर सामाजिक समस्या है। गरीबी, अशिक्षा, परंपराएं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर बने भ्रम इसके बड़े कारण हैं। कई राज्यों में अब भी 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों की शादी कर दी जाती है, जिससे उनकी शिक्षा रुक जाती है और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं। कानून मौजूद हैं, पर जागरूकता और सामाजिक बदलाव के बिना बाल विवाह पूरी तरह खत्म नहीं हो सका है।

Ratan Gupta

लेखक के बारे में

Ratan Gupta
IIMC दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद लाइव हिन्दुस्तान में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। खबरों की दुनिया के अलावा साहित्य पढ़ना, फिल्में देखना और गाने सुनना पसंद है। और पढ़ें
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