पति 15 लाख का इनामी, पत्नी 10 लाख; 3 नक्सलियों के सरेंडर के बाद 1 करोड़ वाला असीम मंडल ही बचा
भाकपा माओवादी से जुड़े कुख्यात तीन इनामी नक्सलियों ने सरेंडर कर लिया है। इनमें 15 लाख का इनामी पति और 10 लाख की इनामी पत्नी शामिल हैं। अब 1 करोड़ वाला असीम मंडल ही बचा है।

भाकपा माओवादियों के केंद्रीय कमेटी सदस्य एक करोड़ के इनामी असीम मंडल के दस्ते के तीन इनामी माओवादियों ने बंगाल पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया है। बांकुड़ा में हथियार डालने वालों में 15 लाख का इनामी पूर्वी सिंहभूम के पटमदा स्थित झुंझका गांव निवासी राम प्रसाद माड़ी उर्फ सचिन, उसकी पत्नी 10 लाख की इनामी मीता उर्फ नयनतारा और एक लाख की इनामी बुलु उर्फ गौरी शामिल हैं।
मीता पश्चिम मेदिनीपुर के नंदीग्राम स्थित सोनाचूड़ा की, जबकि गौरी सालबनी के करमसोल की रहने वाली हैं। रामप्रसाद ने पुलिस को एके-47 हथियार भी सौंपा है। रामप्रसाद, मीता और गौरी पर झारखंड में 81 मामले दर्ज हैं।
गुप्त स्थान पर हो रही पूछताछ
फिलहाल तीनों नक्सली बंगाल पुलिस के संरक्षण में हैं और गुप्त स्थान पर उनसे पूछताछ की जा रही है। बंगाल पुलिस ने इस मामले की जानकारी झारखंड पुलिस को दी है। झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से एक पुलिस टीम बंगाल भेजी गई है, जहां इन तीनों माओवादियों से पूछताछ की जाएगी।
पति 15 लाख तो पत्नी 10 लाख की इनामी
सरेंडर करने वालों की पहचान 15 लाख का इनामी राम प्रसाद माड़ी उर्फ सचिन, निवासी झुंझका, थाना पटमदा, पूर्वी सिंहभूम, उनकी पत्नी 10 लाख की इनामी मीता उर्फ नयनतारा निवासी सोनाचूड़ा, थाना नंदीग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर तथा 1 लाख का इनामी बुलु उर्फ गौरी, निवासी करमसोल, थाना सालबनी, पश्चिम मेदिनीपुर के रूप में हुई है। बीते दिनों चाईबासा के सारंडा में सुरक्षाबलों के अभियान में तेजी के बाद असीम मंडल अपने दस्ता के सदस्यों के साथ दलमा इलाके में चला गया था। तब उसके साथ रामप्रसाद मार्डी उर्फ महादेव उर्फ सचिन, मीता समेत छह माओवादी थे। वर्तमान में दो माओवादी दलमा इलाके में ही कैंप कर रहे हैं। रामप्रसाद ने एक एके 47 हथियार के साथ सरेंडर किया है।
पति-पत्नी कुख्यात वारदातों में शामिल
रीजनल कमांडर रामप्रसाद मार्डी मार्च 2026 में मनोहरपुर के मारंगपोंगा जंगल में पुलिस मुठभेड़ और आईईडी ब्लास्ट में शामिल था, जिसमें कोबरा बटालियन के जवान और अधिकारी घायल हुए थे। इसके अलावा वह साल 2020, 2023 और 2024 में हुए कई अन्य नक्सली हमलों का भी मुख्य आरोपी है। उसकी पत्नी मीता उर्फ नयनतारा उर्फ झुम्पा जोनल कमांडर रही है, 10 लाख की इनामी मीता पर अलग-अलग थानों में 19 मामले दर्ज हैं।
मीता वर्ष 2023 में टोन्टो थाना क्षेत्र के तुम्बाहाका जंगल में सुरक्षाबलों पर हुए हमले और ब्लास्ट में शामिल थी, जिसमें कोबरा टीम के 6 जवान घायल हुए थे। वह जराईकेला और घाटशिला क्षेत्रों में हुई कई हिंसक वारदातों में भी नामजद है, जबकि गौरी उर्फ बुल्लू उर्फ जोबापद सबजोनल कमेटी सदस्य रही है। उसके खिलाफ 18 मामले दर्ज किए गए हैं। गौरी अक्तूबर 2025 में जराईकेला के समठा वन क्षेत्र में हुए आईईडी विस्फोट में शामिल थी, जिसमें सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर शहीद हो गए थे। इसके अलावा नवंबर 2025 में सारंडा जंगल में हुए ब्लास्ट में भी उसका हाथ था, जहां एक खोजी कुत्ता (ट्रेंड डॉग) शहीद हुआ था।
अब 1 करोड़ का इनामी असीम मंडल ही बचा
बता दें कि बीते दिनों चाईबासा के सारंडा में सुरक्षाबलों के अभियान में तेजी के बाद असीम मंडल अपने दस्ता के सदस्यों के साथ दलमा इलाके में चला गया था। तब उसके साथ रामप्रसाद मार्डी उर्फ महादेव उर्फ सचिन, मीता समेत छह नक्सली थे। इनके सरेंडर करने के बाद अब अब असीम के साथ दो माओवादी रह गए हैं।


