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Hindi News जम्मू और कश्मीरबहुत बड़ी संख्या में नहीं बचे आतंकवादी, चूहों की तरह छिपे हैं; खोज-खोजकर मार रही जम्मू कश्मीर पुलिस

बहुत बड़ी संख्या में नहीं बचे आतंकवादी, चूहों की तरह छिपे हैं; खोज-खोजकर मार रही जम्मू कश्मीर पुलिस

आतंकवादियों ने नौ से 12 जून के बीच रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में एक तीर्थयात्री बस सहित चार स्थानों पर हमले किये, जिनमें नौ लोगों और एक सीआरपीएफ जवान की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गये।

बहुत बड़ी संख्या में नहीं बचे आतंकवादी, चूहों की तरह छिपे हैं; खोज-खोजकर मार रही जम्मू कश्मीर पुलिस
Amit Kumarभाषा,जम्मूSat, 15 Jun 2024 07:02 PM
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जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक आर.आर. स्वैन ने शनिवार को कहा कि राज्य में हाल की आतंकी घटनाएं सीमा पार बैठे आतकवादियों के आकाओं द्वारा कश्मीर में आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने के बाद अपनी गति‍‍विधियों को चालू रखने की हताशा भरी कोशिश थी। उन्होंने कहा कि दुश्मन ताकतों को नाकाम कर दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे “छलावे” में न आएं और आतंकवादियों की गतिविधि के बारे में सूचना को सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा करने से पहले उसकी जांच कर लें, ताकि “हम वहीं रहें जहां हमें होना चाहिए”।

आतंकवादियों ने नौ से 12 जून के बीच रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में एक तीर्थयात्री बस सहित चार स्थानों पर हमले किये, जिनमें नौ लोगों और एक सीआरपीएफ जवान की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गये। कठुआ में हुई मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए। प्रदेश के पुलिस प्रमुख ने कहा, “जब आप किसी खतरे या चुनौती के बारे में बात करते हैं, तो आप देखते हैं कि यह कितना गंभीर या बड़ा है। चुनौती सीमा पार से आ रही है और उन्होंने (आतंकवादियों ने) यह निर्णय लिया है कि वे इसे जारी रखेंगे।”

उन्होंने कहा, “उन्हें पता चल गया है कि (जम्मू-कश्मीर में) आतंकवाद के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं, क्योंकि कश्मीर में आतंकी ढांचे को बहुत बड़ा झटका लगा है। जिनकी रोजी-रोटी और ऐशो-आराम इसी से चलता है, वे इसे इतनी आसानी से कैसे छोड़ सकते हैं?” डीजीपी ने कहा, “आका सीमा पार बैठे हैं और अपनी दुकानें चालू रखने के लिए वे उन्हें (विदेशी भाड़े के आतंकियों को) यहां भेजते हैं।”

वह कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के सैदा सुखल गांव के दौरे से इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे, जहां मंगलवार और बुधवार को 15 घंटे से अधिक समय तक चले अभियान में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान भी शहीद हो गया। स्वैन ने जम्मू क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आनंद जैन के साथ गांव में चल रहे तलाशी अभियान के लिए तैनात पुलिस कर्मियों से बातचीत की। डीजीपी ने हीरानगर पुलिस थाने का भी दौरा किया और पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए हाल ही में हुई मुठभेड़ में उनकी भूमिका की सराहना की।

उन्होंने कहा, “जैसा कि हम देख रहे हैं, वे (आतंकवादी) बहुत बड़ी संख्या में नहीं हैं। वे चूहों की तरह हैं, लेकिन वे मौजूद हैं। उनके पास बंदूकें हैं और वे इनका इस्तेमाल निर्दोष लोगों पर कर रहे हैं।” उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि उन सभी को खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “जिस तरह से सूचना का प्रवाह (आतंकवादियों की आवाजाही के बारे में) होता है, हमारे पास ग्राम रक्षा गार्ड, पुलिस बल, सीआरपीएफ और सेना है। वे (आतंकवादी) कब तक उनके सामने टिकेंगे?”

डीजीपी ने कहा, “अतीत में उन्होंने (जम्मू क्षेत्र में आठ से 10 वर्षों तक) अराजकता फैलाने का प्रयास किया, लेकिन वे असफल रहे। उनका फिर वही हश्र होगा।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हथियार, रात में देखने में सक्षम (नाइट विजन) उपकरण, प्रशिक्षण कौशल, वाहन सहित जनशक्ति और उपकरणों को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और “हम उन्हें बेअसर कर देंगे”।

डीजीपी ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा हथियार और मादक पदार्थ गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल एक चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मुट्ठी भर लोग आतंकवाद का समर्थन कर रहे हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि वे दूसरों के लिए एक उदाहरण बन सकें ताकि कोई भी उनका समर्थन करने के बारे में कभी न सोचे। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे सूचना का प्रवाह जारी रखें, लेकिन पहले उसकी पुष्टि कर लें। उन्होंने कहा, “छलावे में न आएं। हमें वहीं होना चाहिए, जहां हमें होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि पुलिस ने अब तक हर सूचना पर प्रतिक्रिया दी है।