फोटो गैलरी

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ जम्मू और कश्मीरविधानसभा चुनाव कराने की प्रक्रिया तेज, EC ने मतदाता सूची का रिवीजन शुरू किया

विधानसभा चुनाव कराने की प्रक्रिया तेज, EC ने मतदाता सूची का रिवीजन शुरू किया

केंद्र शासित प्रदेश के प्रथम विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण करने की जरूरत है। मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति के लिए भी निर्देश दिये गये हैं।

विधानसभा चुनाव कराने की प्रक्रिया तेज, EC ने मतदाता सूची का रिवीजन शुरू किया
Amit Kumarभाषा,श्रीनगरWed, 15 Jun 2022 10:33 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की प्रक्रिया को गति देते हुए, चुनाव आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश में परिसीमन कराने के बाद मतदाता सूची में रिवीजन (पुनरीक्षण) शुरू कर दिया है और मसौदा मतदाता सूची 31 अगस्त तक तैयार की जाएगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे ने पुनरीक्षण किया और जम्मू कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को विधानसभा क्षेत्रों की नयी सीमाओं का नक्शा तैयार करने का निर्देश दिया।

केंद्र शासित प्रदेश के प्रथम विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण करने की जरूरत है। मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति के लिए भी निर्देश दिये गये हैं। क्रम संख्या को नये सिरे निर्धारित करना, परिसीमन के बाद मतदान केंद्रों का निर्धारण एवं पुनर्नामकरण 30 जून से पहले किया जाएगा। साथ ही, जिन गांवों में नये मतदान केंद्र बनाने की जरूरत है वहां मतदान केंद्रों के लिए जगह का चयन किया जाएगा।

परिसीमन के बाद, पहले के कुछ मतदान केंद्र एक से अधिक नये विधानसभा क्षेत्रों के तहत आ सकते हैं या वे पूरी तरह से अन्य क्षेत्र में स्थानांतरित किये जा सकते हैं। बूथ स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति और उपयुक्त प्रशिक्षण पांच जुलाई तक दिया जाएगा। मतदान केंद्रों का सत्यापन 25 जुलाई तक किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि मसौदा मतदाता सूची 31 अगस्त तक तैयार कर लिया जाएगा।

पिछले महीने केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर कहा था कि परिसीमन आयोग के आदेश 20 मई से प्रभावी हो जाएंगे। अधिसूचना के जरिये विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निधारण किया गया था। परिसीमन आयोग के आदेशों के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश में 90 विधानसभा सीट होगी--जम्मू संभाग में 43 और कश्मीर में 47--उनमें से नौ सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होंगी। पूर्ववर्ती विधानसभा में 87 सीट थी, जिनमें जम्मू में 37 जबकि कश्मीर में 46 और लद्दाख में चार सीट थी।