तीखा मोड़ और स्टियरिंग बेकाबू, 100 फीट गहरी खाई में कैसे गिरी यात्रियों से भरी बस; 21 की मौत

लाइव हिन्दुस्तान, जम्मू
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अधिकारियों के मुताबिक हादसे में बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसका ऊपरी हिस्सा पूरी तरह उखड़ गया जिससे बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। बस में करीब 50 यात्री सवार थे जिनमें अधिकांश अपने दैनिक कामकाज के लिए उधमपुर जा रहे थे।

तीखा मोड़ और स्टियरिंग बेकाबू, 100 फीट गहरी खाई में कैसे गिरी यात्रियों से भरी बस; 21 की मौत

सोमवार (20 अप्रैल) की सुबह जम्मू-कश्मीर में तब चीख-पुकार मच गई, जब एक यात्री बस 100 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 लोग घायल हो गए। ये हादसा तब हुआ, जब एक यात्री बस रामनगर से उधमपुर जा रही थी, तभी अचानक बस का संतुलन बिगड़ गया और बस सीधे खाई में जा गिरी। इस हादसे के बाद वहीं चीख-पुकार मच गई। जहां ये दुर्घटना हुई है, वह कनोट गांव है, जो उधमपुर जिले के तहत आता है। हालांकि, हादसे के बाद स्थानीय पुलिस, स्थानीय लोग और सेना के जवानों ने तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को ले जा रही बस जिले की रामनगर तहसील के कनोट मोड़ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस में करीब 50 यात्री सवार थे जिनमें अधिकांश अपने दैनिक कामकाज के लिए रामनगर से उधमपुर जा रहे थे।

हादसा कैसे हुआ?

अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी सड़क पर एक तीखा मोड़ आया, जहां बस चालक अपना नियंत्रण खो बैठा और बस अचानक 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी। खाई में गिरने के दौरान बस पथरीली ढलान से लुढ़कते हुए और पत्थरों से टकराते हुए नीचे वाली सड़क पर जा गिरी। अधिकारियों ने बताया कि इस वजह से यात्रियों को ज्यादा चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि घायलों को उधमपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। उधमपुर-रियासी रेंज के DIG शिव कुमार शर्मा ने भी बताया कि मोड़ पर नियंत्रण खोने के बाद बस ने नीचे वाली सड़क पर एक ऑटो-रिक्शा को भी टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार लभी लोग घायल हो गए।

केंद्रीय मंत्री ने स्थिति पर नजर रखी

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर मिंगा शेरपा से बात की और स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया, "अभी-अभी उधमपुर के डीसी मिंगा शेरपा से बात की, क्योंकि मुझे एक घंटे से भी कम समय पहले कानोट गांव में रामनगर से उधमपुर जा रही एक सार्वजनिक परिवहन बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली।"

उन्होंने कहा, "बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया है। कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। घायलों को चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल ले जाया जाएगा। गंभीर रूप से घायलों को एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था की जा रही है।" डॉ. सिंह ने लिखा, “मैं स्थानीय प्रशासन और राजिंदर शर्मा के नेतृत्व में हमारी स्थानीय कार्यकर्ताओं की टीम के साथ लगातार संपर्क में हूं।”

पीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताया है और हादसे के मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का ऐलान किया है। उन्होंने सभी घायलों को भी 50-50 हजार रुपये की सहायता कै ऐलान किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार पीएम मोदी ने इस हादसे में मृत लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। बयान में कहा गया है कि पीएम ने इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि तथा घायलों के लिए 50,000 रुपये सहायता की घोषणा की है।

राष्ट्रपति, उप राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भी जताया शोक

पीएम ने सोशल मीडिया एक्स पर भी लिखा, “जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में एक बस दुर्घटना के कारण लोगों की मौत के बारे में सुनकर दुख हुआ। मैं उन लोगों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। दुखद दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।” इनके अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना पर शोक और दुख जताया है और प्रशासन को समुचित कार्रवनाई करने और पीड़ितों की मदद करने के निर्देश दिए हैं।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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