550 करोड़ की चांदी गायब या नकली? वैष्णो देवी मंदिर मामले में कोर्ट का बड़ा ऐक्शन, मांगा रिकॉर्ड
माता वैष्णो देवी मंदिर में 550 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित नकली चांदी घोटाले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जम्मू की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अदालत ने क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड समेत 29 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।

माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में 550 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की कथित नकली चांदी के चढ़ावे के मामले में जम्मू की अदालत ने बड़ा ऐक्शल लिया है। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुनीश कुमार मन्हास की अदालत ने क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को सभी जरूरी रिकॉर्ड के साथ 29 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के वकील दीपक शर्मा की याचिका पर यह निर्देश जारी किया। दीपक शर्मा ने मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चांदी के चढ़ावे में कथित मिलावट, अदला-बदली और गबन की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में क्या है?
9 मई को दी गई शिकायत में क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वास भंग, गबन, रिकॉर्ड में हेराफेरी और कैडमियम युक्त नकली सामग्री की खरीद-बिक्री जैसे गंभीर संज्ञेय अपराधों का जिक्र है। वकील दीपक शर्मा ने आईजीपी क्राइम ब्रांच और एसएसपी क्राइम ब्रांच (इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) के समक्ष विस्तृत शिकायत दी थी, जिसमें पूरी जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। जब क्राइम ब्रांच ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो शर्मा ने कोर्ट का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर क्राइम ब्रांच ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें बताया गया कि शिकायत को प्रशासनिक रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सोमवार को स्टेटस रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान एडवोकेट दीपक शर्मा ने विस्तृत आपत्तियां दर्ज कीं। उन्होंने तर्क दिया कि शिकायत को केवल फाइलों में आगे-पीछे भेजने से संज्ञेय अपराधों पर कानूनी कार्रवाई नहीं मानी जा सकती। क्राइम ब्रांच खुद एक नोटिफाइड पुलिस स्टेशन है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत शिकायत पर सीधे कार्रवाई करने की जिम्मेदारी उसकी है। दीपक शर्मा ने यह भी कहा कि स्टेटस रिपोर्ट में सबूत सुरक्षित करने के कोई कदम नहीं बताए गए, जैसे- इन्वेंट्री रजिस्टर, स्टॉक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, ट्रांसपोर्ट दस्तावेज, एस्से रिपोर्ट, मिंट पत्राचार और प्रसाद की प्राप्ति, भंडारण, परिवहन, परीक्षण व पिघलाने से जुड़े सभी रिकॉर्ड।
विवाद की वजह क्या है?
दरअसल, मामला तब सुर्खियों में आया जब पता चला कि मंदिर में जमा लगभग 20 टन चांदी (मूल्य करीब 550 करोड़ रुपये) को टेस्टिंग, मेल्टिंग और प्रोसेसिंग के लिए भेजा गया। जांच में मात्र 5-6 प्रतिशत ही असली चांदी निकली, जबकि बाकी हिस्सा नकली पाया गया, जिसमें कैडमियम, लोहा और अन्य घटिया धातुएं मिलीं। वकील दीपक शर्मा ने जांच की मांग की है कि क्या भक्तों को ज्वैलर्स ने नकली चांदी बेची या असली चढ़ावा बाद में बदला, पतला, चुराया या गलत इस्तेमाल किया गया।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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