
मकसद भुला दिया गया; उमर अब्दुल्ला के खिलाफ पार्टी के सांसदों ने ही खोला मोर्चा
श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रूहुल्लाह ने रविवार को उमर पर भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार के प्रति नरम रुख अपनाने और केंद्र-शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल कराने का लक्ष्य भूल जाने का आरोप लगाया।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का उनकी ही पार्टी में विरोध होना शुरू हो गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस से लोकसभा सांसद आगा रूहुल्लाह ने रविवार को उमर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार के प्रति नरम रुख अपनाने और केंद्र-शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल कराने का लक्ष्य भूल जाने का आरोप लगाया। श्रीनगर सांसद ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के पहले लड़ाई लोगों के अधिकारों और राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए थी, लेकिन अब उस लड़ाई को भुला दिया गया है।

रुहुल्लाह ने अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री उमर पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर मकसद दिल्ली में सत्ता प्रतिष्ठान के साथ संबंध सामान्य करने का ही था, तो उन्हें चुनाव के दौरान साफ-साफ लोगों से यह कह देना चाहिए था। उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कहूंगा कि सामान्य शासन में एक साल में सब कुछ हो सकता है, लेकिन जो हो सकता था, वह नहीं हुआ। अब पार्टी के लिए आत्मचिंतन का समय है।”
श्रीनगर सांसद ने कहा, "मुझे हैरत हुई, जब (उमर अब्दुल्ला की ओर से) यह कहा गया कि वह दबाव में नहीं आएंगे। यह मेरे लिए चौंकाने वाला था। 2019 के बाद, उन्हें (लोगों को) अपनी आवाज उठाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि वोट के माध्यम से वे एक ऐसी सरकार चुनेंगे, जो उनकी बात सुनेगी... लेकिन वही शासक कहता है कि वह लोगों के दबाव में नहीं आएगा।”
अनंतनाग-राजौरी के सांसद ने भी साधा निशाना
श्रीनगर सांसद के अलावा अनंतनाग राजौरी से सांसद मियां अल्ताफ अहमद लारवी ने भी उमर के खिलाफ तल्ख रवैया अपनाया। उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने के बाद प्रदेश में किसी भी तरह का राजनीतिक या प्रशासनिक विकास नहीं हुआ है। लारवी ने खुले तौर पर उमर अब्दुल्ला पर हमला बोलते हुए कहा, "मुख्यमंत्री को बयानबाजी की जगह पर आत्मचिंतन पर ध्यान देना चाहिए। अगर मैं कहूं कि उमर साहब बिल्कुल सही रास्ते पर हैं, तो यह उन्हें धोखा देने जैसा होगा। उन्हें सोच समझकर बोलना चाहिए।"
रूहुल्लाह ने उमर पर छात्रों की मांग को अहंकारपूर्ण तरीके से लेने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से भाजपा के साथ भी ऐसा ही रुख अपनाने को कहा। गौरतलब है कि श्रीनगर और अनंतनाग राजौरी के सांसदों का यह रुख आरक्षण के खिलाफ उमर अब्दुल्ला के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह लोगों के दबाव में नहीं झुकेंगे। पिछले कुछ समय से लगातार इन सांसदों की तरफ से उमर सरकार की आलोचना की जाती रही है।

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Upendra Thapakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




