खामेनेई के लिए भारत में शोक, हत्या के विरोध में चिनाब घाटी में आंशिक हड़ताल

Mar 02, 2026 08:03 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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इजरायली हमलों में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के लिए भारत में भी शोक की लहर दौड़ रही है। भारत के शिया समुदाय ने कई जगहों पर उनकी याद में आंशिक हड़ताल रखी। कश्मीर से लेकर दक्षिण भारत तक लोगों ने उनको याद किया।

खामेनेई के लिए भारत में शोक, हत्या के विरोध में चिनाब घाटी में आंशिक हड़ताल

इजरायली और अमेरिकी हमले में मारे गए ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई को लेकर भारत में भी बड़े स्तर पर शोक मनाया जा रहा है। इसी क्रम में चिनाब घाटी के किश्तवार और डोडा जिलों में सोमवार को आंशिक हड़ताल रही, जहां लोगों के समूहों ने अमेरिकी-इजराइली सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

अधिकारियों ने बताया कि पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण बनी रही और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। धार्मिक नेताओं के आह्वान पर किश्तवार और डोडा जिला मुख्यालयों और अन्य प्रमुख शहरों में ज्यादातर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। जामिया मस्जिद किश्तवार के इमाम मौलवी फारूक अहमद कचलू ने भी एक रैली का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए।

अधिकारियों ने बताया किश्तवार के बौंजवा, द्राबशाल और चतरू तथा डोडा के गंडोह और भदेरवाह से भी हड़ताल और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की खबरें हैं।

चिनाब घाटी क्षेत्र में आने वाले रामबन जिले में शिया लोगों ने दूसरे दिन भी चंदरकोट में विशेष प्रार्थनाओं का आयोजन किया, ताकि खामेनेई और अमेरिका-इजराइल हमलों में जान गंवाने वाले अन्य लोगों को श्रद्धांजलि दी जा सके। राजौरी और पुंछ जिलों में भी मुस्लिम समुदाय ने ईरानी नेता की मौत के विरोध में प्रदर्शन किए। इस बीच कई मुस्लिम संगठनों ने मंगलवार को राजौरी बंद का आह्वान किया है। राजौरी स्थित इस्लामिक वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष शफकत मीर ने कहा, "वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है और अमेरिका तथा इजराइल ने ईरान को सीधे निशाना बनाकर और सर्वोच्च नेता की हत्या कर मानवता की सभी सीमाएं पार कर दी हैं।"

आपको बता दें, 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई थी। खामेनेई केवल ईरान के सुप्रीम लीडर नहीं बल्कि पूरी दुनिया के शिया समुदाय के भी नेता थे। ऐसे में भारत समेत दुनिया के कई देशों में उनके निधन पर शोक मनाया जा रहा है। कल रविवार के दिन जब ईरान ने खामेनेई की मौत की पुष्टि की तो उसके बाद कश्मीर से लेकर दक्षिण भारत तक बड़ी संख्या में लोगों ने घरों से निकलकर शोक प्रकट किया।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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