बारामुला और उरी में सेना ने चलाया बड़ा ऑपरेशन, बौखलाए आतंकियों ने चलाईं गोलियां; मुठभेड़ जारी
- खुफिया इनपुट्स के बाद सेना ने उरी और बारामुला में एलओसी के पास सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बाद आतंकियों ने फायरिंग की। जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ जारी है।

जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में आतंकियों की घुसपैठ नाकाम करने के बाद अब सेना ने बारामुला और उरी में सर्च ऑपरेशन लॉन्च कर दिया है। चिनार कॉर्प्स ने बताया है कि खुफिया इनपुट्स से एलओसी से सटे इलाके में घुसपैठ की कोशिश की जानकारी मिली थी। इसके बाद सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस इलाके पर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया है। संदिग्ध गतिविधियों का पता चलने के बाद जब सुरक्षाबलों ने ललकारा तो आतंकियों ने फायरिंग भी शुरू कर दी। सुरक्षाबल आतंकियों की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले घुसपैठिए एलओसी के कमलकोट इलाके में घुसने के फिराक में थे। सेना को खुफिया इनपुट्स से इसकी जानकारी मिल गई थी। सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मार गिराया। 18 अक्टूबर को शोपियां में आतंकियों ने एक गैर कश्मीरी को निशाना बनाया था। यहां आतंकियों ने गोली मारकर युवक की हत्या कर दी थी।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ बड़े अभियान के बाद बौखलाए आतंकवादी अब टारगेट किलिंग को हथियार बना रहे हैं। पिछले साल कश्मीर में कई जगहों पर गैर कश्मीरियों को मारा गया था। पुलवामा, पुंछ और अनंतनाग में कई लोगों को आतंकियों ने छिपकर मार दिया था। वहीं फरवरी के महीने में हब्बा कदल इलाके में सिख समादाय को दो लोगों कीहत्या करदी गई थी। बीते साल फरवरी में पुलवामा में ही कश्मीरी पंडित संजय शर्मा की हत्या कर दी गई थी।
वहीं इस बार जब केंद्र में एनडीए ने सरकार बनाई तो जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले एक बार फिर तेज हुए। हालांकि सुरक्षाबलों ने आतंकियों पर शिकंजा कस दिया। उन्हें स्थानीय लोगों से अब मदद मिलनी भी बहुत कम हो गई है। ऐसे में उन्हें जान बचाकर या तो भागना पड़ा या फिर वे सुरक्षाबलों केसाथ मुठभेड़ में मारे गए। कश्मीर में आतंकियों की कम होती संख्या पाकिस्तान में बैठे आतंक के सरगनाओं को बर्दाश्त नहीं है। ऐसे में वे लगातार घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं।
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Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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