कश्मीर के अनंतनाग में 2 जगहों पर फटे बादल, पहलगाम और शंगुस में अचानक आई बाढ़; कई होटल जलमग्न
जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। प्रभावित दोनों स्थानों पर स्थिति का जायजा लेने और स्थिति पर नजर रखने के लिए निगरानी व बचाव टीमों को तैनात किया गया है।

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में शनिवार देर शाम प्रकृति का भीषण रूप देखने को मिला। एक घंटे के भीतर दो अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने (Cloudburst) की घटनाएं सामने आईं। इसके कारण शंगुस और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में अचानक बाढ़आ गई। बाढ़ के पानी ने कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचाया है और कई रिहायशी इलाकों सहित होटलों व रिसॉर्ट्स को जलमग्न कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, राहत की बात यह है कि इन दोनों हादसों में अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि बादल फटने की पहली घटना शंगुस के चटरगुल के ऊपरी इलाकों में हुई। इसके बाद वहां से बहने वाले आरीपथ नाले का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया। बाढ़ का पानी अपने साथ भारी मात्रा में कीचड़, पत्थर और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और देखते ही देखते पास के रिहायशी इलाकों, धान के खेतों और फलों के बागों में घुस गया। मलबे के कारण खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं।
पहलगाम में होटलों में घुसा पानी, पर्यटकों में दहशत
इस घटना के करीब एक घंटे बाद पहलगाम स्थित ओवेरा वन्यजीव अभयारण्य में दूसरा बादल फटा। इसके प्रभाव से ओवेरा नाले में पानी का अचानक भयंकर उछाल आया। नाले का पानी उफान पर होने के कारण आसपास बनी कई झोपड़ियों और होटलों के परिसरों के भीतर तक घुस गया, जिससे पूरे इलाके में अचानक अफरा-तफरी और पर्यटकों के बीच दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित नदी के पास स्थित एक होटल में ठहरे सभी पर्यटक पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उन्हें समय रहते सतर्क कर दिया गया था।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। प्रभावित दोनों स्थानों पर स्थिति का जायजा लेने और स्थिति पर नजर रखने के लिए निगरानी व बचाव टीमों को तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने बताया, "फिलहाल किसी भी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। दोनों प्रभावित क्षेत्रों में संपत्ति और फसलों को हुए नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है।"
क्षेत्र में खराब मौसम और नदियों के उफान को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और यहां आए पर्यटकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों और जल निकायों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। विशेष रूप से आरीपथ और ओवेरा नाले के पास जाने से पूरी तरह बचें और मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
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