Hindi Newsजम्मू और कश्मीर न्यूज़CBI arrests Srinagar resident in Rubaiya Sayeed kidnapping case after 36 Years
मुफ्ती की बेटी रूबैया सईद किडनैपिंग का 'पैसे वाला' 36 साल बाद गिरफ्तार, कौन है शफात अहमद?

मुफ्ती की बेटी रूबैया सईद किडनैपिंग का 'पैसे वाला' 36 साल बाद गिरफ्तार, कौन है शफात अहमद?

संक्षेप:

रुबैया सईद का अपहरण 8 दिसंबर 1989 को श्रीनगर में हुआ था। यह घटना उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के वीपी सिंह सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री बनने के मात्र 6 दिन बाद हुई थी। जेकेएलएफ ने अपहरण की जिम्मेदारी कुछ ही घंटों में एक स्थानीय अखबार को फोन करके स्वीकार कर ली थी।

Dec 01, 2025 10:55 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 1989 में पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण मामले में श्रीनगर के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान निशात इलाके के निवासी शफात अहमद के रूप में हुई है। उसे इस हाई-प्रोफाइल अपहरण कांड में कथित संलिप्तता के लिए हिरासत में लिया गया है।

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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि शफात अहमद प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) का सक्रिय सदस्य था और संगठन के वित्तीय मामलों का प्रबंधन करता था। उसके सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उसे श्रीनगर के निशात स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया।

गौरतलब है कि उस समय मेडिकल इंटर्न रहीं रुबैया सईद का अपहरण 8 दिसंबर 1989 को श्रीनगर में हुआ था। यह घटना उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के वीपी सिंह सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री बनने के मात्र 6 दिन बाद हुई थी। जेकेएलएफ ने अपहरण की जिम्मेदारी कुछ ही घंटों में एक स्थानीय अखबार को फोन करके स्वीकार कर ली थी। केंद्र सरकार द्वारा जेल में बंद पांच आतंकवादियों को रिहा करने की सहमति के बाद रुबैया को ठीक पांच दिन बाद छोड़ दिया गया था।

बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। रुबैया सईद इस मामले में अभियोजन पक्ष की मुख्य गवाह हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने जम्मू की विशेष टाडा अदालत में जेल में बंद जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक सहित चार लोगों की अपने अपहरणकर्ताओं के रूप में औपचारिक पहचान की थी।

56 वर्षीय यासीन मलिक को पिछले साल मई महीने में एनआईए की विशेष अदालत ने आतंकी फंडिंग मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। रुबैया अपहरण मामले में विशेष अदालत पहले ही यासीन मलिक और 9 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर चुकी है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap
देवेन्द्र कश्यप, लाइव हिंदुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर। पटना से पत्रकारिता की शुरुआत। महुआ न्यूज, जी न्यूज, ईनाडु इंडिया, राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे बड़े संस्थानों में काम किया। करीब 11 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत। MCU भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई। पटना व‍िश्‍वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क पर सेवा दे रहे हैं। और पढ़ें

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