खामेनेई के आदेश पर खोलेंगे होर्मुज, न कि ‘इडियट’ के कहने पर; ईरान का ट्रंप पर तीखा वार
आम तौर पर दूतावास और राजनयिक मिशन इस तरह की अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल से बचते हैं, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते सैन्य तनाव और अमेरिका की नौसैनिक घेराबंदी ने ईरान के रुख को और अधिक आक्रामक बना दिया है।

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा कूटनीतिक विवाद अब व्यक्तिगत हमलों और सोशल मीडिया वॉर में बदल गया है। दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने एक वायरल समुद्री ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इडियट (मूर्ख) करार दिया है। इस तीखे हमले ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत एक वायरल वीडियो और ऑडियो क्लिप से हुई, जो कथित तौर पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना और समुद्र में मौजूद जहाजों के बीच रेडियो संचार की है। इस रिकॉर्डिंग में ईरानी नौसेना का एक अधिकारी इडियट शब्द का इस्तेमाल करता सुनाई दे रहा है। शुरुआत में सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि ईरानी अधिकारी ने अपने ही विदेश मंत्री के लिए इस शब्द का प्रयोग किया है।
ईरानी दूतावास का तीखा पलटवार
इन दावों को खारिज करते हुए दक्षिण अफ्रीका में ईरानी मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद कड़ा और सीधा पोस्ट किया। दूतावास ने लिखा, "ओ बेवकूफ, उसका मतलब तुम्हारे 'इडियट' राष्ट्रपति ट्रंप से था। बस गूगल पर 'इडियट' सर्च करके देख लो, तुम्हें समझ आ जाएगा कि वह कौन है।" दूतावास का यह बयान सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाता है, जो अक्सर सोशल मीडिया के जरिए अपनी विदेश नीति और घोषणाएं साझा करते रहते हैं।
ऑडियो क्लिप में क्या था?
मैरीटाइम चैनल 16 पर प्रसारित इस रेडियो संदेश में IRGC नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों को सख्त चेतावनी दी थी। संदेश में कहा गया, "यह चैनल 16 पर ईरानी सिपह नौसेना की कॉल है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी बंद है। हम इसे हमारे इमाम खामेनेई के आदेश पर खोलेंगे, न कि किसी 'इडियट' के ट्वीट्स के आधार पर।"
यह संदेश स्पष्ट रूप से राष्ट्रपति ट्रंप के उन हालिया ट्वीट्स और बयानों पर कटाक्ष था, जिनमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूरी तरह खुले होने का दावा किया था।
आम तौर पर दूतावास और राजनयिक मिशन इस तरह की अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल से बचते हैं, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते सैन्य तनाव और अमेरिका की नौसैनिक घेराबंदी ने ईरान के रुख को और अधिक आक्रामक बना दिया है। ईरान का यह हमला दर्शाता है कि वह कूटनीतिक मेज के साथ-साथ नैरेटिव की लड़ाई में भी पीछे नहीं हटना चाहता।
इस निजी हमले के बाद फिलहाल वाइट हाउस या राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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