नेस्तनाबूद कर देंगे, अफगानिस्तान से युद्ध पर ही तुले हैं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ?

Feb 27, 2026 09:41 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि जो भी हमला करेगा उसे नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। बता दें कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और दो प्रांतों में हवाई हमले किए हैं। इसके बाद तनाव काफी बढ़ गया है। 

नेस्तनाबूद कर देंगे, अफगानिस्तान से युद्ध पर ही तुले हैं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ?

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध जैसा माहौल बन गया है। पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक का बदल लेने के लिए अफगानिस्तान ने डूरंड लाइन के इलाके में हमला किया तो पाकिस्तान ने सीधा राजधानी काबुल को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने काबुल की 12 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। वहीं अफगानिस्तान ने इसे आतंकी हमला बताया है। अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना हमलावरों को नेस्तनाबूत करने में सक्षम है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, हमारी सेनाओं के पास हमलावरों को कुचलने की ताकत है। इस स्थिति में पूरा देश सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। वहीं अफगानिस्तान ने कहा है कि पाकिस्तान ने शुक्रवार तड़के काबुल औऱ दो अन्य प्रांतों में हवाई हले किए हैं। ऐसे में अब कतर की मध्यस्थता में कराया गया युद्धविराम कमजोर हो गया है।

काबुल में तीन विस्फोट

काबुल में कम से कम तीन विस्फोटों की आवाज सुनी गई, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राजधानी में हमले कहां हुए और इनमें किसी के हताहत होने की जानकारी भी तुरंत नहीं मिल सकी। सरकारी प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तान ने दक्षिण में कंधार और दक्षिण-पूर्वी प्रांत पकतिया में भी हवाई हमले किए।

पाक ने अफगानिस्तान पर लगाए बिना उकसावे के हमले के आरोप

मुजाहिद ने बृहस्पतिवार रात 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पाकिस्तानी सेना के बार-बार विद्रोह और हमलों के जवाब में डूरंड रेखा के पास स्थित पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और प्रतिष्ठानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए।'' अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि जवाबी हमले सीमा से लगे छह प्रांतों में किए गए। दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड रेखा कहा जाता है, जिसे अफगानिस्तान औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता।

यूएन ने भी संघर्ष पर जताई चिंता

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने सीमा पार झड़पों की खबरों पर चिंता जताई। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव ने दोनों पक्षों से मतभेदों को कूटनीति के जरिए सुलझाने की अपील की है। दोनों देशों ने हताहतों के अलग-अलग आंकड़े दिए। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें से कुछ के शव अफगानिस्तान ले जाए गए, जबकि ''कई सैनिकों को जिंदा पकड़ लिया गया।'' मंत्रालय के अनुसार, अफगानिस्तान के आठ सैनिक मारे गए और 11 घायल हुए।

दूसरी ओर पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि पाकिस्तान के दो सैनिक मारे गए और तीन घायल हुए हैं, जबकि 36 अफगान लड़ाके मारे गए। पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। अक्टूबर में सीमा पर हुई झड़पों में सैनिकों, नागरिकों और संदिग्ध आतंकियों की मौत हुई थी। हालांकि, कतर की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम काफी हद तक लागू रहा लेकिन सीमा पर बीच-बीच में गोलीबारी होती रही है। नवंबर में हुई कई दौर की शांति वार्ताएं भी किसी औपचारिक समझौते पर नहीं पहुंच सकीं।

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पाकिस्तान हाल के वर्षों में बढ़ती चरमपंथी हिंसा के लिए तहरीक-ए-पाकिस्तान (टीटीपी) और प्रतिबंधित बलूच अलगाववादी संगठनों को जिम्मेदार ठहराता है। टीटीपी, अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन उसका उससे करीबी संबंध माना जाता है। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी अफगानिस्तान की सरजमीं से काम करता है, हालांकि काबुल और यह संगठन दोनों इस आरोप से इनकार करते हैं।

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विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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