दक्षिण चीन सागर में US की फजीहत, 30 मिनट के अंदर दो विमान क्रैश; वापस लौटा एयरक्राफ्ट निमित्ज
संक्षेप: नौसेना की पैसिफिक फ्लीट के अनुसार, निमित्ज वाशिंगटन राज्य के नेवल बेस की ओर प्रस्थान कर रहा है। 1975 में कमीशन किया गया यह विमानवाहक पोत द्वितीय विश्व युद्ध के प्रशांत फ्लीट कमांडर चेस्टर डब्ल्यू निमित्ज के नाम पर रखा गया है।
संवेदनशील दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी नौसेना के दो विमानों का मात्र 30 मिनट के फासले पर दुर्घटनाग्रस्त होना एक ऐसी घटना है, जो न केवल सैन्य सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि क्षेत्रीय तनावों के बीच अमेरिका की नौसैनिक क्षमताओं को भी चुनौती दे रही है। दरअसल विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने परमाणु-संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक है। इस पर तैनात एक लड़ाकू विमान और एक हेलीकॉप्टर, दोनों ही 30 मिनट के अंतराल पर दक्षिण चीन सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। इस घटना के बाद हुई फजीहत के बीच अब यह एयरक्राफ्ट अपनी अंतिम तैनाती को समाप्त कर वाशिंगटन राज्य की नेवल बेस किटसैप की ओर लौट रहा है।

अमेरिकी नौसेना की पैसिफिक फ्लीट ने रविवार दोपहर को एक बयान जारी कर बताया कि स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:45 बजे, यूएसएस निमित्ज से उड़ान भरने वाला एक एमएच-60 आर सीहॉक हेलीकॉप्टर दक्षिण चीन सागर के जल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके ठीक 30 मिनट बाद, दोपहर 3:15 बजे, एक एफ/ए-18 एफ सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट भी रूटीन उड़ान के दौरान समुद्र में गिर गया।
US नेवी ने बयान में कहा कि एमएच-60आर सी हॉक हेलीकॉप्टर के चालक दल के तीन सदस्यों को रविवार दोपहर बचा लिया गया, और एफ/ए-18एफ सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान में सवार दो पायलट विमान से बाहर निकल गए और उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। बयान के अनुसार पांचों ‘सुरक्षित और स्थिर स्थिति में हैं’। बयान में कहा गया है कि दोनों दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स में कोई दुश्मन कार्रवाई या बाहरी हस्तक्षेप का संकेत नहीं मिला है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एयर फोर्स वन पर सवार होकर टोक्यो की यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में इन घटनाओं पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "यह असामान्य है, लेकिन बुरे ईंधन (बैड फ्यूल) के कारण हो सकता है। कोई छिपाने की बात नहीं है, और न ही कोई दुश्मनी का हाथ।" ट्रंप ने जोर देकर कहा कि जांच जल्द ही स्पष्ट कर देगी कि क्या हुआ। उनकी यह टिप्पणी एशिया यात्रा के दौरान आई, जब वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की तैयारी कर रहे हैं, जहां दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के जवाब में अमेरिका की प्रतिक्रिया के तहत गर्मियों के अधिकांश समय पश्चिम एशिया में तैनात रहने के बाद, यूएसएस निमित्ज वाशिंगटन राज्य में नौसेना के बेस किट्सैप में अपने गृह बंदरगाह पर लौट रहा है। यह वाहक सेवामुक्त होने से पहले अपनी अंतिम तैनाती पर है।
एक अन्य विमानवाहक पोत, यूएसएस हैरी एस. ट्रूमैन, हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में तैनात रहने के दौरान कई दुर्घटनाओं का शिकार हुआ है। दिसंबर में, निर्देशित मिसाइल क्रूजर यूएसएस गेटिसबर्ग ने गलती से ट्रूमैन के एक एफ/ए-18 जेट को मार गिराया था। फिर, अप्रैल में, एक और एफ/ए-18 लड़ाकू विमान ट्रूमैन के हैंगर डेक से फिसलकर लाल सागर में गिर गया था।
और मई में, लाल सागर में विमान वाहक पोत पर उतर रहा एक एफ/ए लड़ाकू विमान, उतर रहे विमानों को रोकने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले स्टील के तारों को पकड़ने में विफल रहने के बाद, पानी में गिर गया और उसके दो पायलटों को बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। इनमें से किसी भी दुर्घटना में किसी भी कर्मी की मौत नहीं हुई। इन घटनाओं की जांच के परिणाम अभी तक जारी नहीं किए गए हैं।

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