Hindi Newsविदेश न्यूज़Why US defence secretary Pete Hegseth summons military leaders to mystery meeting
अब किस देश पर हमला करने जा रहा US? दुनिया भर से सैकड़ों जनरलों की रहस्यमयी बैठक बुलाई

अब किस देश पर हमला करने जा रहा US? दुनिया भर से सैकड़ों जनरलों की रहस्यमयी बैठक बुलाई

संक्षेप:

लगभग 800 जनरल और एडमिरल हैं, जो अमेरिका और दुनिया भर में फैले हुए हैं। इतने बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत रूप से बैठक बुलाना अत्यंत असामान्य है, क्योंकि सामान्यतः ऐसी चर्चाएं सुरक्षित वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होती हैं।

Fri, 26 Sep 2025 06:24 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, वाशिंगटन
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अमेरिकी रक्षा विभाग ने एक असामान्य और गोपनीय बैठक की घोषणा की है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दुनिया भर से सैकड़ों जनरलों और एडमिरलों को वर्जीनिया के क्वांटिको स्थित मरीन कोर बेस पर अगले सप्ताह इकट्ठा होने का आदेश दिया है। इस बैठक का उद्देश्य अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है, जिससे सैन्य हलकों में भ्रम और चिंता की स्थिति पैदा हो गई है। पेंटागन के प्रवक्ता ने केवल इतना कहा है कि "युद्ध सचिव अपने वरिष्ठ सैन्य नेताओं को अगले सप्ताह की शुरुआत में संबोधित करेंगे।" कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अमेरिका किसी देश पर हमला करने की तैयारी में है?

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इस बैठक की जानकारी गुरुवार को अमेरिकी मीडिया में पहली बार सामने आई, जब वाशिंगटन पोस्ट ने रिपोर्ट किया कि हेगसेथ ने छोटे नोटिस पर इस बड़े पैमाने की सभा बुलाई है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने पुष्टि की, लेकिन कोई अतिरिक्त विवरण नहीं दिया। यह घटना ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में सैन्य नेतृत्व में व्यापक परिवर्तनों के संदर्भ में हो रही है, जहां इस साल कई वरिष्ठ अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है।

और क्या हो सकते हैं संभावित कारण?

अमेरिकी सेना में लगभग 800 जनरल और एडमिरल हैं, जो अमेरिका और दुनिया भर में फैले हुए हैं। इतने बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत रूप से बैठक बुलाना अत्यंत असामान्य है, क्योंकि सामान्यतः ऐसी चर्चाएं सुरक्षित वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी सभा का आयोजन लॉजिस्टिक चुनौतियों से भरा होता है, खासकर जब कई अधिकारी विदेशी मिशनों पर तैनात हों।

सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि बैठक के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं-

वरिष्ठ अधिकारियों में कटौती: हेगसेथ ने मई में चार-स्टार जनरलों में 20% और सभी जनरल व फ्लैग अधिकारियों में 10% की कटौती का आदेश दिया था। कुछ स्रोतों का अनुमान है कि यह बैठक उन अधिकारियों की सूची जारी करने या उन्हें सूचित करने के लिए हो सकती है जिन्हें पद से हटाया जाएगा।

राष्ट्रीय रक्षा रणनीति का खुलासा: चार साल में एक बार जारी होने वाली नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी का अनावरण हो सकता है, जिसमें इस बार अमेरिकी मातृभूमि की रक्षा पर अधिक जोर दिया जाएगा।

सैन्य सुधार और पुनर्गठन: ट्रंप प्रशासन ने रक्षा विभाग को "युद्ध विभाग" नाम दिया है (हालांकि कांग्रेस की मंजूरी बाकी है), और हेगसेथ ने सैन्य मुख्यालयों को मिलाने की योजना पर काम शुरू किया है, जैसे यूरोपीय कमांड और अफ्रीकी कमांड का एकीकरण।

बजट और शटडाउन का संकट: 1 अक्टूबर को संभावित सरकारी शटडाउन के बीच, सैन्य वेतन विलंबित हो सकता है, हालांकि अधिकारी ड्यूटी पर रहेंगे। बैठक इस मुद्दे पर चर्चा के लिए भी हो सकती है।

सैन्य नेतृत्व में हालिया उथल-पुथल

यह बैठक ट्रंप प्रशासन के सैन्य नेतृत्व पर "पुनर्कल्पना" अभियान के बीच आ रही है। हेगसेथ ने इस साल दर्जनों वरिष्ठ अधिकारियों को बर्खास्त किया है, जिनमें कई महिलाएं और अश्वेत अधिकारी शामिल हैं। प्रमुख बर्खास्तगियों में शामिल हैं:

- संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल चार्ल्स क्यू. ब्राउन जूनियर (अश्वेत),

- नौसेना की पहली महिला कमांडर एडमिरल लिसा फ्रैंचेटी,

- नाटो सैन्य समिति के अमेरिकी प्रतिनिधि वाइस एडमिरल शोशाना चैटफील्ड,

- वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डेविड डब्ल्यू. ऑल्विन,

- डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जेफरी ए. क्रूज।

हेगसेथ ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि सैन्य के वरिष्ठ अधिकारियों का एक तिहाई हिस्सा "राजनीतिकरण" में शामिल है, जिसे वे समाप्त करना चाहते हैं। प्रोजेक्ट ऑन गवर्नमेंट ओवरसाइट के ग्रेग विलियम्स ने इसे "अभूतपूर्व" बताया, जबकि सेंटर फॉर डिफेंस इंफॉर्मेशन के निदेशक ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर सभा का कोई हालिया उदाहरण नहीं है।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar
अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें

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