बांग्लादेश छोड़कर क्यों भाग रहे मोहम्मद यूनुस के करीबी? आखिर किस बात का है डर
शेख हसीना की सरकार को भ्रष्टाचार के नाम पर चले आंदोलन के चलते अपदस्थ होना पड़ा था। फिर ईमानदार सरकार के नाम पर मोहम्मद यूनुस कमान संभाल रहे थे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि उनकी ईमानदार सरकार के सलाहकार देश छोड़कर क्यों निकल रहे हैं। आइए जानते हैं, क्या है पूरा मामला…

बांग्लादेश में तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले हैं। बांग्लादेश के आम चुनाव में उनकी पार्टी बीएनपी को बड़ा बहुमत मिला है। इस बीच खबरें हैं कि अब तक अंतरिम सरकार चला रहे मोहम्मद यूनुस के कई करीबी देश छोड़कर निकल रहे हैं या ऐसा करने की फिराक में हैं। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। शेख हसीना की सरकार को भ्रष्टाचार के नाम पर चले आंदोलन के चलते अपदस्थ होना पड़ा था। फिर ईमानदार सरकार के नाम पर मोहम्मद यूनुस कमान संभाल रहे थे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि उनकी ईमानदार सरकार के सलाहकार देश छोड़कर क्यों निकल रहे हैं।
ढाका से निकलने वाले देश के बड़े अखबार द डेली स्टार ने एक खबर में मोहम्मद यूनुस के करीबी सलाहकार फैज अहमद तैयब का नाम लेते हुए लिखा था कि उन्होंने जर्मनी के लिए फ्लाइट बुकिंग कराई है। अखबार की हेडिंग की भी काफी चर्चा हुई, जिसने इसे सरप्राइज डिपार्चर लिखा। तैयब अब तक मोहम्मद यूनुस के सलाहकार थे और वह उन्हें इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल और टेलिकॉम्युनिकेशंस के मामले में मदद कर रहे थे। हालांकि इसे लेकर बांग्लादेश के जानकार आश्चर्य नहीं जता रहे हैं। उनका कहना है कि हम तो महीनों पहले से कह रहे थे कि मोहम्मद यूनुस के करीबी देश से बाहर निकलने का रास्ता खोज रहे हैं।
यही नहीं सोमवार की शाम को एनसीपी के सीनियर नेता नसीरुद्दीन पटवारी ने भी मोहम्मद यूनुस के सलाहकारों के देश से निकलने का रास्ता खोजने की बात कही और कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। पटवारी ने कहा, ‘हमने सुना है कि बहुत से सलाहकार सेफ एग्जिट की तलाश में हैं। हम देश के लोगों और खुद सलाहकारों से अपील करते हैं कि सेफ एग्जिट से पहले कम से कम एक बार अपनी संपत्तियों की पूरी जानकारी दें। आप जनता को बताएं कि अपने कार्यकाल में आपने देश के लिए क्या किया है। इसके अलावा डॉ. युनूस को यह देश याद रखेगा कि उन्होंने इलेक्शन में किस तरह से मदद की।’
भारत से स्पीकर ओम बिरला होंगे शपथ समारोह में शामिल
हालांकि कुछ सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार रहे सभी नेता एग्जिट नहीं कर रहे। तैयब भले देश से बाहर जा रहे हैं, लेकिन अन्य लोग यहीं रुक सकते हैं। इसकी वजह यह है कि उन्हें लगता है कि देश में सत्ता परिवर्तन सही से हो गया है और ऐसी स्थिति में उनके साथ कोई हिंसा नहीं होगी। बता दें कि मंगलवार को ही मोहम्मद यूनुस का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही सत्ता की सारी शक्तियां नए पीएम बनने जा रहे तारिक रहमान के पास होंगी। इस शपथ ग्रहण समारोह में भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी शामिल होंगे।
अक्टूबर 2025 से ही क्यों लगने लगे थे ऐसे कयास
अब बात करते हैं कि आखिर कथित ईमानदार सरकार के सलाहकारों को डर किस बात का है? इसकी जड़ें अक्तूबर 2025 में मिलती हैं। एनसीपी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने कहा था कि कई सलाहकारों ने अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ खुद को जोड़ लिया है और उनसे निकलने का रास्ता मांग रहे हैं। उन्हें लगता है कि हम यहां राजनीति में फंस सकते हैं। ऐसी स्थिति में यहां से निकलना ही सही होगा। एनसीपी के ही एक अन्य नेता सरजिस इस्लाम ने तो यहां तक कहा था कि सलाहकारों की आजादी का एक ही रास्ता है और वह है- मौत। इससे समझा जा सकता है कि कुछ महीनों में ही कैसे मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश में अलोकप्रिय हो गए।

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