Explainer: अमेरिका और ईरान की लड़ाई में क्यों पिस रहे ये दो देश, झेलनी पड़ रही बैलिस्टिक मिसाइलों की मार
जॉर्डन और कुवैत पर भी ईरान के हमले लगातार हो रहे हैं। अब सवाल उठता है कि अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई में जॉर्डन और कुवैत क्यों पिस रहे हैं? आइए जानते हैं वजह…

अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर का युद्ध छिड़ने वाला है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चाबंदी कर रखी है। खासतौर पर दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। यह दोनों अमेरिकी सैनिक, जॉर्डन में हुए ड्रोन और मिसाइल हमले में मारे गए हैं। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ तेज हमला बोल दिया है। उधर जॉर्डन और कुवैत पर भी ईरान के हमले लगातार हो रहे हैं। अब सवाल उठता है कि अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई में जॉर्डन और कुवैत क्यों पिस रहे हैं? आइए जानते हैं इस एक्सप्लेनर में...
कुवैत और जॉर्डन पर हमले क्यों
ईरान कुवैत और जॉर्डन को निशाना क्यों बना रहा है? इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है अमेरिका कनेक्शन। असल में दोनों देशों में अमेरिकी सेना के महत्वपूर्ण ठिकाने हैं। इसके अलावा यहां पर अमेरिकी सैनिकों की तैनाती भी है। अब ताजा हमलों में ईरान इन देशों पर लगातार हमले कर रहा है। असल में वह यहां पर अमेरिकी साजो-सामान को तहस-नहस करना चाहता है। साथ ही वह इन देशों को अमेरिका के साथ संबंध रखने की सजा भी दे रहा है।
जॉर्डन की अहमियत
ईरान जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। इसमें अल-अज्रक एयर बेस शामिल है, ताकि रणनीतिक नुकसान पहुंचाया जा सके। गौरतलब है कि हालिया ईरानी हमलों में जॉर्डन में अमेरिकी के दो सैनिक मारे जा चुके हैं। इसके अलावा कई अन्य घायल भी हुए हैं। ईरानी सेना ने जॉर्डन में महत्वपूर्ण ईंधन भंडारण सुविधाओं और सैन्य संचार केंद्रों पर हमला किया ताकि अमेरिका के क्षेत्रीय ऑपरेशन को रोका जा सके। वहीं, इजरायली सेना का कहना है कि ईरान ने उसके पड़ोसी देश जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागी हैं। अमेरिकी सेना ने बाद में घोषणा की कि मारे गए सैनिकों की मौत के जवाब में ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू कर दिए गए हैं। अमेरिकी सैन्य आंकड़ों के अनुसार, लगभग पांच महीने से जारी इस संघर्ष में अब तक मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
कुवैत पर इसलिए हमला
कुवैत में महत्वपूर्ण अमेरिकी रणनीतिक केंद्र हैं। ईरान की आईआरजीसी ने कैंप उडाइरी (कैम्प बुरेन) के गोला-बारूद डिपो, मीना अब्दुल्ला में एक लॉजिस्टिक्स सेंटर और अली अल सलेम एयर बेस पर बड़े पैमाने पर कामिकेज ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमले किए। सैन्य केंद्रों से आगे बढ़ते हुए, ईरान ने कुवैत की एक पावर और पानी की डीसालिनेशन प्लांट के साथ ही कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के तेल संयंत्र पर भी हमला किया। इससे वहां के स्थानीय नागरिक ढांचे में भारी व्यवधान हुआ। वहीं, कुवैत की सेना ने एक बयान में कहा कि ईरान के निंदनीय हमले के बाद देश की हवाई रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया गया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब एक सप्ताह से अधिक समय से ईरान और अमेरिका एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहे हैं।
अमेरिकी सेना ने क्या कहा
इस बीच अमेरिकी सेना ने रविवार को कहाकि उसने ईरान पर किए गए अपने नवीनतम हवाई हमलों का अभियान समाप्त कर दिया है। इन हमलों के दौरान ईरान के अर्धसैनिक संगठन ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई जॉर्डन में हुए उस ईरानी हमले के जवाब में की गई, जिसमें अमेरिकी सैनिक मारे गए थे । अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि हमलों के दौरान ईरान के सैन्य तटीय निगरानी तथा हवाई रक्षा प्रतिष्ठानों, समुद्री क्षमताओं तथा मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों को भी निशाना बनाया गया। ईरान ने अब तक अमेरिकी हवाई अभियान में हुए नुकसान के बारे में कोई समग्र जानकारी नहीं दी है।
अमेरिकी सैन्य अभियान अब आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है। दोनों देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर तनाव बना हुआ है। फारस की खाड़ी के संकरे मुहाने पर स्थित इस जलमार्ग से शांतिकाल में दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा (20 प्रतिशत) होकर गुजरता है।
लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


