कनाडा ने 'चुपचाप' हजारों भारतीयों को निकाला, 6000 से ज्यादा पर अभी भी लटकी तलवार; क्या वजह?

Feb 19, 2026 07:59 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, ओटावा
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कनाडा ने 2025 के पहले 10 महीनों में रिकॉर्ड 18,785 विदेशी नागरिकों को निष्कासित किया है, जिसमें 2,831 भारतीय शामिल हैं। जानिए CBSA के नए आंकड़ों, निष्कासन के प्रकार और भारतीयों पर इसके प्रभाव की पूरी रिपोर्ट।

कनाडा ने 'चुपचाप' हजारों भारतीयों को निकाला, 6000 से ज्यादा पर अभी भी लटकी तलवार; क्या वजह?

कनाडा सरकार ने साल 2025 के पहले 10 महीनों में रिकॉर्ड संख्या में विदेशी नागरिकों को देश से बाहर निकाला है। कनाडा सीमा सेवा एजेंसी (CBSA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक कुल 18785 लोगों को निष्कासित किया गया। इसके अलावा, 29,542 अन्य लोगों के निष्कासन की प्रक्रिया अभी जारी है। इस साल की कार्रवाई पिछले पांच वर्षों के मुकाबले सबसे अधिक है, जिससे कनाडा की सख्त होती इमिग्रेशन नीति की झलक मिलती है।

निष्कासन के मुख्य कारण

कनाडा से निकाले गए लोगों में एक बड़ी संख्या उन लोगों की है जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे। हालांकि, निष्कासन का सबसे बड़ा कारण शरण चाहने वालों द्वारा नियमों का पालन न करना पाया गया है। कनाडा सरकार अब उन विदेशी नागरिकों के खिलाफ अधिक सख्त रुख अपना रही है जो कानून का उल्लंघन करते पाए जाते हैं।

भारतीयों पर प्रभाव

कनाडा से निकाले जाने वाले देशों की सूची में भारत दूसरे स्थान पर है।

मेक्सिको: 3,972 नागरिक (पहला स्थान)

भारत: 2,831 नागरिक (दूसरा स्थान)

चिंताजनक बात यह है कि वर्तमान में लंबित 29,542 निष्कासन मामलों में से 6,515 मामले भारतीय नागरिकों के हैं, जिनकी वापसी की प्रक्रिया चल रही है।

कनाडा के इमिग्रेशन नियमों के तहत तीन प्रकार के रिमूवल ऑर्डर जारी किए जाते हैं:

1. डिपार्चर ऑर्डर

  • संबंधित व्यक्ति को आदेश लागू होने के 30 दिनों के भीतर कनाडा छोड़ना होता है।
  • यदि 30 दिनों में देश नहीं छोड़ा, तो यह स्वतः डिपोर्टेशन ऑर्डर में बदल सकता है।
  • 2025 में 3,982 लोगों को इस श्रेणी के तहत हटाया गया।

2. एक्सक्लूजन ऑर्डर

  • इस आदेश के तहत व्यक्ति एक वर्ष तक कनाडा वापस नहीं आ सकता।
  • यदि आदेश गलत जानकारी के कारण जारी हुआ है, तो वापसी पर 5 वर्ष का प्रतिबंध लगता है
  • 2025 में 5,821 लोग इस श्रेणी में हटाए गए।

3. डिपोर्टेशन ऑर्डर

  • यह सबसे सख्त आदेश है।
  • संबंधित व्यक्ति पर स्थायी प्रतिबंध लगता है और वह केवल लिखित विशेष अनुमति मिलने पर ही लौट सकता है।

2025 में 8,982 लोग इस श्रेणी में हटाए गए।

पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि कनाडा अपनी आव्रजन नीतियों को लेकर पहले से कहीं अधिक आक्रामक हो गया है। 2025 के पहले 10 महीनों में ही पिछले पूरे वर्षों की तुलना में कहीं अधिक निष्कासन हुए हैं:

  • 2021: 7,513 लोग
  • 2022: 8,819 लोग
  • 2023: 15,207 लोग
  • 2024: 17,357 लोग
  • 2025 (अक्टूबर तक): 18,785 लोग

सख्त होती आव्रजन नीति

कनाडा सरकार का यह कदम उनके एंटी-इमिग्रेशन पुश का हिस्सा है। सरकार का मुख्य ध्यान उन विदेशियों पर है जो वीजा नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं या आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं। अधिकारियों का लक्ष्य आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के निष्कासन की प्रक्रिया को और तेज करना है।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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