बांग्लादेश ने भारत में वीजा सेवाओं को क्यों किया बंद, यूनुस सरकार ने बताया; तनाव और बढ़ा
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार एम.तौहीद हुसैन ने कहा कि मैंने भारत में स्थित अपने तीनों मिशनों को फिलहाल वीजा संबंधी खंड बंद रखने के लिए कहा है। यह सुरक्षा का मामला है।
India Bangladesh Tension: मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार के भारत के साथ संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जमकर हिंसा होती रही है, जिसपर भारत ने विरोध जताया है। इस स्थिति के बीच अब बांग्लादेश ने बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सहित भारत में स्थित प्रमुख मिशनों से वीजा सेवाओं को बंद कर दिया है। इसके पीछे की वजह बताते हुए यूनुस सरकार ने कहा है कि उसने सुरक्षा की चिंताओं की वजह से यह फैसला लिया है। माना जा रहा है कि बांग्लादेश के इस कदम से तनाव और बढ़ गया है।
यूनुस सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार एम.तौहीद हुसैन ने अपने कार्यालय में एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि बांग्लादेश ने अमेरिका द्वारा हाल में लागू की गई ‘वीजा बॉन्ड’ की आवश्यकता को भी रद्द करने की मांग की है। हुसैन ने कहा, “मैंने भारत में स्थित अपने तीनों मिशनों को फिलहाल वीजा संबंधी खंड बंद रखने के लिए कहा है। यह सुरक्षा का मामला है।” सलाहकार की यह टिप्पणी तब आई जब कोलकाता स्थित बांग्लादेश के उप-उच्चायोग ने रातोंरात वीजा सेवाओं को बंद कर दिया, जबकि दिल्ली और अगरतला में भी इसी तरह के कदम उठाए गए थे, जिनमें व्यापार और कार्य वीजा को इसके दायरे से बाहर रखा गया था।
भारत ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए इससे पहले पांच अगस्त 2024 के बाद बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा पर रोक लगा दी थी। जुलाई-अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद से बांग्लादेश और भारत के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। हुसैन ने पत्रकारों से यह भी कहा कि बांग्लादेश अमेरिका द्वारा हाल में लागू की गई ‘वीजा बॉन्ड’ की आवश्यकता से छूट प्राप्त करने के लिए राजनयिक प्रयास करेगा। उन्होंने इस निर्णय को "निश्चित रूप से हमारे लिए दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक" बताया।
हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिकी निर्णय "असामान्य नहीं" था क्योंकि यह केवल बांग्लादेश पर लागू नहीं हुआ है और अमेरिकी प्रशासन के इस कदम के मद्देनजर कई देशों को आव्रजन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस बीच, जब विदेश सलाहकार से पाकिस्तान से जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान खरीदने में बांग्लादेश की "संभावित रुचि" के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मैं आज इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। (लेकिन) बातचीत चल रही है। चीजों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा तो आपको पता चल जाएगा।"

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Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
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