कौन बनेगा बांग्लादेश का प्रधानमंत्री? चुनाव से पहले सर्वे का नतीजा; क्या है भारत विरोधी जमात की हालत

Feb 10, 2026 09:28 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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बांग्लादेश में चुनाव से पहले कराए गए एक सर्वे में कहा गया है कि बीएनपी को पूर्ण बहुमत मिलने वाला है। वहीं भारत विरोधी जमात-ए-इस्लामी 50 सीटों से ज्यादा नहीं जीत पाएगा। तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

कौन बनेगा बांग्लादेश का प्रधानमंत्री? चुनाव से पहले सर्वे का नतीजा; क्या है भारत विरोधी जमात की हालत

बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले माहौल काफी गर्म हैं। इस बार बांग्लादेश में भारत विरोधी ताकतें भी चुनाव में पूरा जोर लगा रही हैं। वहीं अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामी लीग को बैन कर दिया गया है। अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस की अगुआई में अंतरिम सरकार चल रही है। वहीं अब उम्मीद है कि बांग्लादेश को पूर्णकालिक प्रधानमंत्री मिल जाएगा।

किसके बीच है मुकाबला

इस बार बांग्लादेश में मुख्य मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की अगुआई वाली बीएनपी और कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के बीच है। जमात-ए-इस्लामी का प्रमुख मुद्दा ही अल्पसंख्यकों और भारत के विरोध में रहता है। वहीं बीएनपी का अजेंडा भी भारत के समर्थन में कभी नहीं रहा है।

क्या कहता है चुनाव पूर्व का सर्वे

बांग्लादेश के अखबार प्रथोमोलो ने इस चुनाव को लेकर सर्वे करवाया है। इसके मुताबिक बीएनपी को 200 से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं और तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री हो सकते हैं। तारिक रहमान लंबे समय के बाद ब्रिटेन से बांग्लादेश लौटे है। सर्वे के मुताबिक बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) पूर्ण बहुतम मिल सकता है। वहीं भारत विरोधी जमात की हालत बहुत अच्छी नहीं है। हालांकि वह विपक्ष की भूमिका अदा कर सकता है। जमात-ए-इस्लामी शफीकुर्रहमान के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है।

सर्वे में बताया गया है कि बीएनपी 200 से ज्यादा सीटें जीत सकती है वहीं, जमात-ए-इस्लामी 50 के आसपास सीटें जीत सकता है। बांग्लादेश की जातीय पार्टी के खाते में 3 सीटें जा सकती हैं। बाकी सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में जाने का अनुमान है। बता दें कि बांग्लादेश की संसद निर्वाचिन के लिए कुल सीटों की संख्या 350 है। 300 सदस्यों को जनता चुनती है और 50 सदस्यों का सीधा निर्वाचन होता है। भारत की तरह बांग्लादेश में भी सांसदों का कार्यकाल पांच साल का होता है।

चुनाव के साथ ही जनमत संग्रह भी

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने अपने देश के लोगों से 12 फरवरी को आम चुनावों के साथ-साथ होने वाले जनमत संग्रह में 'हां' में वोट देने और उनके प्रस्तावित सुधार पैकेज का समर्थन करने की जोरदार अपील की। यूनुस ने सोमवार देर रात वरिष्ठ सचिवों और शीर्ष नौकरशाहों को संबोधित करते हुए कहा, ''यदि जनमत संग्रह के दौरान 'हां' में अधिक वोट मिलते हैं तो बांग्लादेश के भविष्य का निर्माण अधिक सकारात्मक तरीके से होगा।''

यूनुस ने कहा कि जनमत संग्रह के दौरान यदि लोग 'हां' में वोट करते है तो इससे ''कुशासन'' दूर करने में मदद मिलेगी। यूनुस का प्रशासन जटिल 84-सूत्रीय सुधार पैकेज को लेकर जनता का समर्थन हासिल करने के लिए पिछले कई हफ्तों से सक्रिय अभियान चला रहा है।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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