मारा गया मोसाद का रहस्यमयी एजेंट 'M', इसी ने बिछाई थी ईरान में तबाही की बिसात; अनसुनी कहानी
मोसाद के खुफिया एजेंट 'M' (एरेज शिमोन) की अनसुनी कहानी, जिनकी 2023 में इटली नाव हादसे में मौत हुई थी। जानिए कैसे इस जासूस ने ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका के 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' की मजबूत नींव रखी।

इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के निदेशक डेविड बार्निया ने खुलासा किया है कि इजरायल के ऐतिहासिक सैन्य अभियान 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' की नींव रखने वाले एक मोसाद ऑपरेटिव की विदेश में जान चली गई है। सक्रिय खुफिया कर्मियों की पहचान गुप्त रखने के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, बार्निया ने इस एजेंट की पहचान केवल 'M.' (एम.) के रूप में की।
मोसाद के शहीद जवानों के सम्मान में आयोजित 'स्मरण दिवस' समारोह में बोलते हुए, बार्निया ने बताया कि 'M.' के नेतृत्व में चलाए गए गुप्त अभियानों ने ईरान के खिलाफ वर्तमान सैन्य कार्रवाई को सफल बनाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।
'M.' के अभियानों की खासियतें
मोसाद चीफ ने बताया कि उनके मिशनों में रचनात्मकता, चालाकी और उन्नत तकनीक का बेहतरीन तालमेल था। बार्निया ने कहा- ऑपरेशन रोरिंग लायन के दौरान, मेरे विचार और हृदय 'M.' के चरित्र और कार्यों पर गर्व से भरे हुए थे, जो अपना कर्तव्य निभाते हुए इजरायल के बाहर शहीद हो गए।
कौन थे 'M.' और कैसे हुई उनकी मौत?
भले ही मोसाद निदेशक ने आधिकारिक तौर पर नाम का खुलासा नहीं किया, लेकिन इजरायल के चैनल 12 न्यूज और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स ने 'M.' की पहचान 50 वर्षीय एरेज शिमोन के रूप में की है। 28 मई, 2023 को उत्तरी इटली के लेक मैगिओर में एक पर्यटक नाव पलटने से उनकी मृत्यु हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे में शिमोन के साथ इटली की खुफिया एजेंसी के दो सदस्य और नाव के कप्तान की पत्नी की भी मौत हो गई थी।
शिमोन को इजरायल के अश्कलोन शहर में दफनाया गया। उनके अंतिम संस्कार में मोसाद के शीर्ष अधिकारी अपनी पहचान छिपाने के लिए टोपी और फेस मास्क पहनकर शामिल हुए थे। 31 मई, 2023 को इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी किया था कि खुफिया संगठन में उनकी संवेदनशील भूमिका के कारण, उनके काम के बारे में विस्तार से बताना असंभव है।
30 साल का शानदार करियर और व्यक्तिगत स्वभाव
जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, एरेज शिमोन ने मोसाद में 30 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। डेविड बार्निया ने उनके स्वभाव की तारीफ करते हुए उन्हें एक बेहतरीन इंसान बताया। उन्होंने कहा- वह बेहद शिष्ट, मानवता से प्रेम करने वाले, दयालु, शांत और सौम्य व्यक्ति थे। वह लोगों से जुड़े हुए इंसान थे; बड़े हों या युवा, अजनबी हों या इजरायली, लोग हमेशा उनके इर्द-गिर्द रहना पसंद करते थे। वह शांत और सम्मानजनक तरीके से हर किसी से उनकी ही भाषा में बात करने का हुनर जानते थे।
क्या है 'ऑपरेशन रोरिंग लायन'?
यह 28 फरवरी, 2026 को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरानी शासन के खिलाफ शुरू किया गया एक संयुक्त सैन्य अभियान है। इजरायल इस अभियान को "रोरिंग लायन" का कोडनेम देता है, जबकि अमेरिकी रक्षा विभाग इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के नाम से संचालित कर रहा है। इस सैन्य कार्रवाई की शुरुआत ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम और वहां सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हो रहे क्रूर आंतरिक दमन के कारण पैदा हुए भारी तनाव के बीच की गई है।
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