Hindi Newsविदेश न्यूज़Who is Usman Hadi whose death has once again ignited unrest in Bangladesh Anti-India slogans were widely chanted
कौन था उस्मान हादी, जिसकी मौत से फिर जल उठा बांग्लादेश? खूब लगे भारत विरोधी नारे

कौन था उस्मान हादी, जिसकी मौत से फिर जल उठा बांग्लादेश? खूब लगे भारत विरोधी नारे

संक्षेप:

Bangladesh Unrest: प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसक होते चले गए। दक्षिण-पश्चिमी शहर राजशाही में प्रदर्शनकारियों ने भारतीय राजनयिक कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

Dec 19, 2025 09:34 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान, ढाका।
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बांग्लादेश में 2024 के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देशभर में भारी अशांति फैल गई है। गुरुवार रात से शुक्रवार तड़के तक राजधानी ढाका समेत कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और हादी के लिए न्याय की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किए। 32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर के एक अस्पताल में गुरुवार को मौत हो गई। वह पिछले सप्ताह ढाका में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर ले जाया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसक होते चले गए। दक्षिण-पश्चिमी शहर राजशाही में प्रदर्शनकारियों ने भारतीय राजनयिक कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भारतीय सहायक उच्चायोग के पास पत्थरबाजी के दृश्य भी सामने आए हैं। ढाका में भी बुधवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने भारत के उप-उच्चायुक्त के आवास समेत भारतीय राजनयिक परिसरों के बाहर जुटने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को भीड़ तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।

भारत विरोधी नारे भी लगे

बांग्लादेश में नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP)‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ (SAD) से जुड़ा एक प्रमुख संगठन है। इसके कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने भारत विरोधी नारे लगाए और आरोप लगाया कि हादी पर हमला करने वाले आरोपी भारत भाग गए हैं। NCP के नेता सरजिस आलम ने कहा, “जब तक भारत हादी भाई के हत्यारों को वापस नहीं करता, तब तक बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग बंद रहना चाहिए। अब या कभी नहीं, हम जंग में हैं।”

A protester reacts to the camera near the premises of the Prothom Alo daily newspaper which was set on fire by angry protesters after news reached the country from Singapore of the death of a prominent activist Sharif Osman Hadi, in Dhaka, Bangladesh, Friday, Dec. 19, 2025. (AP Photo/Mahmud Hossain Opu)

मीडिया संस्थानों पर हमले

हिंसा के दौरान राजधानी ढाका में कई इमारतों में आग लगा दी गई। देश के दो प्रमुख अखबारों प्रोथोम आलो और द डेली स्टार के दफ्तरों को निशाना बनाया गया। दमकल विभाग ने कम से कम तीन आगजनी की घटनाओं की पुष्टि की है, जिनमें कई पत्रकार और कर्मचारी इमारतों में फंसे रह गए। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, “रात करीब 11 बजे सैकड़ों प्रदर्शनकारी प्रोथोम आलो के दफ्तर पहुंचे और बाद में डेली स्टार की इमारत में आग लगा दी।”

ढाका के बाहर भी हालात बिगड़ते गए। राजशाही में अवामी लीग के एक कार्यालय को जला दिया गया, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़ी संपत्तियों में तोड़फोड़ की गई। गौरतलब है कि शेख हसीना पिछले साल के जनआंदोलन के बाद भारत चली गई थीं। प्रदर्शनकारियों ने ढाका–मैमनसिंह राजमार्ग को भी जाम कर दिया और चटगांव में एक पूर्व मंत्री के आवास पर हमला किया गया।

हादी की हत्या से भड़का जनाक्रोश

हादी ‘इंकलाब मंच’ नामक छात्र संगठन के वरिष्ठ नेता थे और शेख हसीना सरकार के मुखर आलोचक माने जाते थे। 12 दिसंबर को ढाका के एक मस्जिद से निकलते समय नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने हादी की मौत को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया। एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया और देशभर में विशेष प्रार्थनाओं का आदेश दिया।

पुलिस ने हमलावरों की तलाश में देशव्यापी अभियान शुरू कर दिया है। दो संदिग्धों की तस्वीरें जारी की गई हैं और उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए 50 लाख टका के इनाम की घोषणा की गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बढ़ती हिंसा देश के नाजुक राजनीतिक संक्रमण को अस्थिर कर सकती है।

इस बीच, भारत की विदेश मामलों की संसदीय समिति ने बांग्लादेश की स्थिति को जटिल और तेजी से बदलती हुई बताते हुए वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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