
कौन हैं नाज़नीन मुन्नी? उन्हें हटाने पर क्यों आमादा बांग्लादेशी युवा, बोले- वरना फूंक देंगे चैनल का दफ्तर
जिन युवकों ने चैनल दफ्तर में घुसकर ऐसी मांग की और धमकी दी है, वो खुद को एंटी-डिस्क्रिमिनेशन स्टूडेंट मूवमेंट का सदस्य बता रहे थे। यह वही संगठन है, जिसने पिछले साल जुलाई 2024 में हुए छात्र आंदोलनों में अहम भूमिका निभाई थी।
एक तरफ भारत और बांग्लादेश के बीच तनातनी जारी है और मोहम्मद यूनुस सरकार की तरफ से नई दिल्ली से 50,000 टन चावल खरीद के बहाने रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी देश में स्थितियां और अराजक होती जा रही हैं। वहां मीडिया पर हमले और धमकियों की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। देश के दो प्रमुख अख़बारों 'प्रथम आलो' और 'द डेली स्टार' के दफ्तरों पर हाल ही में हुए हमलों और आगजनी के बाद अब प्रदर्शनकारी छात्रों ने वहां के एक प्रमुख टीवी चैनल को फूंक डालने की धमकी दी है। इस घटना ने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 21 दिसंबर को करीब 7–8 युवकों ने ढाका के तेजगांव इलाके में स्थित टीवी चैनल 'ग्लोबल टीवी बांग्लादेश' के कार्यालय पहुँचकर चैनल की हेड ऑफ न्यूज़ नाज़नीन मुन्नी को पद से हटाने की मांग की। इसके साथ ही युवकों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की गई, तो ग्लोबल टीवी के दफ्तर पर भी प्रथम आलो और द डेली स्टार की तरह हमला किया जाएगा और उसे जलाकर राख कर दिया जाएगा।
कौन हैं नाज़नीन मुन्नी?
नाज़नीन मुन्नी (Naznin Munni) बांग्लादेश की एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह 'ग्लोबल टीवी बांग्लादेश'की न्यूज हेड हैं और मशहूर एंकर हैं। युवकों का आरोप है कि नाज़नीन मुन्नी शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग की समर्थक हैं। हालांकि चैनल प्रबंधन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि नाज़नीन का किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। टीवी चैनल ने यह भी कहा कि किसी पत्रकार को उसकी राजनीतिक सोच के आरोप के आधार पर नौकरी से हटाना गलत है।
जिन युवकों ने चैनल दफ्तर में घुसकर ऐसी मांग की और धमकी दी है, वो खुद को एंटी-डिस्क्रिमिनेशन स्टूडेंट मूवमेंट का सदस्य बता रहे थे। यह वही संगठन है, जिसने पिछले साल जुलाई 2024 में हुए छात्र आंदोलनों में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि संगठन के अध्यक्ष रिफ़ात राशिद ने इस घटना से दूरी बनाते हुए कहा कि यह संगठन की आधिकारिक कार्रवाई नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके संगठन के किसी सदस्य की इसमें संलिप्तता पाई गई, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। पत्रकार संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने मीडिया कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बढ़ती धमकियाँ और हिंसा देश में लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।
नाज़नीन ने सोशल मीडिया पर साझा किया वाकया
नाज़नीन मुन्नी ने इस घटना को लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने लिखा कि युवकों ने खुले तौर पर धमकी दी और कहा कि अगर वह अपनी नौकरी नहीं छोड़ती हैं, तो चैनल के दफ्तर को जला दिया जाएगा। उन्होंने इसे पत्रकारों और स्वतंत्र मीडिया को डराने-धमकाने की एक संगठित कोशिश बताया। नाज़नीन ने यह भी बताया कि जब युवक दफ्तर आए थे, उस समय वह वहां मौजूद नहीं थीं। युवकों ने चैनल के प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर शिकायत की कि शरीफ़ उस्मान हादी की मौत से जुड़ी खबरों को चैनल ने उनके अनुसार पर्याप्त और सही ढंग से नहीं दिखाया।

बता दें कि शरीफ़ उस्मान हादी एक विवादास्पद और कट्टर भारत-विरोधी छात्र नेता था, जो 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान चर्चा में आया था। वह अगले साल होने वाले संसदीय चुनावों की तैयारी कर रहा था लेकिन हाल ही में बाइक सवार हमलावरों ने उसे गोली मार दी थी। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए, जिनके दौरान मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया गया।

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