अफसरों को देता था सेक्स पार्टी, फिर होता था खेला; भारतीय मूल के फाइनेंसर का महाघोटाला

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अमेरिका में भारतीय मूल के फाइनेंसर महेंद्र मखीजानी को बैंक घोटाले और ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मखीजानी पर बैंक कर्मचारियों को सेक्स और ड्रग्स पार्टी में फंसाने का आरोप है। पूरी कहानी पढ़ें।

अफसरों को देता था सेक्स पार्टी, फिर होता था खेला; भारतीय मूल के फाइनेंसर का महाघोटाला

अमेरिका में भारतीय मूल के एक बिजनेसमैन ने फर्जीवाड़े और ब्लैकमेलिंग की सारी हदें पार कर दीं। 44 वर्षीय फाइनेंसर महेंद्र मखीजानी को एक अमेरिकी बैंक के साथ करीब 100 मिलियन डॉलर (लगभग 954.2 करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी करने के आरोप में बुधवार सुबह गिरफ्तार किया गया है। मखीजानी पर न सिर्फ बैंक घोटाले के, बल्कि सेक्स और ड्रग्स पार्टी आयोजित कर लोगों को ब्लैकमेल करने तथा हथियारबंद गुंडों के जरिए संपत्तियों पर कब्जा करने जैसे बेहद गंभीर आरोप भी हैं। इस मामले में दोषी पाए जाने पर उसे 30 साल तक की जेल हो सकती है।

954 करोड़ के फर्जीवाड़े को कैसे दिया अंजाम?

महेंद्र मखीजानी न्यूपोर्ट बीच स्थित 'कैंटर ग्रुप V LLC' नाम की कंपनी चलाता है। बैंक ने रियल एस्टेट से जुड़े लोन खरीदने या जारी करने के लिए कैंटर कंपनी को 100 मिलियन डॉलर का एडवांस दिया था, जिसे लोन की कमाई से बैंक को चुकाया जाना था।

यूएस इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS) के मुताबिक, मखीजानी ने शेल कंपनियों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया और टाइटल इंश्योरेंस (बीमा) पॉलिसी के रिकॉर्ड में भारी हेराफेरी की।

सितंबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच मखीजानी ने दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करके यह दिखाया कि गिरवी रखी गई संपत्तियों पर उसकी कंपनी का पहला अधिकार है। इसके बाद उसने अपने कर्मचारियों के जरिए ये फर्जी बीमा पॉलिसियां बैंक में जमा करवा दीं और बैंक अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस में भी लगातार झूठ बोला।

बैंक अधिकारियों को फंसाने के लिए देता था 'सेक्स और ड्रग्स पार्टी'

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, मखीजानी सीक्रेट प्राइवेट पार्टियों का आयोजन करता था, जिनमें ड्रग्स और सेक्स वर्कर्स लाई जाती थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन पार्टियों में बैंक के कुछ कर्मचारी भी शामिल हुए थे।

मखीजानी इन पार्टियों में होने वाली चीजों की जानकारी का इस्तेमाल कर बैंक कर्मचारियों और अपने स्टाफ को ब्लैकमेल करता था और उन पर अपना दबदबा बनाए रखता था।

कर्मचारियों और विरोधियों को देता था खौफनाक धमकियां

मखीजानी ने अपने अधीन काम करने वालों में खौफ पैदा करने के लिए गुंडों का इस्तेमाल किया। दस्तावेजों के मुताबिक, वह कर्मचारियों को धमकी देता था कि वह उन्हें "जान से मार देगा", उनके "परिवार को सड़क पर ला देगा" और "उनके बच्चों को सरकारी मदद (वेलफेयर) पर जीने को मजबूर कर देगा।" यही नहीं, उसने दक्षिणी कैलिफोर्निया के एक पॉश इलाके में होटल और एक रेस्तरां पर कब्जा करने के लिए अपने हथियारबंद गुंडों को भेजा था।

प्रतिद्वंद्वी को 12 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान

पिछले महीने ही एक मध्यस्थ ने मखीजानी को लगुना बीच के बिजनेसमैन मोहम्मद होनारकर के साथ रियल एस्टेट डील में हुए विवाद में 1.3 बिलियन डॉलर (लगभग 12,391.6 करोड़ रुपये) के हर्जाने का जिम्मेदार ठहराया है।

न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के हवाले से अदालत के दस्तावेजों में दावा किया गया है कि मखीजानी अपने व्यापारिक प्रतिद्वंद्वियों (जिनमें होनारकर भी शामिल हैं) पर हावी होने के लिए धमकियों, डराने-धमकाने और हिंसा का भी सहारा लेता था।

भारत में जन्मा और ग्रीन कार्ड पर रह रहा है मखीजानी

अमेरिका के कोरोना डेल मार में रहने वाला महेंद्र मखीजानी भारत में पैदा हुआ था और वर्तमान में अमेरिका में ग्रीन कार्ड पर रह रहा है। बुधवार सुबह उसे न्यूपोर्ट बीच स्थित उसकी आलीशान हवेली से गिरफ्तार किया गया। यूएस इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS) के अधिकारियों का कहना है कि मखीजानी ने अपने निजी फायदे के लिए दस्तावेजों में हेरफेर कर वित्तीय प्रणालियों का दुरुपयोग किया है, जिसके लिए उसकी पूरी जवाबदेही तय की जाएगी।

Amit Kumar

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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