
कौन हैं जस्टिस ए.के. हेलरस्टीन? 92 साल की उम्र में सुनेंगे मादुरो का केस, 9/11 से भी संबंध
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अमेरिकी कानून का सामना कर रहे हैं। उनके इस केस की सुनवाई 92 साल के जज हेलरस्टीन कर रहे हैं, जिन्हें लगभग 28 साल से कोर्ट में सुनवाई करने का अनुभव है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला में किए गए ऑपरेशन की चर्चा दुनियाभर में हैं। अमेरिका का कहना है कि मादुरो के खिलाफ उनके देश में केस दर्ज हैं, इसलिए अमेरिकी कानून का सामना करवाने के लिए उन्हें उनके देश से गिरफ्तार किया गया है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने लामबंद होकर इस कार्रवाई का समर्थन किया, लेकिन वहीं दूसरी तरफ चीन, रूस समेत कई देशों ने इसे वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला करार दिया।
पिछले हफ्ते मादुरो के उठाने के बाद अमेरिकी सेना उन्हें लेकर न्यूयॉर्क आई। यहां उनके और उनकी पत्नी सिलियो फ्लोरेस के ऊपर नार्को आतंकवाद और बड़ी ड्रग तस्करी का मामला चलाया जा रहा है। अपनी पहली सुनवाई के दौरान मादुरो ने खुद को वेनेजुएला का राष्ट्रपति बताया और कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। मादुरो और उनकी पत्नी के इस मामले की सुनवाई वरिष्ठ अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज अल्विन के हेलरस्टीन कर रहे हैं, जिन्हें अपने क्षेत्र का एक लंबा अनुभव है और वह अपनी न्याय प्रियता के लिए जाने जाते हैं।
कौन हैं अल्विन के. हेलर स्टीन?
92 साल के हेलरस्टीन अमेरिका के वरिष्ठ जजों में से एक हैं।वह इस वक्त दक्षिणी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ऑफ न्यूयॉर्क में न्याय के प्रति अपना काम कर रहे हैं। जज हेलरस्टीन की नियुक्ति वर्ष 1998 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने की थी।
हेलरस्टीन के पास पिछले 28 सालों का अनुभव में इसमें सबसे अहम अमेरिका पर हुए 9/11 हमले से जुड़े जटिल मुकदमें भी शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने कई वित्तीय और नागरिक मामलों की भी सुनवाई की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक जस्टिस हेलरस्टीन अदालत में परंपरा से हटकर व्यवहार करने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, उनकी उम्र को देखते हुए आलोचकों ने मादुरो जैसे अहम केस पर उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाया है। पिछले कुछ मामलों के दौरान उनकी थकावट का भी जिक्र सामने आया था। उनकी इस आलोचना के बीच समर्थकों का कहना है कि जस्टिस हेलर स्टीन अभी भी बेहतर स्थिति में हैं, और बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं।
ट्रंप से भी उलझे
जस्टिस हेलरस्टीन कई मौकों पर अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी सिर दर्द बन चुके हैं। न्यूयॉर्क में उनके गुप्त धन संबंधी मालमे को संघीय अदालत में भेजने के अनुरोध को जस्टिस ने मना कर दिया था। इसके अलावा पिछले साल भी इन्हीं जज ने वेनेजुएला के एक गिरोह के सदस्य को बिना अदालत की सुनवाई के निर्वासित करने पर रोक लगा दी थी।

लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




