Hindi Newsविदेश न्यूज़While Putin is visiting India Trump has brokered a deal between Congo and Rwanda dubbed Washington Accord
इधर भारत यात्रा पर पुतिन, उधर ट्रंप ने दो और देशों में करा दिया समझौता, वाशिंगटन अकॉर्ड दिया नाम

इधर भारत यात्रा पर पुतिन, उधर ट्रंप ने दो और देशों में करा दिया समझौता, वाशिंगटन अकॉर्ड दिया नाम

संक्षेप:

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांगो और रवांडा के बीच शांति समझौता करवा दिया है। उनकी टीम ने इस समझौते को वाशिंगटन अकॉर्ड्स नाम दिया है। इसके साथ ही कांगो ने अमेरिका के साथ रेयर अर्थ मेटल डील भी साइन की है।

Dec 05, 2025 10:08 am ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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वैश्विक राजनीति के हिसाब से दिसंबर का शुरुआती हफ्ता काफी दिलचस्प है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन चार साल बाद भारत यात्रा पर आए हुए हैं। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों इन समय पर चीन की यात्रा पर हैं। इसी बीच खुद को समझौता और शांति दूत कहने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने दो और देशों (कांगो और रवांडा) के बीच शांति समझौता कायम करवा दिया है। अमेरिका राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच में शांति समझौते और रेयर अर्थ मिनरल डील को साइन किया। उन्होंने इस समझौते को वाशिंटगन अकॉर्ड नाम दिया। हालांकि, क्या इस समझौते के बाद 30 साल से चला आ रहा यह संघर्ष खत्म हो जाएगा इस पर संशय बना हुआ है।

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दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ मौजूद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद संबोधन भी दिया। उन्होंने कहा, "इन्होंने (दोनों देशों ने) बहुत समय एक-दूसरे को मारने में बिताया है। अब ऐसा नहीं होगा... अब यह बहुत समय गले मिलने, हाथ पकड़ने और अमेरिका की आर्थिक मदद करके सभी का फायदा करने में बिताएंगे, जैसा की हर देश करता है।"

गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ने इस समझौते को वॉशिंगटन अकॉर्ड्स नाम दिया है। इस समझौते को उस संस्थान में साइन किया गया, जिसे पहले यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस कहा जाता था। एक दिन पहले ही ट्रंप प्रशासन ने इसका नाम बदलकर ट्रंप के नाम पर रखा है।

आपको बता दें, शांति समझौते के साथ ही अमेरिका और कांगो ने रेयर अर्थ मिनरल्स को लेकर भी समझौता किया। इसके तहत महत्वपूर्ण खनिजों, सोने और रेयर अर्थ मेटस्ल का रणनीतिक भंडारण किया जाएगा। कांगो के राष्ट्राध्यक्ष की तरफ से वादा किया गया कि इन संसाधनों के विकास के लिए अमेरिकी कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इतना ही नहीं कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिज को लेकर भी दोनों देशों के बीच में साझेदारी हुई।

क्या है पूरा मामला?

दक्षिण अफ्रीकी देश कांगो में लगातार गृहयुद्ध के हालात बने हुए हैं। इनमें से एक विद्रोही गुट एम23 को रवांडा का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में अमेरिका ने हस्तक्षेप करके इस संगठन को रोका और राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी की सरकार गिरने से बचा ली। हालांकि, इस घटना का जमीनी हालत में कोई बदलाव नहीं आया। विद्रोही गुट लगातार शहरों पर कब्जा करते रहे। ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने कांगो और रवांडा के बीच में भी शांति समझौता करवाया है। हालांकि, उनकी इन बातों पर विश्लेषकों का रुख अलग है। उनकी मानें तो ट्रंप द्वारा जो शांति समझौते करवाए गए हैं, वह वास्तव में जमीनी स्तर पर उतर ही नहीं पाए।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak
उपेन्द्र पिछले कुछ समय से लाइव हिन्दुस्तान के साथ बतौर ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली (2023-24 बैच) से पूरी की है। इससे पहले भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया। मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, राजनीति के साथ-साथ खेलों में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें

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