भारत को लेकर क्या रहेगी बांग्लादेश की नीति? तारिक रहमान ने पहली कॉन्फ्रेंस में बताया
बांग्लादेश चुनाव जीतकर उत्साहित बीएनपी चीफ तारिक रहमान ने भारत के साथ संबंधों को लेकर कहा कि उनकी सरकार की विदेश नीति बांग्लादेश की जनता के हितों के आधार पर तय होगी। तारिक ने कहा कि नागरिकों के भले के आधार पर रिश्ते तय किए जाएंगे।

बांग्लादेश के संभावित प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को लेकर बात की है। आम चुनाव में बीएनपी की ऐतिहासिक जीत के बाद उत्साहित तारिक रहमान ने कहा कि देश और उसके नागरिकों के हित ही बांग्लादेश की विदेश नीति को तय करेंगे। 17 साल से बांग्लादेश से निर्वासित चल रहे तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी ने दो तिहाई बहुमत से जीत हासिल की है। शेख हसीना के सत्ता से जाने के बाद से ही भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तल्खी बनी हुई है, ऐसे में तारिक की सरकार का रुख क्या रहता है। इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद पहली बार मीडिया से बात करने पहुंचे तारिक रहमान से जब भारत के साथ संबंधों को बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और उसके लोगों के हित ही ढाका की नई विदेश नीति को तय करेंगे। तारिक से जब हसीना के प्रत्यर्पण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस मामले में कोई सीधा जवाब दिए बिना कहा कि इस पर कानून अपना काम करेगा।
चीन के साथ रिश्तों पर तारिक ने कहा कि वह देश बांग्लादेश के विकास का सहयोगी है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि भविष्य में बांग्लादेश और चीन दोनों साथ मिलकर काम करते रहेंगे।
आपको बता दें, हसीना के सत्ता से जाने के बाद पिछले 18 महीनों में बांग्लादेश की हालात लगातार खराब हुई है। अर्थव्यवस्था और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में लगातार परेशानी सामने आई है। ऐसे में तारिक रहमान को सत्ता संभालना आसान नहीं होगा। यूनुस की अंतरिम सरकार ने भारत के साथ संबंध खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी और भारत ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं के ऊपर हो रहे अत्याचार को लेकर कड़ी आलोचना की थी।
तारिक रहमान का भारत को लेकर रुख क्या रहेगा। यह आने वाले समय में पता चल जाएगा। लेकिन इसकी झलक देते हुए बीएनपी के नेता और तारिक रहमान के करीबी हुमांयू कबीर ने कहा था कि नई बीएनपी सरकार भारत के साथ जन से जन संबंध मजबूत करना चाहती है। उन्होंने कहा, "घरेलू प्राथमिकताओं के साथ अंतर्राष्ट्रीय संवाद भी होगा। क्षेत्र के अन्य देशों की तरह भारत भी उन देशों में शामिल होगा, जिनकी यात्रा की जाएगी।
शेख हसीना पर फंसेगी बात?
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना इन दिनों भारत में निर्वासित जीवन व्यतीत कर रही हैं। यूनुस सरकार कई बार भारत से हसीना की मांग कर चुकी है। तारिक रहमान भी एक बार फिर से वही मांग उठा सकते हैं, क्योंकि हसीना की वजह से तारिक को 17 साल विदेश में जीवन व्यतीत करना पड़ा था और वह हसीना ही थी, जिन्होंने खालिदा जिया को जेल में रखा हुआ था। बीएनपी की तरफ से शेख हसीना के मुद्दे को लेकर लगातार बयान जारी किए जा रहे हैं। बांग्लादेश चुनाव में जीत के बाद बीएनपी की तरफ से हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया गया। बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी भारत से औपचारिक रूप से अनुरोध करेगी कि हसीना को बांग्लादेश प्रत्यर्पित किया जाए ताकि वह अपने मुकदमों का सामने कर सकें।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 के बाद से शेख हसीना भारत में निर्वासित जीवन जी रही हैं। यहां से वह लगातार बांग्लादेश की राजनीति के ऊपर टिप्पणी करती रहती हैं। हाल ही में बांग्लादेश के चुनावों को उन्होंने ढोंग करार दिया था। हसीना ने कहा था कि आवामी लीग के बिना कोई भी चुनाव सही नहीं हो सकते। यह आवामी लीग के नेताओं और उनके वोटरों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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