क्या होता है गजब लिल-हक, जिसके नाम पर पाकिस्तान ने छेड़ी अफगानिस्तान से जंग
पाकिस्तान की ओर से इस जंग को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर दावे भी किए जा रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान का कहना है कि उसने अफगानिस्तान को जवाब देने के लिए ऑपरेशन 'गजब लिल-हक' की शुरुआत की है। पाकिस्तान के इस ऐलान के बाद से दुनिया भर में लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर गजब लिल-हक का अर्थ क्या है।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कई शहरों पर हमला बोला है। उसका कहना है कि अफगानिस्तान ने हमारी चौकियों पर अटैक किया था और बेगुनाह नागरिकों तक को टारगेट किया गया था। इसके जवाब में हम हमला कर रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से इस जंग को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर दावे भी किए जा रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान का कहना है कि उसने अफगानिस्तान को जवाब देने के लिए ऑपरेशन 'गजब लिल-हक' की शुरुआत की है। पाकिस्तान के इस ऐलान के बाद से दुनिया भर में लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर गजब लिल-हक का अर्थ क्या है। उल्लेखनीय यह है कि दो मुसलमान देशों के बीच यह जंग रमजान के महीने में हो रही है, जिसे इस्लाम में बेहद पवित्र माना जाता है।
गजब लिल-हक का अर्थ होता है, इंसाफ के लिए गुस्सा। पाकिस्तान का कहना है कि हम अफगानिस्तान की ओर से बेगुनाह पर लोगों पर किए गए हमले से गुस्सा हैं और उसके इंसाफ के लिए ही युद्ध में उतरे हैं। इस तरह उसने अपनी भावनाओं को ही जंग के लिए चले ऑपरेशन का नाम दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान ने सीमा से लगते इलाकों जैसे चित्राल, खैबर, मोहमंड, कुर्रम और बजौर में हमले किए हैं। इन हमलों में निर्दोष नागरिक घायस हुए हैं या मारे गए हैं। बौखलाए पाकिस्तान ने पड़ोसी देश से छिड़ी इस जंग में भारत का नाम भी घसीटने की कोशिश की है। उसका कहना है कि तालिबान ने अफगानिस्तान को भारत की कॉलोनी बना दिया है।
इसी के चलते अशांति के हालात पैदा हुए हैं, जबकि नाटो सेनाओं के जाने के बाद माना जा रहा था कि स्थानीय शासन होने से व्यवस्था में सुधार आएगा। बता दें कि इस जंग को लेकर अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के 55 सैनिकों को मार गिराया है। वहीं पाकिस्तान का दावा है कि उसके दो ही सैनिक मारे गए हैं, जबकि जवाबी कार्रवाई में उसने 133 तालिबानी मार गिराए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि उसने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल को ही निशाना बनाया है। इसके अलावा कंधार और पक्तिया जैसे शहरों को भी टारगेट किया गया है। पाकिस्तान का कहना है कि हमारी एयरफोर्स ने अफगानिस्तान के नांगरहर प्रांत में तालिबान के एक हथियार डिपो को भी तबाह कर दिया है।
डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हम अफगान तालिबान के हमलों का करारा जवाब दे रहे हैं। आसिफ ने कहा कि नाटो सेनाओं के अफगानिस्तान से निकलने के बाद शांति की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन तालिबान ने अपने मुल्क को भारत की कॉलोनी बना दिया है। गौरतलब है कि नाटो सेनाओं के अफगानिस्तान से 2021 में निकलने पर पाकिस्तान ने खुशी जताई थी। तब उसने भारत के लिए इसे झटका बताया था। 14 अगस्त को अमेरिका ने अफगानिस्तान छोड़ा था और इस पर पाकिस्तान का कहना था कि स्वतंत्रता दिवस से पहले भारत को यह झटका लगा है। लेकिन अब उसके ही पाले अफगानिस्तान ने जब जंग छेड़ दी है तो उलटे भारत पर ही झूठे आरोप लगा रहा है।
लेखक के बारे में
Surya Prakashदुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।
अकादमिक योग्यता: एक तरफ डेढ़ दशक का सक्रिय पत्रकारिता करियर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सूर्यप्रकाश अकादमिक अध्ययन में भी गहरी दिलचस्पी रखते रहे हैं। पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन और मास्टर्स की पढ़ाई के साथ ही 'हाइब्रिड वारफेयर में मीडिया के इस्तेमाल' जैसे महत्वपूर्ण एवं उभरते विषय पर पीएचडी शोध कार्य भी किया है। पत्रकारिता, समाज, साहित्य में रुचि के अलावा वारफेयर में मीडिया के प्रयोग पर भी गहरा अध्ययन किया है। इसी कारण डिफेंस स्टडीज जैसे गूढ़ विषय में भी वह रुचि रखते हैं। इस प्रकार सूर्यप्रकाश का एक लंबा पेशेवर अनुभव रहा है तो वहीं गहरी अकादमिक समझ भी रही है।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के समाचारों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं तो वहीं नैरेटिव वारफेयर के बारे में भी गहरा अध्ययन है। खबरों के अंदर की खबर क्या है और किसी भी समाचार के मायने क्या हैं? ऐसी जरूरी चीजों को पाठकों तक पहुंचाने में भी रुचि रखते हैं। लाइव हिन्दुस्तान में बीते 5 सालों से जुड़े हैं और गुणवत्तापूर्ण समाचार देने की मुहिम को बल प्रदान किया है। सूर्यप्रकाश को पाठकों की पसंद को समझने और उसके अनुसार समाचारों के प्रस्तुतिकरण में भी महारत हासिल है। कठिन विषयों को सरल शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने की रुचि है और इसी कारण एक्सप्लेनर आदि भी लिखते हैं।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


