
'किल स्विच' टूल क्या? जिसके बल ईरान ने एलन मस्क की स्टारलिंक को भी कर दिया जाम; चीन-रूस से नाता
विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका एक साधारण ऑन-ऑफ स्विच की तुलना में ज़्यादा आक्रामक जैमिंग जैसा है, जो स्टारलिंक रिसीवर द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सैटेलाइट सिग्नल को प्रभावी ढंग से दबा देता है।
पश्चिमी एशियाई देश ईरान में पिछले 18 दिनों से लोग सड़कों पर उतरकर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन का विरोध कर रहे हैं। इस खूनी विरोध-प्रदर्शन में अब तक 500 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। खामेनेई शासन ने देश में बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए इंटरनेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पिछले 12 दिनों से ईरान के लोग पूरी तरह इंटरनेट बैन का सामना कर रहे हैं और देश-दुनिया से कटे हुए हैं।
खामेनेई शासन ने जब सबसे पहले इंटरनेट पर पहरा लगाया तो करीब 8 करोड़ लोगों को डिजिटल अंधेरे में चले गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा Starlink का सहारा लिया, जिसके जरिए उन्होंने दुनिया तक अपने विरोध की तस्वीरें और वीडियो भेजने शुरू किए लेकिन खामेनेई शासन ने अब उसे भी जाम कर निष्क्रिय कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले Starlink के लगभग 30% इंटरनेट ट्रैफिक में बाधा आई थी लेकिन अब यह बाधा बढ़कर 80% से अधिक हो चुकी है
'किल स्विच' टूल का इस्तेमाल
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरानी धार्मिक नेतृत्व ने Starlink सैटेलाइट्स को जाम करने के लिए एक तरह के 'किल स्विच' टूल को सक्रिय किया है। उनका कहना है कि यह रुकावट बहुत महंगे मिलिट्री-ग्रेड जैमिंग उपकरणों का इस्तेमाल करके की गई, जो अगर देश में नहीं बने थे, तो शायद रूस या चीन से मिले हो सकते हैं। ईरान में इंटरनेट बंद होने की खबरें ऐसे समय आईं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (अमेरिकी समय) को कहा कि वह ईरान में इंटरनेट एक्सेस बहाल करने के बारे में मस्क से बात करने की योजना बना रहे हैं।
‘किल स्विच’ क्या है? कोल्ड वॉर के समय का टूल
'किल स्विच' शब्द का मतलब आमतौर पर एक इमरजेंसी मैकेनिज्म होता है जो तुरंत ऑपरेशन को रोक देता है या बंद कर देता है, जिसका इस्तेमाल अक्सर मशीनरी या सॉफ्टवेयर में नुकसान को रोकने के लिए किया जाता है। ईरान के विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में, “किल स्विच” एक डिजिटल टूल है जिसका इस्तेमाल सरकार इंटरनेट एक्सेस को बंद करने के लिए कर रही है, खासकर स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट-आधारित सेवाओं के लिए जो पारंपरिक टेलीकॉम नेटवर्क को बायपास करती हैं। किल स्विच टूल मशीनों पर उपकरण को जल्दी से रोक देता है।
किल स्विच कैसे काम करता है?
ईरान का डिजिटल किल स्विच टूल सिग्नल को जाम करके और अंतरिक्ष से जमीन तक कम्युनिकेशन चैनलों को बाधित करके काम करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका एक साधारण ऑन-ऑफ स्विच की तुलना में ज़्यादा आक्रामक जैमिंग जैसा है, जो स्टारलिंक रिसीवर द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सैटेलाइट सिग्नल को प्रभावी ढंग से दबा देता है। ईरान का तरीका सिर्फ़ ब्लैकआउट से कहीं ज़्यादा है। सिर्फ़ नेशनल इंटरनेट नेटवर्क को बंद करने के बजाय, अधिकारी मिलिट्री-ग्रेड जैमिंग और GPS इंटरफेरेंस का इस्तेमाल करके उन सिग्नल को ब्लॉक कर रहे हैं जिन पर स्टारलिंक टर्मिनल निर्भर करते हैं।
कमजोर सैटेलाइट फ़्रीक्वेंसी और GPS सिग्नल को टारगेट करके जो सिस्टम को खुद को ओरिएंट करने में मदद करते हैं, सरकार सैटेलाइट को फिजिकली डिसेबल किए बिना स्टारलिंक डिवाइस को बेकार कर सकती है। यह तकनीक यूक्रेन जैसे संघर्ष क्षेत्रों में इस्तेमाल की जाने वाली रणनीतियों की याद दिलाती है, जहाँ शक्तिशाली जैमिंग उपकरणों को जमीन पर सैटेलाइट और GPS सिस्टम में हस्तक्षेप करते हुए डॉक्यूमेंट किया गया है।
ट्रंप का बयान, दबाव बढ़ा
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने खामेनेई शासन को बार-बार संभावित "कार्रवाई" इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह एलन मस्क से बात कर ईरान में इंटरनेट बहाल कराने की कोशिश करेंगे। ट्रंप ने कहा, “अगर संभव हुआ तो हम इंटरनेट दोबारा चालू कराएंगे। एलन इस काम में बहुत अच्छे हैं।” ट्रंप ने ईरानी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रही, तो अमेरिका “कार्रवाई” कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका “तैयार और सतर्क” है।

क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?
बताया जा रहा है कि अब तक 280 से ज्यादा शहरों और कस्बों में प्रदर्शन फैल चुके हैं। प्रदर्शनकारी खराब आर्थिक हालत, महंगाई और बेरोज़गारी के बीच धार्मिक नेतृत्व से पद छोड़ने की मांग कर रहे हैं। ईरान के धार्मिक गढ़ों से भी सामने आ रहे नारे खामेनेई और उनकी नीतियों के खिलाफ व्यापक गुस्से का संकेत देते हैं, जिसमें गाजा और लेबनान में आतंकवादी समूहों को समर्थन देना शामिल है, जबकि आम ईरानियों को रोज़ाना परेशान होने दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी की वापसी की मांग करते हुए नारे भी लगाए हैं, जिन्होंने बयान जारी किए हैं और ईरानी लोगों को उनकी "आज़ादी की लड़ाई" में "ट्रम्प की मदद" मांगी है।

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Pramod Praveenलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




