Explainer: ट्रंप ने दी ईरान के सबसे गुप्त ठिकाने को उड़ाने की धमकी, आखिर ऐसा क्या है यहां

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अमेरिकी राष्ट्रपति के निशाने पर ईरान का एक गुप्त ठिकाना आ गया है। आखिर कहां है यह ठिकाना? यहां ऐसा क्या रखा है जिसने ट्रंप को बेचैन कर दिया है? क्या इसे नष्ट करना अमेरिका के लिए इतना आसान होगा? आइए जानते हैं…

Pickaxe Mountain Donald Trump
ईरान के गुप्त ठिकाने को तबाह करने की ताक में ट्रंप।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है। इस बार धमकी दी गई है ईरान के सबसे गुप्त ठिकाने को नेस्तनाबूद करने की। ट्रंप ने साफ कहा है कि बहुत जल्द ही अमेरिका पिकएक्स माउंटेन को उड़ा देगा। इसके साथ ही उन्होंने महीनों से जारी अमेरिकी हमले को भी सही ठहराया। ट्रंप ने कहाकि इस लड़ाई का एकमात्र मकसद, तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।

क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति

डोनाल्ड ट्रंप ने कहाकि ईरान के गुप्त ठिकाने, पिकएक्स पहाड़ पर हो रही हरकतों पर कड़ी निगरानी हो रही है। यहां पर कुछ भी गड़बड़ी हुई तो अमेरिका तत्काल एक्शन लेगा। उन्होंने कहाकि हम उन सभी को जानते हैं जो पिकएक्स पर जा रहे हैं। हमारी नजर उनके ऊपर भी है जो ईरान में जगह-जगह घूम रहे हैं। ट्रंप ने आगे कहाकि अगर कुछ भी खराब हुआ तो हम उन्हें उड़ा देंगे। हम उनके ऊपर करारा हमला करेंगे। ट्रंप का यह बयान, अमिरिकी सेना के ताजा हमलों के बाद आया है। इन हमलों में अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। अमेरिकी मध्य कमान के मुताबिक यह हमले, ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर से जुड़े ठिकानों पर किए गए हैं। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, राडार और संचार से जुड़ी चीजें हैं।

क्या है पिकएक्स माउंटेन

पिकएक्स माउंटेन अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। यह ईरान के इस्फहान प्रांत में स्थित है और ईरान के नष्ट हुए नटांज यूरेनियम संवर्धन क्षेत्र के पास है। बताया जाता है कि यह पहाड़ी के अंदर बेहद गहराई में बनाया गया एक कैंपस है। यहां पर भारी सुरक्षा वाली सुरंगे हैं और इसकी जांच होना अक्सर असंभव होता है। फारसी में इसे कुह-ए कोलांग गज ला के नाम से जाना जाना जाता है। अभी तक ईरान के इस अंडरग्राउंड ठिकाने के बारे में बहुत कम जानकारी है। यहां तक कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षकों को भी कभी अंदर नहीं जाने दिया गया। केवल, सैटेलाइट इमेज और खुफिया जानकारी के आधार पर ही जो जानकारी उपलब्ध है, सिर्फ उतना ही मालूम है।

क्या बताती हैं सैटेलाइट तस्वीरें

सैटेलाइट तस्वीरों में जो नजर आ रहा है, उसके मुताबिक साल 2020 से ही यहां जमीन के अंदर निर्माण हो रहा है। तब नतांज में एक एडवांस सेंट्रीफ्यूज असेंबली वर्कशॉप में ब्लास्ट के बाद काम तेज हो गया। इसके बाद तेहरान ने इसकी जगह इससे भी अधिक एडवांस अंडरग्राउंड वर्कशॉप बनाने का ऐलान कर दिया। वॉशिंगटन स्थित विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान का अनुमान है कि इस कैंपस के कुछ हिस्से पहाड़ के 80 से 100 मीटर (करीब 260 से 330 फीट) नीचे तक हो सकते हैं। अगर यह सही है, तो इसका मतलब है कि पिकएक्स कई प्रसिद्ध ईरानी परमाणु ठिकानों से भी ज्यादा गहरा है। ऐसे में हवाई हमले में इसे नुकसान पहुंचाना बेहद मुश्किल होगा।

आखिर यहां रखा क्या गया है

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान ने पिकएक्स माउंटेन पर रखा क्या है। वहीं, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने जून में इजरायली खुफिया सूचना के हवाले से जानकारी दी थी। इसके मुताबिक ईरान ने जून 2025 में 12-दिन के अमेरिका-इजरायल बमबारी अभियान के बाद पिकएक्स माउंटेन पर बड़ी संख्या में यूरेनियम एनरिचमेंट सेंट्रिफ्यूज, इससे जुड़े घटक या फिर अन्य संवेदनशील उपकरण भेजे हैं। इस रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहाकि ऐसा हो सकता है, हालांकि हमारे पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है। वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट में सीनियर फेलो, फरजीन नादिमी ने बताया कि इस पहाड़ का रणनीतिक महत्व, इसके बंकर में छुपाए गए बमों में है। वहीं, नतांज परमाणु ठिकाने के पास इसकी मौजूदगी, इसे और जटिल बनाती है।

क्या अमेरिका तबाह कर सकता है यह पहाड़?

अगर सटीक शब्दों में कहें तो नहीं। हालांकि बंकर-बस्टर बम इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि वे जमीन और चट्टान में घुसकर जमीन के अंदर फटें। लेकिन पिकएक्स के साथ ऐसा करना इतना आसान नहीं होगा। इसकी सुरंगों की सटीक गहराई, बेहद योजना के साथ इनका निर्माण और यह भी नहीं पता होना कि अंदर कौन सा संवेदनशील उपकरण कहां रखा है, इस पर हमले को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाता है। हालांकि पूरे परिसर को तबाह करने की जगह, हमला करके इसके एंट्रेंस को बर्बाद किया जा सकता है। इससे यह होगा कि इस ठिकाने तक पहुंचना और उसे ऑपरेट करना मुश्किल हो जाएगा।

ट्रंप ने कहा यह मामूली बात

उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष को मामूली बात करार दिया। साथ ही देश के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस बयान से सहमति जताई कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को युद्ध नहीं कहा जा सकता। इस पर एक पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि जब अमेरिका के 18 सैन्यकर्मी मारे गए हैं तो वह इस संघर्ष को मामूली बात कैसे कह सकते हैं? इस पर ट्रंप ने अपना यह तर्क दोहराया कि इस संघर्ष के कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम निष्प्रभावी हो गया है। ट्रंप ने युद्ध की शुरुआत में कहा था कि यह कुछ सप्ताह में समाप्त हो जाएगा।

Deepak Mishra

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Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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