क्या है हनुका? यहूदियों की दीवाली, बोंडी बीच पर जिसका जश्न मना रहे लोगों पर बरसीं गोलियां

Dec 15, 2025 04:02 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच पर हुए हमले में अभी तक 16 लोगों की मौत हो गई है। यहां पर सभी लोग यहूदी त्योहार हनुका का जश्न मनाने के लिए आए थे, जो कि यहूदियों का 2200 साल पुराना त्योहार है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए मनाया जाता है।

क्या है हनुका? यहूदियों की दीवाली, बोंडी बीच पर जिसका जश्न मना रहे लोगों पर बरसीं गोलियां

Hanukkah Explained: ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी के बोंडी बीच पर दो आतंकी बाप-बेटे ने जश्न मना रहे लोगों पर गोलीबारी करनी शुरू कर दी। इस गोलीबारी में अभी तक 16 लोगों के मारे जाने की और करीब तीन दर्जन से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। प्रकाश के त्योहार हनुका का जश्न मना रहे यहूदी समुदाय के इन लोगों के ऊपर गोलीबारी करने वाले दोनों आतंकी पाकिस्तानी मूल के थे। इनमें से एक ही मौत हो गई है, जबकि एक को गिरफ्तार करके अस्पताल पहुंचा दिया गया है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बानीज ने इसे यहूदी विरोधी आतंकवाद करार दिया है।

गौरतलब है कि मरने वाले लगभग सभी लोग यहूदी समुदाय से थे। यह बोंडी बीच पर यहूदियों के सबसे पवित्र त्योहार हनुक्का का जश्न मनाने के लिए एकत्र हुए थे। यह त्योहार लगभग आठ दिनों तक चलता है, इसकी शुरुआत के दिन में चानुक्का बाय द सी कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। रविवार को यही कार्यक्रम था, जिसमें आतंकी बाप-बेटे ने अपनी कट्टरवादी सोच का परिणाम दिखाया।

क्या होता है हनुका?

यहूदी धर्म में हनुका को बहुत ही पवित्र त्योहार माना जाता है। आठ दिनों तक चलने वाला यह रोशनी का त्योहार हिंदुओं के त्योहार दीवाली की तरह होता है। यह त्योहार करीब 2200 साल पुरानी एक घटना के आधार पर मनाया जाता है। हिब्रु भाषा में हनुका का मतलब समपर्ण होता है।

इस त्योहार की शुरुआत की कहानी ग्रीक-सीरियाई शासकों के दौर से शुरू होती है। ऐसा माना जाता है कि इन शासकों ने यरुशलम पर कब्जा करके यहूदी धार्मिक प्रथाओं पर रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ मैकाबी नामक एक छोटे से विद्रोही कबीले ने लड़ाई लड़ी, तमाम संघर्ष के बाद, और कई जानें गंवाने के बाद आखिरकार वह अपनी से बड़ी सेना को हराने में कामयाब रहे।

इस जीत के बाद मैकाबियों ने यहूदी मंदिर को फिर से अपने कब्जे में ले लिया। मंदिर के पवित्रता को बढ़ाने के लिए उन्होंने मेनोरा (दीप स्तंभ) पर दिया जलाने की कोशिश की, लेकिन वहां पर केवल एक दिन का ही तेल उपलब्ध था। ऐसा माना जाता है कि मैकाबियों ने जब यह दिया जलाया तो यह लगभग आठ दिनों तक जलता रहा। इसके बाद यहूदियों ने इस समय को हनुका त्योहार के रूप में मनाना शुरू कर दिया।

दीपावली की तरह हनुका भी परिवार केंद्रित त्योहार है, जिसमें परिवार के सभी लोग एक जगह पर एकत्र होकर प्रार्थना करते हैं। यूरोप के कई देशों में इस त्योहार को यहूदी क्रिसमस भी कहा जाता है, क्योंकि कई बार यह त्योहार क्रिसमस के आसपास भी पड़ता है। हनुका की तारीखें हर साल बदलती रहती हैं, क्योंकि यहूदी चंद्र कैलेंडर के हिसाब से अपने त्योहारों की तारीख को तय करते हैं। ठीक उसी तरह जैसे दीपावली की तारीख भी हर साल बदलती रहती है।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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