डोनाल्ड ट्रंप की सीक्रेट रूम मीटिंग में ऐसा क्या हुआ? होते-होते नहीं हो पाया ईरान से समझौता

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

वाइट हाउस में सीक्रेट रूम मीटिंग के बाद एक बार फिर ईरान के साथ समझौते पर बात नहीं बन पाई। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान उसकी शर्तें मानने को तैयार है। हालांकि होर्मुज और परमाणु डील को लेकर बात फिर अटकी रह गई।

डोनाल्ड ट्रंप की सीक्रेट रूम मीटिंग में ऐसा क्या हुआ? होते-होते नहीं हो पाया ईरान से समझौता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि अमेरिका और ईरान समझौते के करीब पहुंच गया है। उन्होंने यहां तक कहा कि होर्मुज खुलने वाला है और ईरान परमाणु हथियारों से दूरी बनाने को तैयार है। हालांकि शुक्रवार को सीक्रेट रूम की बैठक के बाद एक बार फिर पेच अटक गया है। ट्रंप ने अपने आधिकारिक आवास एवं कार्यालय'वाइट हाउस' में शुक्रवार को अपने सलाहकारों के साथ बैठक की लेकिन ईरान के साथ युद्धविराम की अवधि बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने संबंधी प्रस्तावित समझौते पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं किया है। इस बीच ईरान ने भी कहा है कि यह समझौता अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है।

दो घंटे की बैठक, नहीं निकला कोई परिणाम

बैठक से पहले ट्रंप ने कहा था कि वह इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने वाले हैं। हालांकि, बाद में प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ लगभग दो घंटे चली बैठक बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गई।

अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि ट्रंप केवल उसी समझौते को मंजूरी देंगे जो उनकी तय शर्तों को पूरा करे और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगाए।

ट्रंप ने यह उच्चस्तरीय बैठक ऐसे समय में की जब एक दिन पहले कई मीडिया संस्थानों ने खबर दी थी कि अमेरिकी और ईरानी वार्ताकार एक प्रारंभिक समझौते पर सहमत हो गए हैं जिसके तहत मौजूदा नाजुक युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाया जाएगा और ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर फिर से वार्ताएं शुरू होंगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'ईरान को यह मानना होगा कि वह कभी परमाणु हथियार या बम नहीं बनाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए खोला जाना चाहिए और वहां बिछाई गई सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाया जाना चाहिए।

अमेरिका पर विश्वास नहीं- ईरान

वहीं, ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बघेर कालिबाफ ने शुक्रवार को कहा कि ईरान को गारंटी या शब्दों पर नहीं, बल्कि केवल ठोस कार्रवाई पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में अमेरिका और इजराइल द्वारा दो बार हमले किए जाने के बाद अविश्वास बना हुआ है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'दूसरा पक्ष कार्रवाई नहीं करेगा तो ईरान भी कोई कदम नहीं उठाएगा। हम बातचीत से नहीं, बल्कि मिसाइलों से रियायतें हासिल करते हैं।'

अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया समझौता

ट्रंप की बैठक समाप्त होने से पहले ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी प्रसारक से कहा कि समझौता 'अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है।' अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को संकेत दिया था कि वार्ताकार ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि विस्तृत शर्तों पर आगे की वार्ताओं में चर्चा होगी।

हालांकि, बघाई ने कहा कि ईरानी अधिकारी फिलहाल 'युद्ध समाप्त करने पर ध्यान लगा रहे हैं और इस समय परमाणु योजना के विवरण पर चर्चा नहीं कर रहे हैं।' ईरान चाहता है कि किसी भी समझौते में इजराइल और लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम भी शामिल हो। साथ ही, वह विदेशों में फ्रीज अरबों डॉलर के अपने फंड जारी कराने की मांग भी कर रहा है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'ईरान शर्तें तय करेगा : नकद के बदले नकद, लाभ के बदले लाभ, मुफ्त में कुछ नहीं।'

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।