क्या चाहते हैं किम जोंग उन? पूर्वी सागर की ओर दागीं मिसाइलें, भड़का दक्षिण कोरिया

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर पिछले महीने अपने वार्षिक संयुक्त उल्ची फ्रीडम शील्ड (यूएफएस) अभ्यास का दायरा घटाये जाने के बावजूद यह पूर्वाभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार ही पूरा किया गया।

क्या चाहते हैं किम जोंग उन? पूर्वी सागर की ओर दागीं मिसाइलें, भड़का दक्षिण कोरिया
उत्तर कोरिया ने आखिरी बार 20 अगस्त को पूर्वी सागर की ओर कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की थी।

दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास के समापन के ठीक एक दिन बाद उत्तर कोरिया ने शनिवार को पूर्वी सागर की ओर कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसकी जानकारी दक्षिण कोरियाई सेना ने दी है। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने बताया कि उसने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 5:20 बजे और भारतीय समयानुसार रात के 1:50 बजे वोंसान क्षेत्र से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का पता लगाया।

जेसीएस ने कहा कि वह अमेरिका के साथ मिलकर इसके सटीक विवरण का विश्लेषण कर रहा है। ये मिसाइलें समुद्र में गिरने से पहले लगभग 250 किलोमीटर तक हवा में थी। दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने शुरुआती चरण से ही उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर नजर रखी और जापान के साथ प्रासंगिक सूचना साझा की। सेना ने कहा, "हमारी सेना एक मजबूत दक्षिण कोरिया-अमेरिका रक्षा रुख के तहत उत्तर कोरिया की विभिन्न गतिविधियों पर करीबी नजर रख रही है और किसी भी उकसावे का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।"

ह्वासोंग-11 शृंखला की बैलिस्टिक मिसाइल

सूत्रों के अनुसार, उत्तर कोरिया ने अपनी ह्वासोंग-11 शृंखला की बैलिस्टिक मिसाइलों और 600 मिलीमीटर के मल्टीपल रॉकेट लॉन्चरों से एक के बाद एक कई परीक्षण किये हैं। यह ताजा प्रक्षेपण दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के जेजू द्वीप के समीप अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में आयोजित अपने पांच दिवसीय 'फ्रीडम एज' सैन्य अभ्यास के शुक्रवार को समापन के ठीक बाद हुआ।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर पिछले महीने अपने वार्षिक संयुक्त 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' (यूएफएस) अभ्यास का दायरा घटाये जाने के बावजूद यह पूर्वाभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार ही पूरा किया गया। उत्तर कोरिया के प्रति सुलह का संकेत देते हुए ट्रंप ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यासों में कटौती करने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि ये अभ्यास न केवल 'खर्चीले' हैं, बल्कि उत्तर कोरिया को 'पूरी तरह से अनुचित और शत्रुतापूर्ण' संकेत भी देते हैं।

जेसीएस ने कहा कि दक्षिण कोरियाई सेना ने किसी भी संभावित अतिरिक्त प्रक्षेपण का पता लगाने के लिए निगरानी बढ़ा दी है और अमेरिका तथा जापान के साथ जानकारी साझा करते हुए 'पूरी तरह सतर्क' होकर तैयारी बनाये रखी है।

यह मिसाइल प्रक्षेपण उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्री किम सोंग-गी के सोमवार को इस त्रिपक्षीय अभ्यास की निंदा करने और जवाबी उपाय करने की चेतावनी देने के बाद सामने आया है। एक बयान में किम ने चेतावनी दी थी, "यदि अमेरिका और उसके सहयोगी डीपीआरके (उत्तर कोरिया के आधिकारिक नाम डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया) के साथ एक नये सैन्य टकराव को भड़काने का प्रयास करते हैं, तो हम ताकत के साथ कड़े और प्रभावी जवाबी उपाय करेंगे।"

उत्तर कोरिया ने आखिरी बार 20 अगस्त को पूर्वी सागर की ओर कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की थी, जब सहयोगियों ने अपना वार्षिक यूएफएस अभ्यास आयोजित किया था।

उत्तर कोरिया लंबे समय से दक्षिण कोरिया-अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यासों को आक्रमण के पूर्वाभ्यास के रूप में निंदा करता रहा है और विरोध स्वरूप अपने हथियार परीक्षण करता रहा है।

शनिवार का यह प्रक्षेपण राष्ट्रपति ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस महीने के अंत में वाशिंगटन में होने वाले उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुआ है। आगामी ट्रंप-शी बैठक के एजेंडे में उत्तर कोरिया से जुड़े मुद्दों के शामिल होने की पूरी उम्मीद है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsविदेश न्यूज़क्या चाहते हैं किम जोंग? पूर्वी सागर की ओर दागीं मिसाइलें, भड़का दक्षिण कोरिया