सिर्फ पाकिस्तान ही है मीडिएटर, बाकी दुनिया...; सीजफायर पर क्या बोला अमेरिका

Nisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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मध्यस्थता प्रयासों में शामिल एक अधिकारी ने एपी से कहा कि मध्यस्थ तीन मुख्य विवादित बिंदुओं पर काम कर रहे हैं। इनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान को युद्ध के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा शामिल है।

सिर्फ पाकिस्तान ही है मीडिएटर, बाकी दुनिया...; सीजफायर पर क्या बोला अमेरिका

अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उनकी तरफ से सीजफायर को आगे बढ़ाने की मांग नहीं की गई है। साथ ही संकेत दिए हैं कि वार्ता का अगला दौर भी पाकिस्तान में ही हो सकता है। वाइट हाउस का कहना है कि सिर्फ पाकिस्तान ही मीडिएटर है। 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में वार्ता से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 सप्ताह के सीजफायर की बात कही थी।

वाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका की तरफ से सीजफायर बढ़ाने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा, 'आज सुबह खराब रिपोर्टिंग हुई है कि हमने सीजफायर के विस्तार की मांग की है। इस समय यह बात सच नहीं है।' उन्होंने बताया कि फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है।

उन्होंने कहा, 'हमने इन वार्ताओं और बातचीत में खुद को पूरी तरह शामिल रखा है। आपने इस हफ्ते राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से सुना ही होगा कि ये बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और अभी भी जारी है। फिलहाल की स्थिति यही है।' उन्होंने कहा, 'हमें समझौता होने की अच्छी उम्मीद लग रही है। राष्ट्रपति ने कल अपने इंटरव्यू में भी इस बात का जिक्र किया था।'

दबे सुर में वॉर्निंग

लेविट ने कहा, 'ईरान के लिए यही सबसे अच्छा होगा कि वह राष्ट्रपति की मांगों को मान ले। मुझे लगता है कि उन्होंने इस बातचीत में अपनी 'रेड लाइन्स' दूसरे पक्ष को बहुत साफ-साफ बता दी हैं।' वार्ता के संभावित स्थान को लेकर पूछे गए सवाल में उन्होंने कहा कि जो जगह पहले चुनी गई थी, संभावनाएं हैं कि बात वहीं पर दोबारा शुरू की जाएगी।

पाकिस्तान को बताया एकमात्र मीडिएटर

उन्होंने कहा, 'वार्ता पिछली बार की ही तरह उसी जगह पर होने की संभावनाएं हैं।' उन्होंने पाकिस्तान को लेकर कहा, 'वे एकमात्र मीडिएटर हैं। जबकि, दुनिया के कई देशों ने अपनी तरफ से मदद की पेशकश की है।'

ट्रंप ने दिए बातचीत के संकेत

ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वार्ता का दूसरा दौर 'अगले दो दिनों में' शुरू हो सकता है। उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि कूटनीतिक रास्तों से बातचीत बहाल करने के लिए काम हो रहा है और यह बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि अमेरिका और ईरान और दो सप्ताह युद्धविराम बढ़ाने को लेकर 'सैद्धांतिक रूप से सहमत' हो गए है, जो 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है, ताकि कूटनीति समाधान के लिए और समय मिल सके।

3 पॉइंट्स पर हो रहा है काम

मध्यस्थता प्रयासों में शामिल एक अधिकारी ने एपी से कहा कि मध्यस्थ तीन मुख्य विवादित बिंदुओं पर काम कर रहे हैं। इनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान को युद्ध के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा शामिल है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस भी बातचीत जल्द शुरू होने की संभावनाएं जता चुके हैं।

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लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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