930 किमी रेंज, रडार से बचकर हमला; JASSM-ER मिसाइलों से ईरान में गेम बदल देगा अमेरिका?

Niteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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प्रशांत क्षेत्र और अमेरिकी भूमि से इन मिसाइलों को सेंट्रल कमांड बेस और ब्रिटेन के फेयरफोर्ड तक पहुंचाया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने या शांति समझौता करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। 

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में जल्द ही एक नया दौर देखने को मिल सकता है, क्योंकि यूएस ने अधिक लंबी दूरी की मिसाइलों को ईरान के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले बेसों पर तैनात करने का फैसला किया है। ईरान युद्ध के लिए तैनात की गई यह लंबी दूरी की हथियार प्रणाली बेहद सटीक हमला करने वाले हथियारों में से एक है। लॉकहीड मार्टिन की ओर से निर्मित JASSM-ER क्रूज मिसाइलों की रेंज 930 किलोमीटर से अधिक है। यह मिसाइल दुश्मन की एयर डिफेंस सिस्टम से बाहर रहते हुए टारगेट को नष्ट करने के लिए बनाई गई है। चलिए JASSM-ER क्रूज मिसाइलों की खासियत जानते हैं...

1. JASSM-ER क्रूज मिसाइल 1000 पाउंड वजन वाले पेनेट्रेटिंग ब्लास्ट-फ्रैगमेंटेशन वारहेड से लैस है, जो मजबूत ठिकानों को भेदने में सक्षम है।

2. मिसाइल को अमेरिकी वायुसेना के फाइटर जेट जैसे F-15E, F-16 और बॉम्बर जैसे B-1B, B-2, B-52H से लॉन्च किया जा सकता है।

3. JASSM-ER मिसाइल की स्टेल्थ क्षमता इसे दुश्मन के रडार से बचाती है, जिससे पायलट सुरक्षित दूरी पर रहकर हमला कर सकते हैं।

4. प्रत्येक मिसाइल की कीमत लगभग 1.5 मिलियन डॉलर (12.7 करोड़ रुपये) है।

5. ईरान संघर्ष के पहले चार हफ्तों में अमेरिका ने एक हजार से अधिक JASSM-ER मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।

अमेरिका अपनी कुल JASSM-ER इन्वेंट्री का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा ईरान युद्ध के लिए समर्पित कर चुका है। युद्ध से पहले करीब 2300 मिसाइलों में से अब केवल 425 मिसाइलें ही अन्य जगहों के लिए बची हैं। प्रशांत क्षेत्र और अमेरिकी भूमि से इन मिसाइलों को सेंट्रल कमांड बेस और ब्रिटेन के फेयरफोर्ड तक पहुंचाया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने या शांति समझौता करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इस संदर्भ में B-52H बॉम्बर की तैनाती भी देखी जा रही है।

JASSM परिवार की यह विस्तारित रेंज वाली वैरिएंट 2001 से लॉकहीड मार्टिन की ओर से बनाई जा रही है और दो दशकों से अमेरिकी सेना में सेवा दे रही है। इसका इस्तेमाल न केवल ईरान बल्कि वेनेजुएला जैसे अन्य अभियानों में भी हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलों का उपयोग अमेरिका की अन्य क्षेत्रों जैसे चीन के खिलाफ तैयारियों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन ईरान जैसे मजबूत एयर डिफेंस वाले देश के खिलाफ यह अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है।

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Niteesh Kumar

पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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