हमने नहीं छोड़ी बातचीत की टेबल, भारत में ईरान के प्रतिनिधि ने बताई होर्मुज खोलने की शर्त

Apr 13, 2026 09:54 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज को खोलना चाहता है लेकिन इसके लिए पूरी दुनिया को आवाज उठानी होगी और युद्ध रुकवाना होगा। भारत में ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने कहा कि अमेरिका को फारस की खाड़ी से अपने जहाज हटा लेने चाहिए।

हमने नहीं छोड़ी बातचीत की टेबल, भारत में ईरान के प्रतिनिधि ने बताई होर्मुज खोलने की शर्त

इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता फेल होने के बाद दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में एक बार फिर खलबली मच गई है। अमेरिका के आक्रामक रुख को देखते हुए कहा जा सकता है कि दुनियाभर में तेल संकट की वजह से हाहाकार मच सकता है। अमेरिका ने ईरान को पोर्ट्स पर नाकेबंदी करने का फैसला कर लिया है। इसी बीच दिल्ली में ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि यह मामला केवल अमेरिका के लिए नहीं बल्कि पूरी दनिया के लिए गंभीर है। होर्मुज को लेकर उन्होंने कहा, हम उसे खोलने को तैयार हैं लेकिन अभी स्थितियां ठीक नहीं हैं। कुछ जहाजों को यहां से गुजरने की इजाजत दी जा रही है।

फारस की खाड़ी से हटें अमेरिकी जहाज- ईरान

डोनाल्ड ट्रंप के धमकी वाले बयान को लेकर उन्होंने कहा, दुनियाभर के जो भी देश या नेता शांति चाहते हैं, हमने सबसे बात करने की कोशिश कीहै। हमने कहा है कि वे सभी मिलकर आवाज उठाएं और इस युद्ध को रुकवाएं। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकी जहाज क्या कर रहे हैं? उन्हें वहां से निकल जाना चाहिए। उन्होंने कहा, हम अब भी बात करने को तैयार हैं लेकिन मानव मूल्यों, संप्रभुता और मूल अधिकारों को ध्यान में रखकर ही कोई बातचीत हो पाएगी। हमने कभी बातचीत की टेबल नहीं छोड़ी लेकिन उनकी मांगें ऐसी थीं जो कि मानी नहीं जा सकती थी।

नाकेबंदी करेगा अमेरिका

अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोमवार को भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकाबंदी शुरू करने का निश्चय किया है।कमान ने एक बयान में कहा, 'अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के बल राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार, 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे पूर्वी समय (शाम 7:30 बजे भारतीय समय) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकाबंदी शुरू करेंगे।'

कमांड का कहना है कि यह नाकाबंदी “ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से लागू की जाएगी, जिसमें अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं।” इसमें आगे कहा गया है, 'सेंटकॉम बल होर्मुज जलडमरूमध्य से गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डालेंगे।'

ईरान पर रिश्वत लेने का आरोप

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने और बाहर निकलने का प्रयास करने वाले सभी जहाजों की नाकाबंदी शुरू करेगा। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को उन सभी जहाजों पर नज़र रखने और उन्हें रोकने का भी निर्देश दिया जो जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को रिश्वत देते हैं। (वार्ता से इनपुट्स के साथ)

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लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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