सीरिया के अलेप्पो में युद्ध जैसे हालात; सेना और SDF की खूनी संघर्ष, 15 की मौत… एक लाख बेघर
सीरिया के अलेप्पो में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। सीरियाई सरकारी सेना और कुर्द बहुल सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस के बीच शेख मकसूद तथा अशरफीह जैसे कुर्द-प्रभुत्व वाले इलाकों में लगातार तीसरे दिन भीषण झड़पें चल रही हैं। इन लड़ाइयों में अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है…

सीरिया के सबसे बड़े शहर अलेप्पो में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। सीरियाई सरकारी सेना और कुर्द बहुल सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) के बीच शेख मकसूद तथा अशरफीह जैसे कुर्द-प्रभुत्व वाले इलाकों में लगातार तीसरे दिन भीषण झड़पें चल रही हैं। इन लड़ाइयों में अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक लाख से अधिक नागरिकों को अपना घर-बार छोड़कर भागना पड़ा है। अल जजीरा ने एक सीरियाई सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि सीरियाई सेना ने शेख मकसूद और अशरफीह जिलों में एसडीएफ के ठिकानों पर तोपखाने से हमले किए, जबकि भारी मोर्टार हमलों और स्नाइपर गतिविधियों के बीच लोग भागते रहे। वहीं, एसडीएफ ने कहा कि उसके लड़ाके सीरियाई क्वार्टर (हय अल-सेरियान) के पास सीरियाई सरकारी बलों के साथ भयंकर झड़पों में लगे हुए हैं।
अल जजीरा के अनुसार, राज्य मीडिया के हवाले से अलेप्पो स्वास्थ्य निदेशालय ने कहा कि एसडीएफ की गोलाबारी में कम से कम सात नागरिक मारे गए और 52 घायल हुए, जबकि एसडीएफ ने दावा किया कि कुर्द बहुल इलाकों में आठ नागरिकों की मौत हुई। स्थानीय अधिकारियों का अनुमान है कि लगभग दो-तिहाई निवासी सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से भाग गए हैं, लेकिन तोपखाने और जमीनी हमलों के बीच 100,000 से अधिक लोग अभी भी फंसे हुए हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की ने सीरियाई सरकार द्वारा अनुरोध किए जाने पर सहायता करने की तत्परता का संकेत दिया है।
तुर्की के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि अंकारा उत्तरी सीरिया में हो रहे घटनाक्रमों पर 'करीब से नजर रख रहा है' और इस बात को दोहराया कि तुर्की आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सीरिया की लड़ाई का समर्थन करता है। अल जजीरा के अनुसार, तुर्की और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल कथित तौर पर दोनों पक्षों के बीच स्थिति को शांत करने के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा लड़ाई में अशरफीह और शेख मकसूद के केंद्रीय हिस्सों में अभूतपूर्व सैन्य आवाजाही शामिल है, जो हाल के वर्षों में अलेप्पो में देखी गई सबसे तीव्र झड़पों में से एक है।
सीरियाई सरकार के सूत्रों ने अल जजीरा को बताया कि एसडीएफ अलेप्पो के शेख मकसूद और अशरफीह इलाकों से नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए मध्यस्थों के माध्यम से दमिश्क के साथ बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, एसडीएफ ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने न तो इन क्षेत्रों से सुरक्षित मार्ग की मांग की है और न ही ऐसा करने का उसका कोई इरादा है। सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में समूह ने कहा कि वह खुद को हमलावर नहीं मानता है और इसलिए उसके पास पीछे हटने का कोई कारण नहीं है। बयान में कहा गया कि हमारी सेनाओं ने किसी भी प्रकार के सुरक्षित मार्ग का अनुरोध नहीं किया है और न ही करेंगी, क्योंकि हम हमलावर पक्ष नहीं हैं।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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