यूक्रेन के खुफिया विभाग में क्यों मची उथल-पुथल? जेलेंस्की ने करीबी से ही छीन लिया पद
यूक्रेन में इन दिनों रक्षा विभाग में उथल-पुथल मची है। वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अब अपने खुफिया विभाग के चीफ को पद से हटा दिया है। बीते सप्ताह ही उन्होंने सैन्य खुफिया विभाग में भी बदलाव किया था।
यूक्रेन में इन दिनों सेना और खुफिया विभाग में काफी उलटफेर हो रहे हैं। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने देश के खुफिया चीफ को ही बर्खास्त कर दिया है। जेलेंस्की ने ही बतायाकि वासिल मैलिउक अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। बता दें कि रूस के खिलाफ कई सफल अभियानों को लेकर मैलिउक की काफी तारीफ की गई थी। जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने मैलिउक से मुलाकात की और उन्हें अबतक की शानदार सेवा के लिए धन्यवाद दिया।
मैलिउक ने कहा कि वह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं लेकिन वह एसबीयू सिस्टम का हिस्सा बने रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दुश्मन के खिलाफ अभियानों में भी वह ऐक्टिव रह सकते हैं। बीते एक महीने से ही मैलिउक के हटाए जाने की खबरें चल रही थीं। सेना के भी कई अधिकारी उनके समर्थन में उतर गए थे। उनकी अगुआई में एसबीयू ने रूस के खिलाफ कई सफल अभियान चलाए थे और कई बार रूसी सेना में घुसकर हमले किए थे।
रूस के बड़े सैन्य अधिकारी की हत्या
मैलिउक की ही अगुआई में मॉस्को में पुतिन के केमिकल वेपन डिवीजन के चीफ की हत्या करवा दी गई थी। जून 2025 में एसबीयू ने ऑपरेशन स्पाइडरवेब चलाया था। यूक्रेन की सेना ने रूस के अंदर घुसकर परमाणु क्षमता वाले बॉम्बर विमानों पर ड्रोन अटैक किया था। पिछले ही सप्ताह जेलेंस्की ने यूक्रेन के मिलिट्री इंटेलिजेंस चीफ किरिलो बुदानोव को राष्ट्रपति कार्यालय का चीफ बना दिया था उन्होंने यह भी कहा था कि वह रक्षा मंत्री भी बदलने वाले हैं।
जेलेंस्की ने सोमवर को ही येवगेनी खमारा को एसबीयू डिवीजन का चीफ बना दिया है। जब तक इस पद पर कोई स्थायी नियुक्ति नहीं होती तब तक वह डिपार्टमेंट का कार्यभार संभालेंगे। बीते दिनों रूस में व्लादिमीर पुतिन के आवास पर भी यूक्रेनी हमले की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने भी यूक्रेन पर नाराजगी जताई थी। हालांकि यूक्रेन ने सफाई देते हुए कहा था कि उसने ऐसा कोई हमला नहीं किया है। अब डोनाल्ड ट्रंप भी कहने लगे हैं कि यूक्रेन ने पुतिन के आवास पर हमला नहीं करवाया था।

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Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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