
वेनेजुएला के बदले यूक्रेन! अमेरिका और रूस में 6 साल पहले ही हो गई थी डील?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएल के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को कैदी बनाने के बाद कहा था कि अमेरिका अब इस लातिन अमेरिकी देश का शासन संभालेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई बार इस बात को दोहराया था।
लंबे समय से चले आ रहे तनाव और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद बीते शनिवार को अमेरिका ने वेनेजुएला में लंबे समय से सत्ता में रहे नेता निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है। अब यह रिपोर्ट सामने आई है कि अमेरिका के इस एक्शन से कई साल पहले ही रूस और अमेरिका के बीच एक सौदे हो चुका था। फर्स्टपोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन की पूर्व शीर्ष अधिकारी फियोना हिल ने 2019 में ही में यह बात कही थी कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक ‘अजीबोगरीब’ रणनीतिक सौदा करना चाहते थे, जिसमें यूक्रेन और वेनेजुएला का जिक्र था।
बता दें कि फियोना हिल 2017 से 2019 तक नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में यूरोप और रूस मामलों की सीनियर डायरेक्टर और डिप्टी असिस्टेंट थीं। उनके मुताबिक इस सौदे के तहत रूस चाहता था कि अमेरिका वेनेजुएला में जो चाहे करे, बदले में अमेरिका यूक्रेन में रूस को खुली छूट दे।
मोनरो डॉक्ट्रिन के तहत डील
हिल ने कहा कि यह पूरा प्रस्ताव अमेरिका की पुरानी नीति ‘मोनरो डॉक्ट्रिन’ पर टिका था, जिसके तहत अमेरिका अपने इलाके यानी अमेरिका महाद्वीप में बाहरी दखल नहीं चाहता। बदले में रूस भी चाहता था कि अमेरिका उसके इलाके, खासकर यूक्रेन और पूर्वी यूरोप, में दखल ना दे।
हिल के मुताबिक मार्च से मई 2019 के बीच रूस ने ट्रंप प्रशासन को यह संदेश दिया कि अमेरिका अगर यह चाहता चाहता है कि रूस उसके बैकयार्ड से दूर रहें, तो अमेरिका को भी ऐसा ही करना होगा।” उन्होंने इसे ‘वेनेजुएला-यूक्रेन’ स्वैप का नाम दिया था।
पुतिन ने बढ़ाया था दबाव- अमेरिकी अधिकारी
कुछ और दिलचस्प खुलासे भी हुए हैं। इसके मुताबिक इस दबाव को मजबूत करने के लिए रूस ने वेनेजुएला में मादुरो सरकार की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सैकड़ों सुरक्षाकर्मी और ऑपरेटिव्स तैनात कर दिए थे। इससे यह पता चलता है कि अगर अमेरिका चाहता है कि रूस वेनेजुएला से हाथ खींचे, तो उसे यूक्रेन में अपना समर्थन कम करना होगा। हिल ने कहा कि बाद में ट्रंप ने ऐसा करने की कोशिश की। 2019 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने यूक्रेन को दी जाने वाली 40 करोड़ डॉलर की मदद रोक दी थी।

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