विमान ने भरी उड़ान तो सामने आई बड़ी मुसीबत, रनवे से टकराई टेल; 2 घंटे तक हवा में गिराया तेल
म्यूनिख एयरपोर्ट पर वियतनाम एयरलाइंस की फ्लाइट VN34 बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। टेकऑफ के दौरान बोइंग 787-9 की रफ्तार दो बार अचानक कम हुई और दूसरी बार जब पायलटों ने यह स्थिति देखी, तब विमान के सामने रनवे का सिर्फ 91 मीटर हिस्सा बचा था। जानें फिर क्या हुआ…
जर्मनी के म्यूनिख एयरपोर्ट पर वियतनाम एयरलाइंस की एक फ्लाइट टेकऑफ के दौरान बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। वियतनाम के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAAV) की रिपोर्ट के मुताबिक, बोइंग 787-9 विमान की रफ्तार टेकऑफ रोल के दौरान दो बार कम हुई। दूसरी बार रफ्तार घटने तक विमान रनवे का काफी हिस्सा पार कर चुका था। इसके बावजूद पायलटों ने टेकऑफ जारी रखा और विमान महज करीब 91 मीटर रनवे बचा होने पर हवा में उठ सका।
बताया जा रहा है कि घटना 15 अगस्त की है। हनोई जाने वाली वियतनाम एयरलाइंस की फ्लाइट VN34 ने स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:45 बजे म्यूनिख से उड़ान भरी थी। विमान में 271 यात्री और 16 क्रू सदस्य सवार थे। टेकऑफ के कुछ ही देर बाद तकनीकी समस्या के संकेत मिलने पर पायलटों ने विमान को वापस म्यूनिख ले जाने का फैसला किया।
टेकऑफ के दौरान दो बार घटी रफ्तार
शुरुआती जांच के अनुसार, विमान जब रनवे 26L के करीब आधे हिस्से तक पहुंचा, तब उसकी गति लगभग दो सेकंड के लिए बढ़ना बंद हो गई। इसके बाद विमान ने दोबारा रफ्तार पकड़ी और V1 गति तक पहुंच गया। बता दें कि V1 वह निर्णायक गति होती है, जिसके बाद टेकऑफ को रोकना बेहद जोखिम भरा होता है।
हालांकि, कुछ ही समय बाद पायलटों ने एक बार फिर विमान की रफ्तार में गिरावट महसूस की। उस समय टेकऑफ रद्द करने के लिए पर्याप्त रनवे उपलब्ध नहीं था। पायलटों ने इंजन थ्रस्ट को अधिकतम किया और टेकऑफ जारी रखा। रनवे का केवल करीब 91 मीटर हिस्सा बचा था, जब विमान का अगला हिस्सा ऊपर उठा और बोइंग 787-9 हवा में पहुंच गया।
टेकऑफ के बाद मिले टेल स्ट्राइक और टायर प्रेशर के संकेत
बताया गया कि उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान में संभावित टेल स्ट्राइक और कम टायर प्रेशर के संकेत मिले। क्रू ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी और म्यूनिख लौटने का फैसला किया। रिपोर्ट के अनुसार, विमान करीब 9000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा। सुरक्षित लैंडिंग के लिए वजन कम करने के उद्देश्य से चालक दल ने ईंधन गिराना शुरू किया। विमान एक घंटे से अधिक समय तक एयरपोर्ट के आसपास चक्कर लगाता रहा।
इस दौरान यात्रियों ने दोनों पंखों से ईंधन ( तेल ) गिराते हुए देखा। विमान में सवार एक यात्री गुयेन निन्ह ने बताया कि टेकऑफ के दौरान विमान का अगला हिस्सा काफी देर तक रनवे पर चलता हुआ महसूस हुआ। विमान का नोज ऊपर उठते ही उन्होंने तेज आवाज भी सुनी। कुछ देर बाद कप्तान ने तकनीकी खराबी की जानकारी देते हुए बताया कि विमान को म्यूनिख लौटना होगा।
लैंडिंग से पहले यात्रियों को दी गई ब्रेस पोजीशन की हिदायत
विमान के म्यूनिख लौटने के दौरान यात्रियों के बीच तनाव बढ़ गया। निन्ह के मुताबिक, फ्लाइट स्क्रीन पर विमान का आइकन काफी देर तक एयरपोर्ट के आसपास चक्कर लगाता दिखाई देता रहा। लैंडिंग से पहले केबिन क्रू ने यात्रियों को 'ब्रेस पोजीशन' अपनाने का निर्देश दिया। विमान ने एयरपोर्ट के आसपास दो कम ऊंचाई वाले चक्कर भी लगाए, ताकि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर लैंडिंग गियर की स्थिति देख सकें। आखिरकार विमान ने स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:57 बजे रनवे 26R पर सुरक्षित लैंडिंग की। बताया गया कि टेकऑफ से लैंडिंग तक पूरा घटनाक्रम करीब दो घंटे तक चला।
चार टायर फटे, विमान की पूंछ भी क्षतिग्रस्त
शुरुआती जांच के मुताबिक, जांच में विमान के आठ मुख्य लैंडिंग-गियर टायरों में से चार के फटने की बात सामने आई है। इनमें तीन टायर बाईं ओर और एक दाईं ओर का था। जांच के दौरान विमान के पिछले निचले हिस्से पर लंबी खरोंच के निशान मिले। कई जगह बाहरी सतह भी क्षतिग्रस्त पाई गई। इन निशानों से संकेत मिलता है कि टेकऑफ के दौरान विमान की पूंछ रनवे से टकराई हो सकती है। हालांकि, ग्राउंड क्रू को आग या धुएं के कोई संकेत नहीं मिले। सबसे अच्छी बात ये रही कि विमान में सवार सभी 271 यात्री और 16 क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।
फ्लाइट अभी भी म्यूनिख एयरपोर्ट पर खड़ा
VN-A867 के रूप में रजिस्टर्ड बोइंग 787-9 को आगे की तकनीकी जांच के लिए म्यूनिख एयरपोर्ट पर ही रखा गया है। लैंडिंग के बाद विमान उत्तरी रनवे से खुद टैक्सी नहीं कर सका, जिसके चलते रनवे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा और हवाई यातायात को दक्षिणी रनवे की ओर मोड़ना पड़ा। घटना के बाद सामने आए वीडियो में विमान को रनवे के अंतिम हिस्से के करीब पहुंचने तक असामान्य रूप से लंबी दूरी तक तेज होते देखा जा सकता है। वीडियो में विमान के पीछे धूल का बड़ा गुबार भी दिखाई देता है। एक अन्य फुटेज में टेकऑफ के दौरान तेज आवाज सुनाई देती है, जबकि वापसी के दौरान लैंडिंग गियर के आसपास भारी धुआं दिखाई देता है।
जर्मनी में शुरू हुई जांच
जर्मनी का विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (BFU) इस मामले की जांच कर रहा है। विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बरामद कर लिए गए हैं और उन्हें जांच के लिए ब्राउनश्विग स्थित BFU मुख्यालय भेजा गया है। जांचकर्ताओं का मुख्य फोकस इस बात पर है कि विमान का टेकऑफ रोल इतना लंबा क्यों हुआ और टेकऑफ के दौरान उसकी गति दो बार क्यों कम हुई। वियतनाम का नागरिक उड्डयन प्राधिकरण जर्मन अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। वियतनाम एयरलाइंस को भी विमान निर्माता और इंजन निर्माता के साथ जांच में सहयोग करने को कहा गया है।


