Hindi Newsविदेश न्यूज़VIDEO Bangladesh Student Leader Brags About Lynching Hindu Cop We Burnt Him Alive
VIDEO: 'हमने हिंदू अधिकारी संतोष को जला दिया था', थाने में बैठ बांग्लादेशी नेता का सनसनीखेज दावा

VIDEO: 'हमने हिंदू अधिकारी संतोष को जला दिया था', थाने में बैठ बांग्लादेशी नेता का सनसनीखेज दावा

संक्षेप:

आत्मरक्षा में संतोष भाभू और अन्य पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोली चलाई। इसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। बाद में एक घायल व्यक्ति की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

Jan 03, 2026 12:21 pm ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, ढाका
share Share
Follow Us on

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। इस वीडियो में एक बांग्लादेशी युवक खुलेआम एक हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या का दावा करता और पुलिस अधिकारियों को धमकाता हुआ दिखाई देता है। युवक कथित तौर पर जुलाई 2024 में हुए तथाकथित 'आंदोलन' का जिक्र करता है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खोजी पत्रकार और लेखक साहिदुल हसन खोकन द्वारा शेयर किया गया। खोकन के अनुसार, वीडियो में दिख रहा युवक उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश के हबीगंज जिला का एक छात्र समन्वयक (स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर) है।

पुलिस को खुली धमकी

वीडियो क्लिप में युवक एक पुलिस स्टेशन के भीतर बैठा नजर आता है और वहां के थाना प्रभारी को सीधी धमकी देता है। वह कहता है कि पुलिस स्टेशन को जला दिया जाएगा और यह भी दावा करता है कि जुलाई आंदोलन के दौरान वे पहले ही बनियाचोंग पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर चुके हैं।

इस दौरान वह एक और सनसनीखेज और भयावह बयान देता है। युवक कहता है- हमने हिंदू अधिकारी एसआई संतोष को जला दिया।' यह बनियाचोंग थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर संतोष भाभू की ओर इशारा माना जा रहा है। यह बयान वह बिना किसी डर या पछतावे के देता हुआ सुनाई देता है।

लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो की प्रामाणिकता, वक्ता की पहचान और वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।

किस क्षेत्र से जुड़ा है मामला

हबीगंज जिला बांग्लादेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है, जहां की आबादी में लगभग 84 प्रतिशत बंगाली मुस्लिम हैं, जबकि करीब 16 प्रतिशत आबादी बंगाली हिंदुओं की है। सरकारी जनगणना आंकड़ों के अनुसार, हिंदू समुदाय खासतौर पर बनियाचोंग और हबीगंज सदर जैसे इलाकों में केंद्रित रूप से रहता आया है। इसके अलावा इस जिले में ईसाई और कुछ आदिवासी समुदायों की भी सीमित मौजूदगी है।

SI संतोष भाभू की हत्या का मामला

यह विवादित बयान एक बार फिर सब-इंस्पेक्टर संतोष भाभू की निर्मम हत्या के मामले को सुर्खियों में ले आया है। संतोष भाभू, जो बनियाचोंग पुलिस स्टेशन में तैनात थे, उन्हें 5 अगस्त 2024 को भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डाला गया था।

बांग्लादेशी अखबार देश रूपांतर की रिपोर्ट के अनुसार, उस शाम राजनीतिक अशांति के बीच एक उग्र भीड़ ने बनियाचोंग पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया था। यह घटना तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे से कुछ घंटे पहले की बताई गई है।

कैसे भड़की हिंसा

रिपोर्ट के मुताबिक, आत्मरक्षा में संतोष भाभू और अन्य पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोली चलाई। इसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। बाद में एक घायल व्यक्ति की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

रात करीब एक बजे, भीड़ एक बार फिर लौट आई और पुलिस स्टेशन को घेर लिया। जब सेना के जवान मौके पर पहुंचे, तो कथित तौर पर भीड़ ने यह शर्त रखी कि सभी पुलिसकर्मियों को जाने दिया जाएगा, बशर्ते संतोष भाभू को उनके हवाले कर दिया जाए।

लिंचिंग और अपमान

रिपोर्ट में कहा गया है कि रात करीब 2:15 बजे संतोष भाभू की लिंचिंग कर दी गई। उनका शव अगली सुबह तक सड़क पर पड़ा रहा और बाद में भीड़ द्वारा उसका और अपमान किए जाने की भी खबरें सामने आईं।

बढ़ती चिंता

अब वायरल हो रहे वीडियो में इस हत्या को लेकर खुला दावा और पुलिस को दी जा रही धमकियां, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अब तक इस वीडियो या इसके आरोपी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला देश और क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ता नजर आ रहा है।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar
अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।