बस ड्राइवर से लेकर राष्ट्रपति तक, वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के पास कितनी प्रॉपर्टी

Jan 03, 2026 10:06 pm ISTDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, काराकस (वेनेजुएला)
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अमेरिका ने शुक्रवार देर रात को वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमले किए। साथ ही कहा कि देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है। आइए आपको निकोलस मादुरो की जीवन यात्रा से आपको रूबरू कराते हैं।

बस ड्राइवर से लेकर राष्ट्रपति तक, वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के पास कितनी प्रॉपर्टी

अमेरिका ने शुक्रवार देर रात को वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमले किए। साथ ही कहा कि देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है। आइए आपको निकोलस मादुरो की जीवन यात्रा से आपको रूबरू कराते हैं। निकोलस मादुरो ने बस चालक से वेनेजुएला के राष्ट्रपति बनने तक का सफर तय किया। हालांकि उन पर देश में लोकतंत्र के पतन और आर्थिक तबाही को लेकर आंखे मूंदे रहने के आरोप लगे। विभिन्न मोर्चों पर कई महीने के अमेरिकी दबाव के बाद ये घटनाक्रम सामने आया है।

ऐसे शुरू हुआ सफर
मादुरो ऐसे समय में शासन कर रहे थे, जब पिछले कुछ महीने से अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमला करने और उसे अपने नियंत्रण में लेने के इरादों की अटकलों को हवा दी जा रही थी। अमेरिकी हमले का उद्देश्य उस स्वघोषित समाजवादी क्रांति को समाप्त करना था, जिसे मादुरो के दिवंगत राजनीतिक गुरु और पूर्ववर्ती ह्यूगो शावेज ने 1999 में शुरू किया था। शावेज की तरह, मादुरो ने भी अमेरिका को वेनेजुएला के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था। साथ ही लोकतांत्रिक मानदंडों को बहाल करने के किसी भी प्रयास के लिए डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन प्रशासन की कड़ी आलोचना की थी।

40 साल पहले राजनीतिक करियर की शुरुआत
मादुरो का राजनीतिक करियर लगभग 40 साल पहले शुरू हुआ था। 1986 में, वह एक साल के वैचारिक प्रशिक्षण के लिए क्यूबा गए, जो हाई स्कूल के बाद उनकी एकमात्र औपचारिक शिक्षा थी। वापस लौटने पर, मादुरो ने काराकस में बस चालक के रूप में काम किया, जहां वह जल्दी ही एक श्रमिक संघ के नेता बन गए। 1990 के दशक में वेनेजुएला की खुफिया एजेंसियों ने उन्हें क्यूबा सरकार से घनिष्ठ संबंध रखने वाले घोर वामपंथी के रूप में चिन्हित किया। मादुरो ने अंततः बस चालक की नौकरी छोड़ दी और उस राजनीतिक आंदोलन में शामिल हो गए जिसे शावेज ने खड़ा किया था।

शावेज ने घोषित किया उत्तराधिकारी
शावेज को वर्षों पहले एक असफल सैन्य तख्तापलट का नेतृत्व करने के लिए 1994 में राष्ट्रपति से क्षमादान मिला था, जिसके बाद उन्होंने राजनीतिक अभियान शुरू किया था। साल 2013 में अपने निधन से पहले राष्ट्र को दिए गए अपने अंतिम संबोधन में शावेज ने मादुरो को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। 2013 में राष्ट्रपति बनने के बाद से मादुरो लगातार इस पद पर बने हुए थे। इससे पहले मादुरो देश के विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति भी रहे चुके थे।

कितनी है संपत्ति
सालों तक भ्रष्टाचार के दावों के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि निकोलस मादुरो के पास कितनी प्रॉपर्टी है। कोई विस्तृत सार्वजनिक वित्तीय विवरण भी उपलब्ध नहीं है। आंकड़े काफी भिन्न हैं। कुछ आकलनों के अनुसार, उनकी रिपोर्ट की गई संपत्ति अन्य नेताओं की तुलना में कम है जिन पर भ्रष्टाचार का आरोप है। हालांकि सेलेब्रिटी नेट वर्थ के अनुसार, मादुरो की अनुमानित संपत्ति लगभग 2 मिलियन डॉलर है।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra
दीपक मिश्र मीडिया इंडस्ट्री में करीब 17 साल का अनुभव रखते हैं। खेल, सिनेमा और राजनीति पर प्रमुखता से काम किया है। खासतौर पर खेल की खबरों से जुनून की हद तक मोहब्बत है। 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2014 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप प्रमुखता से कवर कर चुके हैं। फोटोग्राफी और मोबाइल वीडियो स्टोरी के साथ-साथ पॉडकास्ट में विशेष रुचि रखते हैं। दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट के साथ काम करते हुए कई वीडियो स्टोरीज पर काम किया। इसी दौरान आईपीएल पर पॉडकास्ट के साथ एक अन्य पॉडकास्ट ‘शहर का किस्सा’ भी कर चुके हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद आज अखबार के साथ पत्रकारिता की शुरुआत हुई। इसके बाद दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट और पत्रिका अखबार में काम किया है। आई नेक्स्ट की डिजिटल विंग में काम करते हुए कई नए और रोचक प्रयोग किए। लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। और पढ़ें

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