ईरान की कमर तोड़ने की योजना, अमेरिका का इरादा क्या? होर्मुज में रुक नहीं रहे हमले

लाइव हिन्दुस्तान, लंदन/पनामा सिटी
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अमेरिका ने ईरान को फिर से धमकी दी है कि वह आर्थिक दबाव और ज्यादा बढ़ाएगा। इस बीच होर्मुज से गुजरने वाले दो और जहाजों पर हमला हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह बिना इजाजत के होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे थे।

 Donald Trump
डोनाल्ड ट्रंप पर अमेरिका में काफी ज्यादा दबाव है।

अमेरिका ने ईरान को फिर से धमकी दी है कि वह आर्थिक दबाव और ज्यादा बढ़ाएगा। इस बीच होर्मुज से गुजरने वाले दो और जहाजों पर हमला हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह बिना इजाजत के होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने बताया दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत आगे नहीं बढ़ी है। दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म होने के बाद सीजफायर हुआ था। लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह सीजफायर कई बार टूटा है।

ईरान पर और ज्यादा पाबंदियां

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पत्रकारों से कहाकि अमेरिकी सेना के पास क्षेत्र में नौसैनिक मौजूदगी बनाए रखने की क्षमता है ताकि ईरान की नाकेबंदी की जा सके। उन्होंने कहाकि ईरान ने देश को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। हेगसेथ के मुताबिक अमेरिका की नौसेना अनिश्चित काल तक ऐसी नाकेबंदी बनाए रख सकती है क्योंकि हम जहाजों को घूम-घूम कर तैनात करेंगे। हम ऐसा करना जारी रखेंगे। वहीं, ट्रेजरी सेक्रेट्री स्कॉट बेसेंट ने कहाकि अमेरिका ईरान पर और अधिक फाइनेंशियल चोट पहुंचाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहाकि अगले हफ्ते और घोषणाओं का इंतजार कीजिए। हम ऐसे उपाय लागू करने जा रहे हैं जो किसी देश के आर्थिक अलगाव के इतिहास में कभी नहीं देखे गए हैं।

ट्रंप के ऊपर है दबाव

गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर अपने देश में काफी दबाव है। उनके ऊपर इस बात का लेकर दबाव है कि वह ईरान के साथ युद्ध को खत्म करें। ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रंप की लोकप्रियता को कम कर रही हैं। ऐसे में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में उनकी पार्टी का कांग्रेस पर नियंत्रण कमजोर हो सकता है।

होर्मुज में दो जहाजों पर निशाना

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान पर सरकारी स्वामित्व वाली तेल कंपनी द्वारा संचालित दो टैंकरों पर होर्मुज क्षेत्र से गुजरते समय ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया है। यूएई ने शुक्रवार को कहाकि ये हमले समुद्री डकैती की घटनाएं थीं। इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इनसे उस महत्वपूर्ण जलमार्ग से माल ले जाने वाले जहाजों के सामने मौजूद खतरा उजागर हुआ। यह जलमार्ग फारस की खाड़ी से खुले समुद्रों तक जाता है, जबकि ईरान इस मार्ग पर अपना मजबूत नियंत्रण बनाए हुए है।

कब हुआ हमला

अबू धाबी की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी एडीएनओसी के स्वामित्व वाले दो टैंकरों पर बृहस्पतिवार की शाम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया गया। यूएई ने बताया कि हमले में कोई घायल नहीं हुआ और हालात पर काबू पा लिया गया है। ब्रिटिश सेना के ‘यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर’ ने कहाकि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय ड्रोन हमलों में दो जहाजों को मामूली नुकसान होने की सूचना मिली। इसने इन जहाजों की पहचान एडीएनओसी के जहाजों के रूप में नहीं की।

यूएई के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहाकि ये संयुक्त राष्ट्र के नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन हैं। विदेश मंत्रालय ने कहाकि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल आर्थिक दबाव बनाने के साधन के रूप में करना, ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ द्वारा की गई समुद्री डकैती की घटनाएं हैं। यह क्षेत्र की स्थिरता, वहां के लोगों और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा है। ईरान की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

Deepak Mishra

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Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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