ईरान की कमर तोड़ने की योजना, अमेरिका का इरादा क्या? होर्मुज में रुक नहीं रहे हमले
अमेरिका ने ईरान को फिर से धमकी दी है कि वह आर्थिक दबाव और ज्यादा बढ़ाएगा। इस बीच होर्मुज से गुजरने वाले दो और जहाजों पर हमला हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह बिना इजाजत के होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे थे।

अमेरिका ने ईरान को फिर से धमकी दी है कि वह आर्थिक दबाव और ज्यादा बढ़ाएगा। इस बीच होर्मुज से गुजरने वाले दो और जहाजों पर हमला हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह बिना इजाजत के होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने बताया दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत आगे नहीं बढ़ी है। दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म होने के बाद सीजफायर हुआ था। लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह सीजफायर कई बार टूटा है।
ईरान पर और ज्यादा पाबंदियां
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पत्रकारों से कहाकि अमेरिकी सेना के पास क्षेत्र में नौसैनिक मौजूदगी बनाए रखने की क्षमता है ताकि ईरान की नाकेबंदी की जा सके। उन्होंने कहाकि ईरान ने देश को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। हेगसेथ के मुताबिक अमेरिका की नौसेना अनिश्चित काल तक ऐसी नाकेबंदी बनाए रख सकती है क्योंकि हम जहाजों को घूम-घूम कर तैनात करेंगे। हम ऐसा करना जारी रखेंगे। वहीं, ट्रेजरी सेक्रेट्री स्कॉट बेसेंट ने कहाकि अमेरिका ईरान पर और अधिक फाइनेंशियल चोट पहुंचाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहाकि अगले हफ्ते और घोषणाओं का इंतजार कीजिए। हम ऐसे उपाय लागू करने जा रहे हैं जो किसी देश के आर्थिक अलगाव के इतिहास में कभी नहीं देखे गए हैं।
ट्रंप के ऊपर है दबाव
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर अपने देश में काफी दबाव है। उनके ऊपर इस बात का लेकर दबाव है कि वह ईरान के साथ युद्ध को खत्म करें। ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रंप की लोकप्रियता को कम कर रही हैं। ऐसे में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में उनकी पार्टी का कांग्रेस पर नियंत्रण कमजोर हो सकता है।
होर्मुज में दो जहाजों पर निशाना
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान पर सरकारी स्वामित्व वाली तेल कंपनी द्वारा संचालित दो टैंकरों पर होर्मुज क्षेत्र से गुजरते समय ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया है। यूएई ने शुक्रवार को कहाकि ये हमले समुद्री डकैती की घटनाएं थीं। इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इनसे उस महत्वपूर्ण जलमार्ग से माल ले जाने वाले जहाजों के सामने मौजूद खतरा उजागर हुआ। यह जलमार्ग फारस की खाड़ी से खुले समुद्रों तक जाता है, जबकि ईरान इस मार्ग पर अपना मजबूत नियंत्रण बनाए हुए है।
कब हुआ हमला
अबू धाबी की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी एडीएनओसी के स्वामित्व वाले दो टैंकरों पर बृहस्पतिवार की शाम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया गया। यूएई ने बताया कि हमले में कोई घायल नहीं हुआ और हालात पर काबू पा लिया गया है। ब्रिटिश सेना के ‘यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर’ ने कहाकि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय ड्रोन हमलों में दो जहाजों को मामूली नुकसान होने की सूचना मिली। इसने इन जहाजों की पहचान एडीएनओसी के जहाजों के रूप में नहीं की।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहाकि ये संयुक्त राष्ट्र के नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन हैं। विदेश मंत्रालय ने कहाकि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल आर्थिक दबाव बनाने के साधन के रूप में करना, ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ द्वारा की गई समुद्री डकैती की घटनाएं हैं। यह क्षेत्र की स्थिरता, वहां के लोगों और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा है। ईरान की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।


