‘मेरी पत्नी से दूर रहो…’ उषा को लेकर मुस्लिम उम्मीदवार पर भड़के अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस

लाइव हिन्दुस्तान, वाशिंगटन
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अब्दुल अल-सईद पर जमकर हमला बोला। अल-सईद ने सोशल मीडिया पर वेंस की पत्नी उषा वेंस का जिक्र किया था, जिसके बाद वेंस ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी पत्नी का नाम अपनी बातों में न लाएं।

JD वेंस का अब्दुल अल-सईद को करारा जवाब, उषा वेंस का नाम लेने पर दी सीधी चेतावनी
JD वेंस का अब्दुल अल-सईद को करारा जवाब, उषा वेंस का नाम लेने पर दी सीधी चेतावनी

अमेरिका के मिशिगन में सीनेट चुनाव से पहले राजनीतिक टकराव अब निजी हमलों तक पहुंचता दिख रहा है। रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार माइक रोजर्स के लिए प्रचार करने पहुंचे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद पर तीखा हमला बोला। वेंस ने अल-सईद को चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी पत्नी उषा वेंस का नाम अपनी बातों में न लाएं।

स्टर्लिंग हाइट्स, मिशिगन में MAGA Inc. की एक रैली के दौरान वेंस ने कहा, “मेरी पत्नी का नाम अपनी जुबान से दूर रखो।” उन्होंने अल-सईद को “बहुत, बहुत बुरा” भी बताया। मिशिगन की सीनेट सीट का मुकाबला अमेरिकी सीनेट के नियंत्रण के लिहाज से अहम माना जा रहा है। चुनाव पूर्वानुमानों में मिशिगन उन छह सीनेट मुकाबलों में शामिल है जिन्हें बेहद करीबी यानी टॉस-अप माना जा रहा है। सोमवार को जारी एक सर्वे में अल-सईद रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स से चार प्रतिशत अंक आगे थे, जबकि 10 फीसदी मतदाता अभी भी तय नहीं कर पाए थे कि वे किसे वोट देंगे।

उषा वेंस को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद?

विवाद की शुरुआत जेडी वेंस के अल-सईद पर किए गए हमले से हुई। ओहायो में एक रैली के दौरान वेंस ने शरिया कानून को लेकर अल-सईद की पिछली टिप्पणियों की आलोचना की थी।

वेंस ने कहा कि वह समय में पीछे जाकर अपने दिवंगत दादा, जिन्हें वह “पापॉ” कहते हैं, को ऐसे राजनेता के बारे में बताना चाहते हैं जो कामकाजी लोगों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है, लेकिन शरिया कानून का समर्थन करता है और इसकी आलोचना को “श्वेत वर्चस्व” मानता है। वेंस ने कहा, “यह मेरे दादा की डेमोक्रेटिक पार्टी नहीं है।”

इसके बाद अल-सईद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वेंस के उस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें वह अपने दादा के बारे में बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने वेंस की पत्नी और सेकंड लेडी उषा वेंस का भी जिक्र किया। अल-सईद ने लिखा, “तो क्या हमें लगता है कि जेडी उषा को अपने साथ समय में पीछे ले जाकर पापॉ से मिलवाने जा रहे हैं, या नहीं?” उषा वेंस भारतीय प्रवासियों की बेटी हैं और उनका पालन-पोषण हिंदू परिवार में हुआ है।

इस टिप्पणी के बाद वेंस ने अल-सईद पर अपने परिवार के बारे में “अजीब तरह से बात करने” का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने सीधे कहा कि उनकी पत्नी का नाम इस विवाद में न लाया जाए। वेंस ने कहा, “लेकिन अब्दुल, तुम जो चाहो उस बारे में बात करो, मेरी पत्नी का नाम अपनी जुबान से दूर रखो, क्योंकि वह तुम्हारी पहुंच से बहुत बाहर हैं।”

जेडी वेंस ने अल-सईद को बताया ‘बहुत, बहुत बुरा’

वेंस ने मिशिगन के सीनेट चुनाव को रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के बीच एक बड़े वैचारिक चुनाव के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन उम्मीदवार सभी मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करना चाहता है, जबकि उन्होंने अल-सईद पर एक समुदाय के हितों को दूसरों से ऊपर रखने का आरोप लगाया।

वेंस ने कहा कि अमेरिका में एक ऐसी सोच बढ़ रही है, जिसे वह “बहुत, बहुत बुरा” मानते हैं। उनके मुताबिक, कुछ लोग खुद को साझा राष्ट्र के नागरिक के तौर पर देखने के बजाय एक समूह के लिए दूसरे समूह की कीमत पर लड़ते हैं। वेंस ने आगे आरोप लगाया कि अल-सईद उन लोगों के प्रति सहानुभूति रखते हैं जो उनका धर्म साझा करते हैं, लेकिन दूसरे धर्म के लोगों के प्रति ऐसा रवैया नहीं रखते।

उन्होंने कहा कि अल-सईद ऐसे व्यक्ति हैं जो किसी हत्यारे से सिर्फ इसलिए माफी मांग सकते हैं क्योंकि वह “सही तरह” का दिखता है, लेकिन किसी निर्दोष बच्चे की तकलीफ को नहीं समझेंगे अगर उसका धर्म “गलत” हो। वेंस ने मिशिगन के मतदाताओं से नवंबर में इसे खारिज करने और माइक रोजर्स का समर्थन करने की अपील की।

अल-सईद ने भी वेंस को दिया जवाब

जेडी वेंस के “बुराई” वाले आरोप पर अब्दुल अल-सईद ने भी पलटवार किया। उन्होंने इसी शब्द का इस्तेमाल ट्रंप प्रशासन और रिपब्लिकन पार्टी पर हमला करने के लिए किया।

अल-सईद ने एक बयान में कहा कि कामकाजी लोगों से स्वास्थ्य सेवाएं छीनकर अरबपतियों को टैक्स में राहत देना बुराई है। उन्होंने कहा कि व्यापार युद्ध और वास्तविक युद्ध को बढ़ावा देते हुए लोगों को किराने के सामान और गैस के लिए ज्यादा भुगतान करने को मजबूर करना भी बुराई है। उन्होंने लोगों को अपने फायदे के लिए बांटने और थोड़ी सी सत्ता के लिए अपने नैतिक मूल्यों को बेचने को भी “बुराई” बताया।

अल-सईद ने कहा कि मिशिगन को ओहायो और फ्लोरिडा से आने वाले “कठपुतलियों के भाषण” की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मिशिगन के लोग जानते हैं कि दांव पर क्या लगा है और नवंबर में मतदान के जरिए माइक रोजर्स को हरा देंगे।

इजरायल और शरिया कानून को लेकर भी विवाद

अल-सईद को हाल में मिशिगन के एक सिनेगॉग पर मार्च में हुए हमले के बाद की गई अपनी टिप्पणियों को लेकर माफी मांगनी पड़ी थी। उस समय उन्होंने कहा था कि “हिंसा एक चक्र है” और “जिन लोगों को चोट लगी है, वे दूसरों को चोट पहुंचाते हैं।” हमले से एक सप्ताह पहले हमलावर के परिवार के कुछ सदस्य लेबनान में इजरायली हवाई हमले में मारे गए थे। हालांकि, अल-सईद ने उस समय सिनेगॉग पर हुए हमले और व्यापक रूप से यहूदी-विरोधी भावना की भी निंदा की थी। रिपब्लिकन नेता शरिया कानून को लेकर अल-सईद की टिप्पणियों और हसन पिकर के साथ उनके संबंधों को लेकर भी लगातार हमला कर रहे हैं।

Amit Kumar

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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